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CET ग्रुप-C का इंतजार खत्म: 13.5 लाख युवाओं का रिजल्ट जारी, अब अगला कदम क्या होगा?

चंडीगढ़  लगभग चार माह के इंतजार के बाद शुक्रवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एचएसएससी ने ग्रुप सी पदों के लिए हुई सीईटी कॉमन पात्रता परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। प्रदेशभर के करीब साढ़े 13 लाख युवाओं को इन नतीजों का बेसब्री से इंतजार था। यह परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं थी बल्कि उन युवाओं के सपनों का रास्ता थी जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे थे। रिजल्ट जारी होने की जानकारी मिलते ही हरियाणा के शहरों, कस्बों और गांवों में युवाओं की नजरें मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन पर टिक गईं। कोई साइबर कैफे पहुंचा, कोई घर पर बैठा ऑनलाइन रिजल्ट देखने लगा। कई जगह स्टूडेंट्स ने ग्रुप बनाकर रिजल्ट देखना शुरू किया। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में ‘ओपन हो रहा है’, ‘ओटीपी नहीं आ रहा’, ‘तेरा कितना आया’ जैसे संदेश तेजी से वायरल होने लगे। रिजल्ट आते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया, जिससे ओटीपी देरी से आने और लॉगिन में दिक्कत की समस्या दिखी। इसके बावजूद युवाओं में उत्साह साफ दिखाई दिया क्योंकि अब सबसे बड़ा सवाल रिजल्ट नहीं बल्कि यह था कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी। चयन आयोग ने 26 और 27 जुलाई को डबल शिफ्ट में यह परीक्षा आयोजित करवाई थी। कुल 1350 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे और 13 लाख 47 हजार से ज्यादा युवा परीक्षा में शामिल हुए थे। इसलिए स्लो हुई साइट इन नतीजों का इंतजार काफी लंबा था। चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने जैसे ही सोशल मीडिया पर रिजल्ट की जानकारी साझा की, उम्मीदवारों ने तुरंत वेबसाइट पर लॉगिन करना शुरू कर दिया। साइट पर अचानक बढ़े लोड के कारण कई अभ्यर्थियों को ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी हुई। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई अभ्यर्थी अपना पासवर्ड भूल जाता है तो ‘फॉरगेट पासवर्ड’ विकल्प से नया पासवर्ड बना सकता है। रिजल्ट के साथ पीडीएफ भी जारी रिजल्ट के साथ शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की पीडीएफ सूची भी जारी कर दी गई है। उम्मीदवार अपने अकाउंट से स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। अगला बड़ा सवाल यह है कि ग्रुप सी भर्तियों का नोटिफिकेशन कब जारी होगा। सूत्रों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत विभाग, प्रशासनिक शाखाएं, फार्मेसी, क्लर्क, ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट, फील्ड वर्कर और तकनीकी स्टाफ जैसे कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। भले ही रिजल्ट से जुड़ी औपचारिकताओं में आयोग को कुछ समय लगेगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि ग्रुप सी नौकरियों के रास्ते अब पूरी तरह खुल चुके हैं।

हरियाणा पुलिस का मेगा एक्शन: चौथे दिन 707 रेड, 165 अपराधियों की गिरफ्तारी

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस के राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन स्पॉट डॉमिनेशन’ ने चौथे दिन यह साफ कर दिया कि जहां पहले अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने हुआ करते थे, वहां अब पुलिस की लगातार मौजूदगी और कानून का कड़ा नियंत्रण है। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि हरियाणा अब अपराधियों के लिए बचाव नहीं, बल्कि कार्रवाई का क्षेत्र बन चुका है। 4 दिसंबर को पुलिस ने राज्यभर के चिन्हित 707 अपराध-संभावित स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 92 नए केस दर्ज किए और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।    अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। इनमें      • 4.33 किलोग्राम गांजा     • 218 ग्राम अफीम     • 85 ग्राम हेरोइन     विदेशी दौरों के लिए नये नियम, अब ट्रेनिंग वालों को मिलेगी राहत'     • 2 किलोग्राम डोडा-पोस्त     • 23.5 ग्राम स्मैक     • 890 नशीली गोलियां शामिल हैं। विशेषकर सिरसा और फतेहाबाद में तस्करी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब हरियाणा में नशा फैलाना धंधा नहीं, बल्कि जोखिम है। अवैध शराब, हथियार और गैंगस्टरों पर कार्रवाई     कार्रवाई के दौरान पुलिस ने     • 1000 से अधिक अवैध शराब की बोतलें     • 570 लीटर लहन     • 3 अवैध पिस्तौल     • 5 जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियारों से जुड़े पांच नए मामले दर्ज किए गए। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 22 गैंग से जुड़े हिंसक अपराधियों की गिरफ्तारी रही। इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस साझा, फरारों पर शिकंजा पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ 15 खुफिया रिपोर्ट साझा कीं ताकि अपराधी प्रदेश बदलकर न बच सकें। फतेहाबाद में एक आरोपी के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया गया और उसका पासपोर्ट रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। गैंगों की आर्थिक प्रणाली पर सीधी चोट डीजीपी ओपी संह के मुताबिक अभियान का लक्ष्य सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति और आपराधिक ढांचे को खत्म करना है। फतेहाबाद में अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क की गई और हांसी में तीन अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होंने कहा कि अवैध कमाई से तैयार की गई कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी।

महोत्सव की बदइंतजामी पड़ी भारी: गीता महोत्सव के बाद लाडवा SDM की छुट्टी, दो अफसर ट्रांसफर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव की अव्यवस्था का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखने लगा है। आयोजन में भीड़ कम रहने और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर हुई किरकरी के बाद सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसी क्रम में लाडवा एसडीएम पंकज सेतिया को पद से हटा दिया गया है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज और पंजाबी गायक कंवर ग्रेवाल के कार्यक्रमों में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ न आने से पूरे आयोजन की योजना और प्रबंधन पर सवाल उठे। प्रशासन की तैयारी को लेकर उठी आपत्तियों के बाद सरकार ने जवाबदेही तय करते हुए आदेश जारी किए।   मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी तबादला आदेशों के अनुसार 2019 बैच के एचसीएस अधिकारी अनुभव मेहता को लाडवा का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। अनुभव मेहता इससे पहले करनाल में एसडीएम थे। उन्हें लाडवा एसडीएम के साथ कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल में संयुक्त निदेशक प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पूर्व एसडीएम पंकज सेतिया लगभग 15 महीनों से लाडवा में तैनात थे और उनके पास कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज भी था। गीता महोत्सव में अव्यवस्थाएं उजागर होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है। इसी आदेश में 2020 बैच के एचसीएस अधिकारी अजय सिंह को कैथल एसडीएम पद से हटाकर सिरसा में सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

हरियाणा के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! अब मुफ्त में सिखाई जाएंगी ये भाषाएँ, विदेश में रोजगार होगा आसान

हरियाणा  हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी आई है। हरियाणा सरकार ने युवा वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए नई पहल शुरू की है। विदेश में रोजगार के लिए युवाओं को जर्मन, जापानी और इतालवी भाषाएं निशुल्क सिखाई जाएंगी। बताया जा रहा है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के निदेशक मंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप कार्यबल विकसित करने के लिए “विदेशी भाषा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना को स्वीकृति दे दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बोर्ड की 12वीं बैठक में कई परिवर्तनकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विश्वस्तरीय कौशल विकास, रोजगार सृजन और कार्यबल के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जैसे-जैसे वैश्विक गतिशीलता भाषा प्रवीणता पर निर्भर हो रही है, यह योजना प्रमाणित उम्मीदवारों का एक तैयार पूल बनाने में मदद करेगी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय नौकरी की आवश्यकताएं उत्पन्न होते ही तैनात किया जा सकता है।

गांव-गांव खिलेगा डेयरी बिज़नेस: हरियाणा सरकार शुरू करने जा रही बड़ी पहल

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार राज्य में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में नया कदम उठाने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के सभी गांवों में दुग्ध उत्पादक सहकारी सोसायटियों का गठन किया जाएगा। सरकार ने विशेष रूप से विधवा महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और अंत्योदय परिवारों को इन सोसायटियों में प्राथमिकता देने की घोषणा की है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई सोसायटियों को प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग संयुक्त प्रयासों के साथ योजनाओं को लागू करें, ताकि पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। सरकार वीटा बूथों पर दूध आधारित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए भी नए विकल्प तलाश रही है। बैठक में बताया गया कि कई जिलों में मिल्क कलेक्शन और चिलिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही हैफेड द्वारा सरसों और सूरजमुखी तेल मिल लगाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। 

निजी सचिव पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप तूल पकड़ा, डिप्टी स्पीकर के विधायक ने दिए जांच के निर्देश

जींद  हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा के निजी सचिव मोहित शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब गरमाया जब आरटीआई कार्यकर्ता भारत भूषण शर्मा ने मोहित शर्मा की संपत्ति की जाँच की माँग की। इसके बाद एक यूट्यूबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया कि चीफ सेक्रेटरी ने आईएएस अधिकारी प्रियंका सोनी को इस मामले की शिकायत की है। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. कृष्ण मिड्डा ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और स्पष्ट शब्दों में कहा, “अभी तक मेरे निजी सचिव मोहित शर्मा के खिलाफ कोई आधिकारिक जाँच नहीं चल रही है। सोशल मीडिया पर चल रही सारी खबरें निराधार हैं। मैं खुद मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर अपने निजी सचिव की संपत्ति की पूरी जाँच करवाऊँगा। मुझे भी सच जानना है कि कहीं मैं अब तक अंधेरे में तो नहीं रहा। जाँच शुरू होते ही मोहित शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा ताकि वे जाँच को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।”   डिप्टी स्पीकर ने यूट्यूबर्स को कड़ी चेतावनी भी दी,“बिना तथ्यों के वीडियो बनाना बंद करें, वरना उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। अगर मेरा निजी सचिव जाँच में दोषी पाया गया तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी।” गौरतलब है कि मोहित शर्मा साल 2009 से मिड्डा परिवार के साथ हैं। पहले वे डिप्टी स्पीकर के पिता डॉ. हरिचंद मिड्डा के निजी सचिव थे। फिलहाल मामला पूरी तरह सुर्खियों में है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र कब स्वीकृत होता है और जाँच कब शुरू होती है।

ग्रामीणों का प्रदर्शन: किशनपुरा में स्कूल को ताला, व्यवस्थाओं को लेकर उठाए बड़े सवाल

चरखी दादरी  चरखी दादरी के गांव डूडीवाला किशनपुरा में वीरवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद अध्यापकों को बाहर निकाल दिया और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, स्कूल दोबारा नहीं खुलने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कुछ अध्यापक गुटबाजी कर माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वे इन शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। साथ ही करीब 5–6 महीनों से स्थायी प्रिंसिपल का पद खाली है, जिस कारण स्कूल का प्रबंधन अस्त-व्यस्त चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल पर ताला लगने से गांव के करीब 400 बच्चों की पढ़ाई पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता का नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर बीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरन यह कदम उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

ऐतिहासिक बदलाव: महाभारत-युगीन मंदिर की देखरेख प्रशासन से हटकर श्राइन बोर्ड को मिली

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले श्रीमाता भीमेश्वरी देवी मंदिर (बेरी) को अब एक सुदृढ़ संस्थागत प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने का बड़ा निर्णय लिया है। कानून एवं विधायी विभाग की सचिव रितू गर्ग की ओर से राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस संदर्भ में नोटफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, मंदिर और उससे जुड़ी सभी चल-अचल संपत्तियों का स्वामित्व और संचालन अब आधिकारिक रूप से बनाए गए श्राइन बोर्ड के पास होगा। यह बोर्ड मंदिर की आय, दान, धार्मिक गतिविधियों, पुजारियों की नियुक्ति, नियमों के क्रियान्वयन और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का प्रबंधन करेगा। नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि अब पुजारियों के पारंपरिक अधिकार समाप्त होंगे। उनके लिए मुआवजे या बोर्ड में समायोजन का विकल्प रखा गया है। मंदिर की सभी दुकानें, दान पेटियां, भूमि, भवन और आभूषण श्राइन फंड में दर्ज होंगे। बोर्ड हर वर्ष बजट तैयार करेगा और पूरे मंदिर प्रबंधन का ऑडिट अनिवार्य होगा। अब तक लागू अन्य कानून इस मंदिर पर प्रभावी नहीं रहेंगे, बल्कि यह अधिनियम सर्वोपरि माना जाएगा। इसके साथ बेरी माता मंदिर हरियाणा में वह तीसरा धार्मिक स्थल बन गया है, जिसे अब सरकार श्राइन बोर्ड मॉडल पर संचालित करेगी।  भीम द्वारा स्थापना की मान्यता माता भीमेश्वरी देवी मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद पुराना है। स्थानीय मान्यता है कि इसका संबंध महाभारतकाल से है। ऐसा कहा जाता है कि पांडवों के शक्ति स्वरूप भीम ने पूजा के दौरान यहां माता की स्थापना की थी और उसी वजह से इस मंदिर का नाम भीमेश्वरी देवी पड़ा। सदियों से यहां लाखों श्रद्धालु नवरात्रों और विशेष अवसरों पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासनिक ढांचे के आधिकारिक रूप से लागू होने के बाद उम्मीद है कि धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में और वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री रहेंगे बोर्ड के चेयरमैन सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार शृाइन बोर्ड उसी पैटर्न पर बनेगा जिस तरह पंचकूला में माता मनसा देवी और गुरुग्राम में श्रीशीतला माता शृाइन बोर्ड पहले से कार्यरत हैं। नये बोर्ड के चेयरमैन मुख्यमंत्री होंगे। वहीं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री बोर्ड के वाइस-चेयरमैन व झज्जर डीसी इसके सदस्य सचिव होंगे। सरकार की ओर से बोर्ड में सरकारी व गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। इस संरचना के बाद मंदिर के फैसले व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाएंगे। मंदिर की संपत्तियां और आय पर बोर्ड का हक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि मंदिर की भूमि, दुकानें और किराए, भवन, दान राशि, ज्वेलरी, सोना-चांदी और पूजा सामग्री तथा धार्मिक आयोजन से प्राप्त आय अब शृाइन फंड में शामिल होगी और इसका उपयोग केवल मंदिर, धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालु सुविधाओं पर किया जाएगा। पुजारियों के अधिकार समाप्त, मिलेगा मुआवजा या नौकरी सबसे बड़ा बदलाव पुजारियों के पारंपरिक अधिकारों को लेकर आया है। अधिनियम के लागू होते ही पुजारियों के विशेष अधिकार समाप्त माने जाएंगे, लेकिन उनके लिए सुरक्षा प्रावधान भी किए गए हैं। उन्हें मुआवजा देने के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा यदि कोई पुजारी नौकरी करना चाहता है तो योग्यता और चयन प्रक्रिया के बाद उसे पद दिया जा सकता है यह पहली बार है जब मंदिर व्यवस्था में पारंपरिक अधिकारों के साथ आधुनिक प्रशासनिक ढांचा समानांतर लाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर श्राइन बोर्ड का गठन होने के बाद मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था, पार्किंग, धार्मिक आवास (धर्मशाला), मेडिकल सहायता, महिला सुरक्षा तथा कैशलेस दान व्यवस्था आदि का प्रबंध आसानी से किया जा सकेगा। यह भी प्रावधान है कि मंदिर फंड का उपयोग राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में भी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन में यह भी प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति मंदिर की संपत्ति, भूमि या दस्तावेज़ अपने कब्जे में नहीं रख सकता। यदि किसी ने ऐसा किया तो उस पर जुर्माना, दंड, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई होगी। यहां तक कि कारावास का प्रावधान भी लागू होगा। इसलिए पड़ी बोर्ड की जरूरत सूत्रों के अनुसार लंबे समय से मंदिर प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता, संपत्ति संरक्षण, आय उपयोग, अव्यवस्था और नियुक्तियों को लेकर शिकायतें और चर्चाएं होती रही थीं। सरकार का मानना है कि इस कदम के बाद मंदिर न केवल बेहतर तरीके से संचालित होगा बल्कि धार्मिक पर्यटन और राज्य की विरासत संरक्षण में भी वृद्धि होगी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में ही विधेयक पास हो गया था लेकिन इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। मंदिरों में श्रद्धालुओं की घट रही संख्या व प्र्रबंधन सही नहीं होने की वजह से मौजूदा मैनेजमेंट व पुजारी भी शृाइन बोर्ड के गठन की मांग उठा रहे थे।

चरखी दादरी में भीषण सड़क दुर्घटना: टक्कर के बाद ट्रालों में लगी भीषण आग, दोनों की जलकर मौत

चरखी दादरी  NH-152D accident: चरखी दादरी में एनएच-152डी पर गत देर रात गांव कमोद के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में दो ट्राला आपस में टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयंकर था कि एक ट्राला के चालक और परिचालक जिंदा जल गए, जबकि दूसरे ट्राला का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हाईवे पर एक ट्राला सड़क किनारे खड़ा था, तभी पीछे से आ रहे दूसरे ट्राले ने तेज रफ्तार में उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों ट्रालों में आग भड़क उठी और देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगे। मृतकों की पहचान खांडा खेड़ी निवासी चालक राजेश और जींद के रूपगढ़ निवासी परिचालक जयवंत के रूप में हुई है। आग की लपटों में फंसे दोनों बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरे ट्राला का घायल चालक, भागेश्वरी निवासी सतवीर को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही दादरी और भिवानी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सदर थाना प्रभारी सतवीर सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जबकि एफएसएल टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। आग बुझने के बाद जले हुए शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक ट्राला चालक राजेश के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है।

रिश्तों में जलन और खौफ़: पूनम ने कैसे रंजिश को बनाया चार कत्लों का कारण?

सोनीपत दिल्ली से सटे हरियाणा के सोनीपत में एक बेहद डरावनी और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पूनम नाम की एक महिला ने चार सालों में चार बच्चों का बेरहमी से कत्ल कर डाला, जिनमें उसका अपना बेटा भी शामिल है। वह जलन की वजह से सुंदर बच्चियों को चुन-चुनकर मारती रही। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि जिस भतीजी विधि को पानी में डुबोकर मारने की वजह से पूनम पकड़ी गई, उसकी हत्या की एक कोशिश उसने चार साल पहले भी की थी। तब उसने 2 साल की उस बच्ची के चेहेरे पर एक बड़ी केतली से चाय उड़ेल दी। तब परिवारवालों ने इसे एक हादसा समझा था। सोमवार को पूनम ने अपने दूसरे प्रयास में विधि की जान ले ली। आरोप है कि पूनम ने 6 साल की भतीजी को एक टब में डुबा दिया। बच्ची के दम तोड़ने के बाद उसकी दादी ने बच्ची की लाश को देखा तो चीख-पुकार मच गई। एक बार फिर शुरुआत में विधि की मौत को हादसा समझा गया, लेकिन जांच में जो बातें सामने आईं उससे सभी हैरान रह गए। पता चला कि सुंदरता से जलन की वजह से पूनम ने रिश्तेदारों की तीन बेटियों को मार डाला था। उसने अपने बेटे की जान क्यों ली यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस का मानना है कि उसने अपने बेटे शुभम को 2023 में इसलिए मारा क्योंकि पहली हत्या के बाद कुछ लोगों को उस पर शक होने लगा था और वह खुद को भी पीड़ित दिखाकर ध्यान भटका सके। पूनम मूल रूप से पानीपत के सिवाह गांव की रहने वाली है और शादी के बाद सोनीपत के भावर गांव में रहती है। पूनम को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी का पति नवीन और विधि के पिता संदीप चचेरे भाई हैं। पूनम की पहली शिकार 2023 में 9 साल की इश्किा थी। तीसरी मृतक 8 वर्ष की जिया थी। पुलिस का मानना है कि उसे भी इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह ‘ज्यादा सुंदर’ थी। अब तक 3 बच्चों को मार चुकी पूनम को यकीन हो चला था कि वह इसी तरह कत्ल करके अपनी सनक मिटाती रहेगी और पकड़ी नहीं जाएगी, लेकिन विधि के कत्ल के बाद उसका पर्दाफाश हो गया। सोमवार को एक शादी समारोह को लेकर चल रही हंसी-खुशी के बीच 6 साल की विधि अचानक गायब हो गई थी। एसपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने वाली उसकी दादी ने बताया कि उनके एक परिवार में 30 नवंबर से एक दिसंबर तक शादी समारोह था। इसमें आरोपी समेत कई मेहमान आए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक महिला ने वारदात को 1 दिसंबर को तब अंजाम दिया जब सभी मेहमान घर से बाहर गए थे और उसने पीड़ित को सीढ़ियों से ऊपर जाते देखा। पुलिस ने कहा कि आरोपी बच्ची के पीछे-पीछे छत पर गई। उससे बातचीत करती रही। उसने इस बीच एक स्टोररूम के बाहर प्लास्टिक के एक टब में पानी भरा और विधि को उसमें डुबाकर मार डाला। इसके बाद वह दरवाजे को बाहर से बंद करके नीचे आ गई। जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता की चाची ने यह कत्ल किया है। एसपी सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान पूनम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।