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दिल का इलाज हुआ और शरीर पर नहीं लगा एक भी टांका — जानें हार्ट वाल्व बदलने की अत्याधुनिक तकनीक

हिसार हिसार के चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जिंदल अस्पताल हिसार में बिना किसी चीड-फाड़ के हार्ट के एओर्टिक वाल्व को सफलतापूर्वक बदला गया है। यह नई और अत्याधुनिक तकनीक ट्रांस कैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (तावी) के नाम से जानी जाती है, जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। जिंदल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि हिसार के जाने माने प्रॉपर्टी व्यवसायी गुलशन सिंगला को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज पहले से ही हाई शुगर, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। जांच में पाया गया कि उनके हार्ट के एओर्टिक वाल्व में अत्यधिक सिकुड़न और कैल्शियम का जमाव हो चुका था, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता कम हो गई थी और हार्ट कमजोर हो गया था। डॉ. अनिमेष अग्रवाल के अनुसार, ऐसे मामलों में वाल्व रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपचार विकल्प होता है। अब तक यह सर्जरी केवल ओपन हार्ट ऑपरेशन द्वारा ही संभव थी, जो कई मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है। तावी तकनीक के माध्यम से बिना चीर-फाड़ पैर की नस के रास्ते कृत्रिम वाल्व को हार्ट तक पहुंचाकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया जाता है। इसी तकनीक से मरीज का सफल उपचार किया गया। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलोअप जांच में पाया गया कि मरीज के हार्ट का फंक्शन पूरी तरह सामान्य हो चुका है। अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक भारद्वाज ने बताया कि हिसार और आसपास के क्षेत्रों में अब तक तावी के बहुत ही सीमित केस हुए हैं। केस की जटिलता को देखते हुए यह संभवतः यह अपनी तरह का पहला सफल मामला है। इस जटिल प्रक्रिया में रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. प्रियंका छाबड़ा और डॉ. पंकज लीखा, कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नीरज मोंगा, कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक चहल तथा फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गर्ग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।   जिंदल अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रितु चोपड़ा ने कहा कि अस्पताल कार्डियोलॉजी विभाग को इस प्रकार के एडवांस्ड ट्रीटमेंट का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिंदल अस्पताल और समस्त जिंदल परिवार हरियाणा व हिसार के मरीजों तक नवीनतम चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अस्पताल में हादसा: GMCH-32 की गिरती छत से मचा हड़कंप

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेन गेट की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। हादसे के समय मौके पर मरीज, उनके परिजन और सुरक्षा कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर सीलिंग कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरती तो कई लोगों को गंभीर चोटें आ सकती थीं। गौरतलब है कि इस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन महज 8 महीने पहले, 8 अगस्त 2025 को किया गया था। नए बने अस्पताल में इस तरह की घटना ने प्रशासन और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नगर निगम चुनाव का बदला गणित: अम्बाला सीट बीसी-बी महिला के लिए आरक्षित, पंचकूला और सोनीपत अनारक्षित

चंडीगढ़ हरियाणा के 3 नगर निगमों पंचकूला, अम्बाला और सोनीपत में मेयर पद चुनाव के लिए वीरवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से ड्रॉ निकाला गया। इसमें अम्बाला को महिला बी.सी. बी के लिए रिजर्व किया गया जबकि पंचकूला और सोनीपत की सीट अनारक्षित रहेगी। इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल इसी महीने में समाप्त हो चुका है। इसके लिए आज तीसरी बार ड्रॉ रखा गया था। इससे पहले 1 और 15 दिसम्बर को डॉ की तारीख तय की गई थी लेकिन दोनों बार इसे टालना पड़ा था। खास बात यह है कि अम्बाला में बी.सी. बी की महिला के लिए पहली बार मेयर पद आरक्षित हुआ है। बी.सी. बी. कैटेगरी में 5 प्रमुख जातियां अहीर, गुज्जर, लोध, सैनी और मेव आती हैं, जहां अम्बाला में मेयर पद के लिए बेहतर महिला प्रत्याशी खोजना भाजपा और कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। आरक्षण का ड्रॉ होने के बाद अब अम्बाला, सोनीपत और पंचकूला नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। बताया गया मार्च से अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है। प्रदेश में चुनाव के लिए प्रस्तावित तीनों निगमों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। उक्त निगमों निगम कमिश्नर को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया है। चर्चा है कि मार्च में चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी जहां अप्रैल में चुनाव हो सकता है। इस संबंध में राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। आई.ए.एस. की निगरानी में हुए ड्रॉ की हुई वीडियोग्राफी पंचकूला स्थित शहरी स्थानीय निदेशालय में आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। ड्रॉ के लिए आई.ए.एस. वीरेंद्र सिंह दहिया की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई। वीरेंद्र दहिया ने कहा कि ड्रा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही।   अन्य 8 नगर निगमों में आरक्षण की यह है स्थिति प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं। इनमें से 8 के चुनाव पहले ही हो चुके हैं। 3 नगर निगमों का कार्यकाल इसी माह पूरा हुआ है। फरीदाबाद नगर निगम महिला और गुरुग्राम नगर निगम बी. सी.-ए कैटेगरी की महिला के लिए आरक्षित है। यमुनानगर में मेयर का पद एस.सी. कैटेगरी महिला और रोहतक में नगर निगम मेयर का पद एस.सी. कैटेगरी के पुरुष के लिए रिजर्व है। बाकी के 5 निगम हिसार, करनाल, मानेसर और पानीपत सामान्य वर्ग के लिए हैं। नगर परिषद और पालिकाओं में भी पूरी हुई आरक्षण प्रक्रिया नगर परिषद रेवाड़ी और नगर पालिका सांपला, उकलाना व धारूहेड़ा में प्रधान के पदों को आरक्षित करने के लिए नियमों में वर्णित गठित समिति की बैठक में फैसला लिया गया। इसमें रोटेशन और अनुसूचित जाति की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिशतता के आधार पर नगर परिषद रेवाड़ी में प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया। नगर पालिकाओं सांपला, उकलाना और धारूहेड़ा में ड्रॉ ऑफ लॉट से आरक्षण घोषित किया गया। इनमें नगर पालिका उकलाना में प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। इसके अलावा 6 निकायों में उप-चुनाव भी होंगे जिनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। इन निकायों में एक-एक वार्ड पार्षद के चुनाव होंगे।

गोहाना में आग का तांडव! फैक्ट्री धू-धू कर जली, हालात बेकाबू, बाहरी जिलों से मंगानी पड़ी मदद

गोहाना गोहाना शहर के महमूदपुर रोड स्थित एक सूत की निवार फैक्ट्री में आज सुबह अचानक से आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज उठने लगीं। वहां मौजूद लेबर ने फैक्ट्री मालिक को आग की सूचना दी। उसके बाद अग्निशमन को फैक्टी में आग लगने को लेकर सूचित किया गया। बाद में जैसे ही अग्निशमन की 2 गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए पहुंचीं तो आग धीरे-धीरे और भीषण होने लगी। 10 घंटे से ज्यादा समय हो गया मगर अभी तक फैक्ट्री में लगी आग पर आग पर काबू नहीं पाया गया है। गोहाना, सोनीपत और रोहतक से भी अग्निशमन की गाड़ियां आग बुझाने को लेकर बुलाई गई हैं। अग्निशमन कर्मचारी आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास कर रहे हैं लेकिन आग बुझने का नाम नहीं ले रही है।   अग्निशमन कर्मचारी ने बताया कि हमें निवार फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अग्निशमन की गाड़िया आ गई थीं। आग ज्यादा होने के कारण अभी भी बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। आग लगने के कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फायर ब्रिगेड कर्मचारी लगातार आग पर काबू पाने का काम कर रहे लेकिन अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। आग से हुए नुकसान का अभी तक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। फैक्ट्री में मशीन, कच्चा माल और तैयार माल का गोदाम है, जहां पर आग लगी है। आग बुझने पर ही पता चलेगा की कितना नुकसान है।

जुलाना में सुरक्षा कड़ी: 26 जनवरी से पहले होटल-धर्मशालाओं में पुलिस का सर्च ऑपरेशन

जुलाना जुलाना की नई अनाजमंडी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जुलाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी विक्रम जोसन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कस्बे के विभिन्न होटलों, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाना रहा। पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख होटलों में ठहरे लोगों की जांच की और होटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखें। इस दौरान पहचान पत्रों की गहनता से जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। वहीं थाना प्रभारी विक्रम जोसन ने बताया कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

हरियाणा में सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की पेंशन पर HC का बड़ा आदेश

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को मिलने वाली पेंशन एक सांविधानिक रूप से संरक्षित, निहित अधिकार है जिसे समायोजित या न्यूट्रलाइज नहीं किया जा सकता। अदालत ने हरियाणा सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें लोकायुक्त के रूप में नियुक्त पूर्व जजों के वेतन से उनकी पेशन काटी जा रही थी। न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा कि हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम, 2002 के तहत लोकायुक्त का वेतन वर्तमान हाईकोर्ट जज के समकक्ष तय है और इसमें पेंशन कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार को अपने स्तर पर पेंशन काटने का कोई अधिकार नहीं था। अदालत ने इस कार्रवाई को असाविधानिक, भेदभावपूर्ण और विधिसम्मत आधार से रहित करार देते हुए सभी बकाया राशि 6 प्रतिशत व्याज सहित चार सप्ताह में जारी करने का निर्देश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एनके सूद सहित अन्य पूर्व जजों की याचिका पर आया, जिन्होंने हरियाणा के लोकायुक्त के रूप में निर्धारितb पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। याचिकाकर्ताओं ने 18 अगस्त 2022 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए राज्य ने उन्हें हाईकोर्ट जज के समकक्ष पूरा वेतन देने से इन्कार करते हुए पेंशन काट ली थी। मामले की मूल कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए न्यायमूर्ति मौदगिल ने कहा, यह विवाद न तो न्यायसंगत का है और न ही प्रशासनिक विवेक का। यह सांविधानिक आदेश का प्रश्न है। जहां संविधान और संसदीय कानून प्रभावी ही वहां कार्यपालिका की व्याख्या टिक नहीं सकती। अदालत ने राज्य के दोहरे लाभ वाले तर्क को खारिज कर दिया।     

नायब सैनी का बयान: ऐसा बजट तैयार किया जाए जो राज्य के संतुलित विकास को गति दे

कुरुक्षेत्र  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाॅल में बजट के लिए भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का ऐसा बजट तैयार करना है जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही प्रदेश के आम नागरिक के लिए बजट बनाया जाएगा। इसमें आमजन की राय को शामिल करने के लिए ही समाज के हर समूह से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों पर सभी अधिकारी व विषय विशेषज्ञ गंभीरता के साथ मंथन करेंगे और आमजन के हित को जहन में रखकर बजट को तैयार किया जाएगा। उन्होंने संगठन प्रतिनिधियों से बजट पर सुझाव लिए और हर संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत भी की। एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं : सैनी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के नागरिकों का बजट है। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसा बजट तैयार करना है, जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षा, खेल व सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। जनभागीदारी से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दूरदर्शी, संतुलित और जन-अपेक्षाओं पर आधारित बजट प्रस्तुत करना है जिसका प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि आने वाले वर्षों में धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे। बजट-पूर्व सुझावों पर हुई ठोस कार्रवाई, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से संबंधित एक्शन-टेकन रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों को सरकार की ओर से गंभीरता से लेते हुए पिछले बजटों में शामिल किया गया था जिनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बजट से संबंधित 11 परामर्श बैठकें की गई थीं। इनमें विभिन्न हितधारकों से 73 महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए जिनमें से 32 को शामिल किया गया। इन बैठकों के दौरान महिला वर्ग, उद्योग व स्वास्थ्य क्षेत्र, विभिन्न विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास एवं स्किलिंग, आबकारी विभाग और इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है। 

हरियाणा से बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत, अब सफर होगा बिना किसी परेशानी के

चंडीगढ़   बिहार से हरियाणा में आकर बसे कामगारों को अब त्योहार व अन्य किसी मौके पर घर जाने के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। छठ पूजा की तर्ज पर हरियाणा के शहरों से बिहार के लिए बस सेवा की शुरुआत होगी। इसके लिए बिहार के परिवहन विभाग ने हरियाणा परिवहन विभाग से संपर्क साधा है। अभी हरियाणा से फिलहाल कोई बस सेवा नहीं है। ऐसे में बिहार के लोगों को ट्रेन या फिर दिल्ली की बसों में सवार होकर जाना पड़ता है। छठ पूजा में पहली बार हरियाणा से बिहार के लिए बसें चलाई गई थीं। ट्रायल सफल होने के बाद अब फिर से हरियाणा के उन शहरों में बसें चलाई जाएंगी जहां बिहार के लोगों की संख्या अधिक है। सबसे पहले गुरुग्रामसे बस चलाने की योजना है। गुरुग्राम व उसके आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते हैं। उसके बाद दूसरे शहरों से भी बसें चलाई जा सकती हैं।     हरियाणा के नौ शहरों में इलेक्ट्रिक बसें मार्च तक आ जाएगी। इसके लिए हरियाणा परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार ने बताया कि अगली परचेज कमेटी की बैठक में बस खरीद का प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इलेक्ट्रिक बसें डिपो में पहुंच जाएगी। अभी हरियाणा के नौ शहरों में सिर्फ पांच-पांच इलेक्ट्रिक बसें भेजी गई थीं अं जबकि इन शहरों में 50-50 बसें भेजने का प्रस्ताव है। 

हरियाणा में भारी बारिश और ओले, 12 जिलों में मचा कोहराम, पानीपत में अंधेरा, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम में बारिश के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। लंबा ट्रैफिक जाम रहा, जिससे ऑफिस, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पानीपत में हाईवे और अंबाला में कॉलोनी में जलभराव हो गया। भिवानी में अब तक सबसे ज्यादा 15 एमएम बारिश दर्ज की गई, वहीं मेवात और पलवल एरिया में मौसम शुष्क रहा। उधर, सीएम नायब सैनी बारिश के बीच ही चड़ीगढ़ के सेक्टर तीन स्थित सुभाष पार्क पहुंचे और वहां लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने नमन किया। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 7 जिलों कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश में 60 किलोमीटर/ घंटे की दर से ठंडी हवाएं चल रही है। प्रदेश में 25 जनवरी तक बारिश के आसार बने रहेंगे। हालांकि, बादलों की आवाजाही से रात के तापमान में 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की ठिठुरन कम होगी, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट की स्थिति बनी रहेगी। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

HERC का बड़ा आदेश: हरियाणा में बिजली निगमों को 3 महीने में देना होगा CSI सर्टिफिकेट, ISO सर्टिफिकेशन अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की पावर यूटिलिटीज को सेवा गुणवत्ता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई), बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लागू करने और सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आईएसओ प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है।    एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि अब एसएसी की बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि एसएसी की बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को पावर यूटिलिटीज द्वारा समयबद्ध ढंग से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एचईआरसी के सदस्य मुकेश गर्ग और  शिव कुमार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी. आर. कंबोज , एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल आर. के. खन्ना व एचपीजीसीएल, एचवीपीएन, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य एसएसी सदस्य उपस्थित रहे। आयोग ने सभी पावर यूटिलिटीज को निर्देश दिया कि वे तीन माह के भीतर सुव्यवस्थित उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई) लागू करें, जिसकी मासिक निगरानी की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया कि सीएसआई का मूल्यांकन सेक्शन स्तर पर जूनियर इंजीनियर से लेकर उप-मंडल, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि जवाबदेही तय हो और उपभोक्ता सेवाओं में प्रभावी सुधार हो। लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए अध्यक्ष ने चार माह के भीतर बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इसे एक रणनीतिक प्रदर्शन प्रबंधन उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा, जिसके माध्यम से वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण और उनकी निगरानी की जाएगी। प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा फील्ड स्तर से लेकर शीर्ष प्रबंधन स्तर तक की जाएगी, जिनमें उपभोक्ता संतुष्टि, संचालन दक्षता, सुरक्षा, हानियों में कमी, सेवा गुणवत्ता और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसकी मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। प्रक्रियाओं के मानकीकरण पर आयोग ने बताया कि हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) वर्तमान में राज्य की एकमात्र आईएसओ प्रमाणित यूटिलिटी है। आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम  (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा डीएचबीवीएन को भी आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता, एकरूप प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सुनिश्चित की जा सकें। लागत अनुकूलन पर जोर देते हुए शर्मा ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की बिजली खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार कम करने के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटी एंड सी) हानियों को और कम करने के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई कि यूएचबीवीएनऔर डीएचबीवीएन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान प्रस्तुत किया है।