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शिक्षक भर्ती 2025: ग्रेड-III के 7000+ पदों पर भर्ती, नोटिफिकेशन जारी

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के लिए विस्तृत  आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) में कुल 7,123 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रीट पास अभ्यर्थी अब 7 नवंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर, 2025 है। भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी और इसका रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा, जिसके बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। कौन कर सकता है आवेदन? लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए उम्मीदवार के पास उच्चतर माध्यमिक या इसके समकक्ष कम से कम 50% अंकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना अनिवार्य है और उम्मीदवार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना आवश्यक है। इसमें विषय विशेष के लिए सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान या हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में शैक्षणिक योग्यता और भर्ती की पूरी जानकारी जरूर देख लें। आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इतना लगेगा आवेदन सामान्य वर्ग और कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये है। राजस्थान के नॉन-कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये है। ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in या SSO पोर्टल पर जाएं।     इसके बाद, अपनी ईमेल और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।     अब रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।     इसके बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।     स्पेलिंग और विवरण पर खास ध्यान दें।     पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर को स्कैन करके दिए गए साइज में अपलोड करें।     आवेदन शुल्क भुगतान करें और फाइनल सबमिट और प्रिंट आउट ले लें।  

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: राजस्थान में ओवरस्पीडिंग पर दर्ज होगी FIR, ड्रिंक एंड ड्राइव मामले बढ़े 8%

जयपुर राजस्थान में इस साल सितंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामलों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। यह डेटा उस समय सामने आया है जब महज दो दिनों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 28 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में 40,715 मामले सामने आए थे, जिनमें ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए थे, जबकि 2025 में सितंबर तक यह आंकड़ा 43,788 तक पहुँच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले जयपुर और जोधपुर जिलों से दर्ज हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर दोपहर जयपुर के हरमाड़ा इलाके में लोहे की मंडी के पास तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए। डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, “दुर्घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई। प्राथमिक जांच में ड्राइवर शराब के नशे में पाया गया। उसे हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया गया है।” हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि डंपर पहले एक बाइक से टकराया और लोगों ने उसका पीछा किया। इसके बाद ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई और लगभग 300 मीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में चिंताजनक स्थिति नवीनतम एनसीआरबी रिपोर्ट (2023) के अनुसार, राजस्थान देश में सातवें स्थान पर है जहाँ सबसे ज्यादा 24,694 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें से 7,179 हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए और 4,172 लोगों की मौत हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, खराब सड़कें, वाहनों की स्थिति की जांच का अभाव और ब्लैक स्पॉट सुधार में सुस्ती— ये मुख्य कारण हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।” विशेषज्ञों ने की परिवहन विभाग की आलोचना जयपुर स्थित मुस्कान फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक नेहा खल्लर ने कहा, “हर बार हादसे के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगता है, जबकि सड़क सुरक्षा नीति बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की होती है।” उन्होंने बताया कि राज्य में केवल दो वाहन फिटनेस सेंटर हैं, जो पूरे राजस्थान की निगरानी के लिए अपर्याप्त हैं। “राज्य में व्यावसायिक वाहनों के लिए टेस्टिंग ट्रैक तक नहीं है, फिर भी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे ड्राइवर कभी प्रशिक्षित नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा। नेहा खल्लर ने यह भी बताया कि राजस्थान की कुल सड़क लंबाई का मात्र 11% हिस्सा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का है, लेकिन 60% हादसे इन्हीं पर होते हैं। बावजूद इसके, सरकार की ट्रैफिक जागरूकता मुहिम ज्यादातर शहरों तक सीमित हैं। उन्होंने हाल ही में जयपुर के हरमाड़ा हादसे का हवाला देते हुए कहा, “ड्राइवर दोषी जरूर था, लेकिन राज्य में ब्रेद एनालाइज़र टेस्ट सही तरीके से लागू नहीं हुए हैं। उस ड्राइवर के खिलाफ पिछले दो महीनों में तीन बड़े चालान दर्ज थे, फिर भी उसका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया?” जयपुर में ओवरस्पीडिंग पर 3 के खिलाफ एफआईआर जयपुर यातायात पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के तीन मामलों में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देश पर यातायात पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों में दर्ज तेज रफ्तार वाहनों की फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की। मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 281 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183, 184 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज वाहनों में RJ60CE0209 (103 किमी/घं.), RJ45CY3139 (119 किमी/घं.) और RJ60SY7327 (113 किमी/घं.) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहन चालकों ने जानबूझकर लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर मचा घमासान: सरकारी स्कूलों में अनिवार्यता पर नेताओं में ठनी

जयपुर राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में हर सुबह वंदे मातरम् गीत गाने को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। यह कदम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों के महत्व और पूरे साल देशभक्ति वर्ष मनाने के अभियान का हिस्सा है। शिक्षा विभाग ने कहा कि आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। 15 नवंबर तक यह व्यवस्था सभी संस्थानों में लागू हो जाएगी, और इसकी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। कांग्रेस ने किया विरोध वहीं, कांग्रेस ने इस निर्णय को लेकर विरोध जताया है। प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति या संगठन की इच्छा से नहीं। उन्होंने चेताया कि इस तरह के फ़रमान आने वाले समय में संघ के ध्वज-प्रणाम या शस्त्र पूजा को भी मदरसों में लागू करने की कोशिश हो सकती है। ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हरसहाय यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें, शिक्षकों की कमी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के बावजूद सरकार इन असली मुद्दों पर चुप है। सरकार ने बचाव किया शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह निर्णय किसी धर्म या मजहब के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों में समान देशभक्ति माहौल तैयार करने के लिए लिया गया है। जयपुर में 'वंदे मातरम् @ 150' के भव्य आयोजन की तैयारी ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी जयपुर में आज भव्य आयोजन की तैयारी है। सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जिसमें करीब 50 हजार लोग एक साथ राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन करेंगे। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी भावना को समर्पित वर्षव्यापी अभियान "वंदे मातरम् @ 150" की शुरुआत है, जो 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में चलेगा।

19 दिन से लापता अलवर के छात्र की रूस में मिली लाश, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

अलवर राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. कफनवाड़ा गांव में रहने वाला 22 साल का अजीत चौधरी रूस के उफ़ा शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था, अब अजीत का शव व्हाइट रिवर के पास बने एक बांध में मिला है. अजीत बीते 19 अक्टूबर से लापता था. उसके शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.  परिजनों ने तीन बीघा जमीन बेचकर बेटे को डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए भेजा था. अजीत साल 2023 से रूस के उफा में स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था. वहां वह बीते 19 अक्टूबर को करीब 11 बजे हॉस्टल से निकला था. दोस्तों ने बताया था कि वो दूध लेकर वापस आधा घंटे में लौटने की कहकर निकला था. उसके बाद वापस नहीं लौटा. रुस में स्थित भारतीय दूतावास से परिजनों को इस मामले को देख रहे सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान को सूचना मिली कि लापता छात्र अजीत चौधरी का शव व्हाइट रिवर से लगते एक बांध में मिला है. शव की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, भाजपा नेता बन्नाराम मीना ने बताया कि दूतावास से सूचना मिली है कि छात्र अजीत चौधरी का शव मिल गया है. शव की पहचान अजीत के साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों ने की है. अब विदेश मंत्रालय और रूस में स्थित भारतीय दूतावास व रूसी सरकार से वार्ता कर शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करने के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. शव को भारत लाने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है. इस मामले को लेकर अलवर के जाट छात्रावास में एक बैठक हुई, जिसमें समाज के लोगों ने रूस में लापता छात्र अजीत चौधरी की तलाश करने में लापरवाही बरतने की बात कही. साथ ही शव को जल्द से जल्द भारत लाने की मांग रखी गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान व जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर ने दूतावास से मिली सूचना के बारे में बताया कि अजीत चौधरी का शव मिल गया है. मृतक अजीत के पिता व दादा का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें लोगों ने सांत्वना दी.

सड़क सुरक्षा पर सरकार सख्त, फुटपाथ दुरुस्ती और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू

जयपुर राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को प्रगतिरत एवं आवश्यकतानुसार नवीन कार्यों को विशेष अभियान चलाकर 30 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण, फुटपाथ व डिवाइडर मरम्मत एवं रखरखाव, स्वच्छता और यातायात संकेतक कार्य त्वरित गति से पूर्ण किए जाएं। फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों पर लगाए जाएंगे रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अनाधिकृत रोड़ कट तत्काल बन्द किए जाएंगे एवं सडकों के जंक्शन के आस-पास अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा।  इसी तरह सड़कों के जंक्शन पर आवश्यकतानुसार स्लिप लेन निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों एवं घुमाव पर वाहन खड़े नही करने सहित अन्य गतिविधियों के लिए रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। जेब्रा क्रॉसिंग, थर्मोप्लास्ट पेन्ट एवं सडक डिवाइडर के रंग-रोगन के कार्य नियमित रूप से किये जाएंगे। साथ ही, नगरीय क्षेत्र की सड़कों के नवीनीकरण के समस्त कार्य 31 मार्च, 2026 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगरीय निकाय द्वारा निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदको की सूचना, कार्य की लागत राशि एव समयावधि की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आमजन द्वारा किसी भी असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारी से सम्पर्क किया जा सके। क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं मैनहोल कवर का होगा दुरूस्तीकरण, लगाए जाएंगे सांकेतिक रिफ्लेक्टिव बोर्ड इसी तरह आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाकर डिवाइडर एवं फुटपाथ रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय क्षेत्रों में खुले नाले-नालियों को सुरक्षित रूप से ढकने, क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं सीवर लाइन के मैनहोल कवर का दुरूस्तीकरण भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। इसी तरह, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग की पुख्ता व्यवस्था भी की जाएगी। नगरीय निकाय द्वारा विशेष तौर पर नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर फुटपाथों व सड़कों से अतिक्रमण हटवाए जाएंगे एवं व्यावसायिक वाहनों हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सडकों के किनारे एवं डिवाइडर पर लगी हैज, पेड पौधों की नियमित कटाई, छंटाई एवं रखरखाव तथा सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ एवं सड़कों पर बिजली के खुले तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाएगा। सीबीयूडी ऐप पर खुदाई कार्यों की अनिवार्यता, उल्लघंन पर होगी कार्रवाई नगरीय विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सडकों पर खुदाई कार्यों से पूर्व प्रस्तावित कार्य का ब्यौरा सीबीयूडी ऐप पर आवश्यक रूप से अंकित करने एवं ऐप पर अंकन किए बिना संपादित कार्य पर पैनल्टी लगाने के प्रावधान के सख्त निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीयूडी ऐप पर बिना इन्द्राज किए खुदाई कार्य करने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा कठोर दण्डात्मक कार्रवाइ अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही, कार्यां में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबधित इंजीनियर इन्चार्ज एवं संवेदक के उत्तरदायित्व का भी निर्धारण होगा।

जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों का हो रहा आयोजन

माडा क्षेत्र की ग्राम सभाओं में भगवान बिरसा मुंडा को दी गई पुष्पांजलि भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की ली शपथ जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेशभर में भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार गुरुवार को बस्सी पंचायत समिति में खिलौना बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं नवाचार से जोड़ना था। कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने बड़ी तादाद प्रतिभागियों को खिलौने बनाने की बारीकियों से रूबरू करवाया। वहीं, कार्यक्रम के तहत माडा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की ग्राम सभा में विशेष संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी तादाद में प्रतिभागियों ने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की शपथ ली। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि 1 से 15 नवम्बर 2025 तक भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारम्भ हुई है। राज्य सरकार द्वारा यह आयोजन भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों, संघर्ष और योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों को योजनाओं का लाभ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आगामी कार्यक्रमों के तहत 7 नवम्बर को कृषकों की संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी विभागीय गतिविधियों योजनाओं एवं भगवान बिरसा मुण्डा की जीवनी पर प्रकाश डालेंगे। वहीं, 8 नवंबर को वन विभाग के माध्यम से वनोपज, वनधन, एफआरए एवं लसोड़ा के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा साथ ही, राजीविका द्वारा संबंधित ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। 9 नवंबर को टीएडी के आवासीय विद्यालयों एवं आश्रम छात्रावासों में भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसप्रकार 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव वर्ष के अंतर्गत विभिन्न जन जागरण, सांस्कृतिक एवं विकासपरक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास को जनसहभागिता का अभियान बना रही है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आरम्भ हुई यह श्रृंखला समाज के आदिवासी गौरव, स्वाभिमान और संस्कृति को सम्मान देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।

गहलोत ने हरमाड़ा हादसे के पीड़ितों का हाल जाना, बोले—सरकार कर रही है उपेक्षा

जयपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के हरमाड़ा हादसे में घायल लोगों से एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार हादसों के बाद तब ही हरकत में आती है, जब लोग धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होते हैं। उन्होंने कहा कि हरमाड़ा में डंपर की टक्कर से 13 लोगों की मौत हो गई, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी प्रकार का मुआवजा घोषित नहीं किया गया है, जो बेहद संवेदनहीनता है। गहलोत ने कहा कि चाहे जोधपुर का हादसा हो या जैसलमेर में बस में आग लगने की घटना, सरकार तब ही राहत देती है जब लोग मॉर्च्यूरी के बाहर विरोध दर्ज कराते हैं। उन्होंने मांग की कि हरमाड़ा हादसे के सभी पीड़ितों और मृतकों के परिवारों को तत्काल राहत राशि दी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में गुजरात और बिहार के लोग भी घायल हुए हैं, इसलिए सरकार को बिना भेदभाव सहायता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान और जोधपुर हाईकोर्ट ने सड़क हादसों पर संज्ञान लिया है, जो खुद सरकार की विफलता को दर्शाता है। गहलोत ने सुझाव दिया कि सरकार को एक विशेष समिति गठित कर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए, ताकि सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लग सके। उन्होंने कहा कि कई जगह सड़कों पर स्पीड ब्रेकर नहीं हैं और कई स्थानों पर गलत तरीके से बने हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। आज आरटीओ के पास गाड़ियों की गति मापने की मशीनें मौजूद हैं, फिर भी सड़क सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लगातार हो रही मौतें सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। अस्पताल में गहलोत ने घायल गुजरात निवासी मनोज गोविंद व्यास से मुलाकात कर हालचाल जाना। मनोज ने बताया कि वे छह दोस्तों के साथ खाटूश्यामजी दर्शन के लिए आए थे। हादसे में उनके दो दोस्तों की मौत हो गई और चार घायल हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद लूटपाट की भी घटना हुई, जिसमें उनका मोबाइल और पर्स चोरी हो गया। नीमकाथाना निवासी देशराज ने बताया कि हादसे में उनका ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल होने के बावजूद उन्होंने अन्य लोगों की मदद की। वहीं गोविंदपुरा कालवाड़ निवासी ज्ञानरंजन ने बताया कि उनके पिता अजय को गंभीर चोटें आई हैं और वे आईसीयू में भर्ती हैं। गहलोत ने कहा कि सरकार को ऐसे हादसों से सबक लेना चाहिए और पीड़ितों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचानी चाहिए ताकि परिवारों को राहत मिल सके।

उदयपुर में परिचालक भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न, आधे से कम परीक्षार्थी पहुंचे केंद्रों पर

उदयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा शनिवार को परिचालक (कंडक्टर) भर्ती परीक्षा का आयोजन प्रदेशभर में किया गया। कुल 500 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में 1 लाख 12 हजार से अधिक अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इसके लिए राज्य के 14 जिलों में 370 परीक्षा केंद्र बनाए गए। उदयपुर जिले में परीक्षा एक ही पारी में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित हुई, जिले में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 5064 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 49.59 फीसदी उम्मीदवार ही परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की आवाजाही शुरू हो गई थी। प्रवेश सुबह 9 बजे से दिया गया और 10 बजे गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। एग्जाम सेंटरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी। पुलिसकर्मियों ने प्रवेश से पहले उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच की। कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों के हाथों में बंधे धागे काट दिए गए, ताकि किसी तरह की नकल या तकनीकी मदद न ली जा सके। सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग की गई। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के बाहर ही जमा करवाए गए। परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी गई। बोर्ड ने इस बार अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एडमिट कार्ड के साथ एक विशेष लिंक भी जारी किया है। इस लिंक को स्कैन कर उम्मीदवार आसानी से अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकते हैं। यह सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच बड़े जिलों में शुरू की गई है। फिलहाल इसमें गूगल लोकेशन या मुख्य प्रवेश द्वार की फोटो उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसमें बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की दिशा सहित अन्य उपयोगी जानकारी दी गई है। कुल मिलाकर, सख्त सुरक्षा और तकनीकी सुविधा के बीच यह परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। अब अभ्यर्थियों को रिजल्ट और कट-ऑफ का इंतजार है, जो चयन बोर्ड द्वारा बाद में जारी किया जाएगा।

अंता सीट पर गर्म हुआ माहौल, जीत के लिए कांग्रेस-भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

जयपुर/बारां अंता विधानसभा उपचुनाव की जंग अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस चुनावी रण को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस ने मैदान में करीब 300 नेताओं की फौज उतार दी है, जिनमें सांसदों से लेकर पीसीसी पदाधिकारियों तक शामिल हैं। हर गांव और हर बूथ पर नेताओं को तैनात किया गया है ताकि मतदाता तक सीधा संपर्क बनाया जा सके। वहीं बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी प्रचार में उतर चुकी हैं। आज अंता में वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल शर्मा का संयुक्त रोड शो रखा गया है। पार्टी ने अब तक 272 नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जिनमें 40 बड़े नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है। चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी और स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतवार 170 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। हर पंचायत में 3-3 नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक सचिन पायलट बुधवार को अंता में रोड शो कर चुके हैं।  गोविंद डोटासरा, सुखजिंदर रंधावा, सचिन पायलट और टीकाराम जूली जैसे दिग्गज नेता पहले ही प्रचार में जुट चुके हैं। आने वाले दिनों में अशोक गहलोत के भी अंता पहुंचने की संभावना है। भाजपा की रणनीति और बड़ा रोड शो वहीं भाजपा भी अब पूरी ताकत से मैदान में उतर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज 6 नवंबर (गुरुवार) को अंता में भव्य रोड शो करेंगे। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन भी एक विशेष रथ पर सवार होंगे। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे एक साथ किसी सीट पर प्रचार करते दिखाई देंगे। वसुंधरा राजे पहले ही प्रचार अभियान की शुरुआत कर चुकी हैं। रोड शो की तैयारियां पूरी रोड शो दोपहर 12 बजे मांगरोल के सुभाष चंद्र बोस सर्किल से शुरू होकर आज़ाद चौक होते हुए सीसवाली चौराहा तक निकाला जाएगा। पूरे मार्ग पर 51 स्वागत द्वार सजाए गए हैं और जगह-जगह कार्यकर्ता फूल बरसाकर स्वागत करेंगे। कार्यक्रम में महिला और युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रहेगी। भाजपा का दावा है कि यह रोड शो क्षेत्र में पार्टी के प्रति जनसमर्थन को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम सुबह 10:50 बजे जयपुर से प्रस्थान के बाद झालावाड़ होते हुए मांगरोल पहुंचेगा। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रोड शो के बाद वे पुनः जयपुर लौटेंगे। चुनावी महत्व अंता उपचुनाव से भले ही विधानसभा का समीकरण न बदले, लेकिन दोनों दल इसे राजनीतिक संदेश देने का मौका मान रहे हैं। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राजस्थान में अब तक 7 उपचुनाव हो चुके हैं। लेकिन यह पहला उपचुनाव है जब सीएम भजनलाल शर्मा व पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ रोड शो में नजर आएंगे। वहीं कांग्रेस के भी तमाम बड़े नेता लगातार अंता में आ रहे हैं। छोटी-छोटी सभाओं तक में जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा सत्ता में जनसमर्थन दिखाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। आखिरी तीन दिनों में दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के बीच सियासी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।  

उधारी में 1000, बदले में 1 करोड़: सब्जीवाले की दोस्ती ने किया कमाल

जयपुर  सब्जी बेचकर परिवार का पालन करने वाले अमित सेहरा भले ही 'नए करोड़पति' हैं, लेकिन वह दिल के पहले से ही अमीर हैं। तभी तो जिस दोस्त से 1000 रुपये उधार लेकर वह 11 करोड़ जीते उसे अब मूलधान के अलावा एक करोड़ रुपये वापस करने जा रहे हैं। राजस्थान में जयपुर के कोटपुतली के निवासी अमित की कहानी इन दिनों सुर्खियों में है। लोग उनकी किस्मत ही नहीं, विनम्रता और दोस्त की मदद को याद रखने की भी तारीफ कर रहे हैं। दरअसल, अमित सेहरा अपने एक दोस्त मुकेश के पास घूमने के लिए पंजाब गए थे। उन्होंने बठिंडा में एक लॉटरी की दुकान और उस पर टिकट खरीदने वालों की भीड़ देखी तो उनका मन भी ललचा गया। वह भी अपनी किस्मत आजमाना चाहते थे। पता चला कि एक टिकट के लिए 500 रुपये खर्च करने होंगे। अमित के जेब में उस वक्त टिकट के लायक पैसे नहीं थे। उन्होंने संकोच किए बिना मुकेश से तुरंत एक हजार रुपये उधार लिए। अमित सेहरा ने तुरंत दुकान से दो लॉटरी के टिकट खरीद लिए। एक अपनी पत्नी के नाम और एक खुद के नाम। पंजाब स्टेट लॉटरी-दिवाली बंपर 2025 के लिए 11 करोड़ रुपये का जैकपॉट निकलने वाला था। अमित को तब कहां पता था कि अब उन्हें आगे किसी से उधार लेने की जरूरत नहीं होगी। वह पंजाब से वापस राजस्थान आ चुके थे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि वही वह खुशनसीब हैं, जिसे सबसे बड़ी इनामी राशि मिलेगी तो वह ना तो भगवान का आभार जताना भूले और ना ही अपने उस दोस्त की मदद। सेहरा ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पास लॉटरी पुरस्कार प्राप्त करने की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए चंडीगढ़ जाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं। जयपुर के कोटपुतली से आये और ठेले पर सब्जी बेचने वाले सेहरा ने कहा,'यह भगवान का आशीर्वाद है कि उन्होंने मुझे ‘छप्पर फाड़ के’ दिया।' उन्होंने कहा कि वह यह पैसा अपने दो छोटे बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और एक घर भी बनवाएंगे। अमित ने कहा कि वह अपने दोस्त मुकेश को लॉटरी टिकट के वास्ते पैसे उधार देने के लिए एक करोड़ रुपये देंगे। वह मुकेश की दो बेटियों के नाम 50-50 लाख रुपये देने जा रहे हैं।