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विभाग ने बढ़ाया बच्चों के जेल में रहने का समय, 816 महिला कैदी और 47 बच्चे शामिल

चंडीगढ़  हरियाणा की जेलों में अब मां के साथ रह रहे बच्चों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल जेल विभाग ने बच्चों के साथ मां के रहने की अवधि को 2 साल बढ़ा दिया है। इसके बाद अब बच्चे 6 की बजाय 8 साल तक जेल में अपनी मां के साथ रह सकेंगे। डी.जी. जेल आलोक राय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस फैसले से जेल में रह रही महिला कैदियों के साथ उन बच्चों को भी राहत मिलेगी जिनका बाहर कोई नहीं है। जेल विभाग ऐसे बच्चों के लिए जेल परिसर में ही उनकी पढ़ाई और पौष्टिक खाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है। प्रदेश की 17 जेलों में बच्चों के खेलने के लिए क्रैच बने हुए हैं। इन बच्चों के खेल, खान-पान एवं अच्छे स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाता है। केंद्रीय जेलों सहित हरियाणा की कुल 20 जेलों में से 17 में महिला वार्ड बने हुए हैं। अभी इन जेलों में कुल 816 महिला कैदी बंद हैं जिनमें से 162 महिलाएं सजा काट रही हैं और 654 महिलाओं के केस अंडर ट्रायल चल रहे हैं। इन महिला बंदियों के पास कुल 47 बच्चे बंद हैं, जिनकी उम्र 6 वर्ष तक की आयु के बीच है। जेल विभाग के इस फैसले से इन बच्चों को राहत पहुंची है। हफ्ते में एक दिन बाहर जाते हैं बच्चेः छोटे बच्चों को सप्ताह में एक बार जेल के मुख्य गेट से बाहर जेल परिसर में बने पार्को आदि में जेल के महिला मुलाजिम के निगरानी में घूमने के लिए भेजा जाता है। ओपन जेलों के तहत हरियाणा में करनाल और फरीदाबाद में 2 ओपन जेलें खोली गई हैं जहां करनाल में 30 फ्लैट । हैं वहीं फरीदाबाद में 36 जहां पर यह कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। जेल विभाग ऐसे बच्चों के लिए जेल परिसर में ही उनकी पढ़ाई और पौष्टिक खाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है। प्रदेश की 17 जेलों में बच्चों के खेलने के लिए क्रैच बने हुए हैं। इन बच्चों के खेल को खान-पान एवं अच्छे स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाता है। 816 महिला कैदी जेलों में बंद हैं केंद्रीय जेलों सहित हरियाणा की कुल 20 जेलों में से 17 जेलों में जेल विभाग के द्वारा महिला वार्ड बने हुए हैं। अभी इन जिलों में कुल 816 महिला कैदी बंद हैं, जिनमें से 162 महिलाएं सजा काट रही है और 654 महिलाओं के केस अंडर ट्रायल चल रहे हैं। इन महिला बंदियों के पास कुल 47 बच्चे बंद है, जिनकी उम्र 6 वर्ष तक की आयु के बीच है। जेल विभाग के इस फैसले से इन बच्चों को राहत पहुंची है। हफ्ते में एक दिन बाहर जाते हैं बच्चे छोटे बच्चों को सप्ताह में एक बार जेल के मुख्य गेट से बाहर जेल परिसर में बने पार्कों आदि में जेल के महिला मुलाजिम के निगरानी में घूमने के लिए भेजा जाता है। डीजी जेल आलोक राय ने बताया कि सूबे की ओपन जेलों के तहत हरियाणा में करनाल और फरीदाबाद में 2 ओपन जेल खोली गई हैं, जहां करनाल में 30 फ्लैट हैं वहीं फरीदाबाद में 36 जहां पर यह कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। क्या बोले डीजी जेल हरियाणा के डीजी जेल आलोक राय ने बताया कि इस फैसले से बच्चों और मां दोनों को राहत मिलेगी। कई बार अलग-अलग रहने से बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं, या उनकी मां के साथ ऐसा हो जाता है। अब दोनों साथ रहेंगे तो वह अवसाद से दूर रहेंगे। जेल विभाग ऐसे बच्चों को हर सुविधा दे रहा है। नए फैसले से मां और बच्चों दोनों को मिलेगी राहत : आलोक राय हरियाणा के डी.जी. जेल आलोक राय ने कहा कि इस फैसले से बच्चों और मां दोनों को राहत मिलेगी। कई बार अलग-अलग रहने से बच्चे डिप्रैशन में चले जाते हैं या उनकी मां के साथ ऐसा हो जाता है। अब दोनों साथ रहेंगे तो वह अवसाद से दूर रहेंगे। जेल विभाग ऐसे बच्चों को हर सुविधा दे रहा है।

देशविरोधी नारे और फर्जीवाड़ा! अल-फलाह यूनिवर्सिटी व अस्पताल में हुआ बड़ा खुलासा

फरीदबाद दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल का सेंटर पॉइंट बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी को लेकर यहां के एक पूर्व नर्सिंग स्टाफ ने बड़ा खुलासा किया है। कर्मचारी ने दावा किया है कि यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में रोजाना 100 से लेकर 150 तक नकली मरीजों की फाइलें तैयार की जाती थी। आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकील और सुसाइड बॉम्बर बने डॉ. उमर नबी के कहने पर ऐसा किया जाता था। जो कर्मचारी ऐसा नहीं करता था उसकी एबसेंट मार्क कर सैलरी काट दी जाती थी। उसने बताया कि रात के समय काम करने वाला कश्मीरी मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर ड्यूटी पर अक्सर पाकिस्तान की तारीफ करते थे। इतना ही नहीं, कई बार हंसी-मजाक में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे तक लगा दिए जाते थे। सूत्रों की मानें तो डॉ. शाहीन सईद अपने दोस्त और दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल से डॉ. मुजम्मिल के साथ एनआईटी मार्केट में विस्फोटक या अन्य सामान खरीदने जाती थी। सुरक्षा जांच एजेंसी अब दोनों के आने-जाने, कौन-कौन सा सामान खरीदा, मिलने-जुलने जैसी सारी जानकारी को जुटा रही है। बता दें कि राजस्थान के रहने वाले लक्ष्मण ने साल 2025 में 14 जुलाई को अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में जॉइन किया था। लेकिन 25 अक्तूबर को उसने नौकरी छोड़ दी। वह यहां पर नर्सिंग स्टाफ में काम करता था। मेडिकल कॉलेज में उसकी ड्यूटी अस्पताल के आईसीयू में होती थी। लक्ष्मण ने बताया कि रात के समय काम करने वाले स्टाफ से नकली फाइलें तैयार कराई जाती थी। हर कर्मचारी को 5 फाइल तैयार करने का टारगेट दिया जाता था। इन नकली फाइलों पर डॉक्टर के साइन पहले से ही होते थे। फाइल में केवल उनको मेडिकल चार्ट नोट्स बनाने होते थे। इन फाइलों में उन दवाइयों का रिकॉर्ड बनाया जाता, जो यूज ही नहीं होती थी। इन फाइलों को सुबह होते ही डॉक्टर अपने साथ ले जाते थे। फाइलों का क्या यूज होता था किसी भी स्टाफ के कर्मचारी को इसके बारे में नहीं बताया जाता था। लक्ष्मण ने बताया कि उनको लगता है कि इन फाइलों का उपयोग बाहर से गरीबों के इलाज के नाम पर फंड एकत्रित करने के लिए किया जाता था। रोजाना 100 से लेकर 150 तक फाइलों को तैयार किया जाता था। इतना ही नहीं, अगर कोई कर्मचारी फाइलें बनाने से मना करता था तो किसी की सैलरी होल्ड कर दी जाती है या फिर कटौती की जाती है। लेकिन कश्मीरियों के साथ ऐसा नहीं किया जाता है। लक्ष्मण के अनुसार अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ से जुड़े करीब 200 लोग काम करते हैं। यहां करीब 80 फीसदी मुस्लिम और 20 फीसदी हिंदू कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें भी करीब 30 से 35 फीसदी मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर कश्मीर से आते हैं। पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी लक्ष्मण ने दावा किया है कि रात के समय जो कश्मीरी मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर ड्यूटी करते हैं। वे अक्सर अपनी बातों में पाकिस्तान की तारीफ करते हुए नजर आते थे। कई बार एक दूसरे के साथ वह हंसी-मजाक करते हुए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते थे। हर रोज कश्मीर को लेकर कुछ न कुछ चर्चा होती रहती थी। कश्मीरी स्टाफ आरोप लगाते हैं कि जम्मू-कश्मीर में सेना उनके भाइयों पर जुल्म करती है। सेना कश्मीरियों को स्पेशल टारगेट बनाती है। केंद्र और हरियाणा सीएम, मंत्री को भेजा मांग पत्र अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट के पेरेंट्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, मानव संसाधन मंत्री , हरियाणा सीएम, स्वास्थ्य मंत्री, डीएमईआर, NMC को ईमेल के जरिए अपना मांग पत्र भेजा है। मांग पत्र में सभी को इस मामले में जल्दी से जल्दी शामिल होने की बात कही है। एक अभिभावक ने बताया कि उनके साथ 360 से अधिक अभिभावक आपस में जुड़ चुके हैं। इनमें अधिकांश, यूपी, बिहार, पंजाब, दिल्ली और एनसीआर के हैं। सभी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में हैं। सरकार हाई लेवल कमेटी गठित करे पेरेंट्स की मांग है कि सरकार एक हाई लेवल कमेटी का गठन करे। कमेटी के अंदर स्वास्थ्य विभाग, NMC सहित दूसरे विशेषज्ञ और अभिभावकों को शामिल किया जाए। कमेटी यह सुनिश्चित करे कि स्टूडेंट्स की पढ़ाई, प्रैक्टिस, इंटर्नशिप, रजिस्ट्रेशन पर किसी प्रकार का कोई खतरा न आए। क्योंकि अभी तक उन्हें केवल मौखिक रूप से आश्वासन दिया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यूनिवर्सिटी का आतंकवाद में नाम आने के बाद हर कोई उनके बच्चों को शक की नजर देख रहा है। ऐसे में उनके बच्चों को आगे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनके बच्चे डर के साये में न तो पढ़ाई कर पा रहे हैं, न ही रातों को सो पा रहे हैं।

शानदार प्रदर्शन पर अब सम्मान! हरियाणा सरकार ने शुरू की नई अवॉर्ड स्कीम

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार द्वारा आगामी 25 दिसम्बर को साल 2024 और 2025 में गुड गवर्नेस से जुड़े शानदार इनोवेटिव काम करने वाले कर्मचारियों को गुड गवर्नेस अवॉर्ड दिए जाएंगे, इसके लिए 13 दिसम्बर तक आवेदन किया जा सकता है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एडमिनिस्ट्रेटिव सैक्रेटरी, विभागाध्यक्ष और आई. ए. एस ऑफिसर को छोड़ कर सभी पात्र कर्मचारी (रैगुलर या कांट्रैक्ट वाले) अपने-अपने ऑफिस-हँड याविभागाध्यक्ष या संबंधित एडमिनिस्ट्रेटिव सैक्रेटरी के जरिए ऑनलाइन पोर्टल पर 13 दिसम्बर तक अप्लाई कर सकते हैं। इसमें प्रोजैक्ट स्कीम प्रोग्राम का चयन किया जाएगा और नॉमिनेट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेट फ्लैगशिप अवॉर्ड पोर्टल के जरिए एडमिनिस्ट्रेटिव सैक्रेटरी अवॉर्ड अपलोड करेंगे।

1.17 करोड़ की बोली लगाई… फिर पीछे हटे! VIP नंबर मामले में अनिल विज का बड़ा एक्शन

चंडीगढ़ हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, इसलिए इस संबंध में उस व्यक्ति की संपति और आय की जांच करवाई जाएगी। देखा जाएगा कि वास्वत में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता एक करोड 17 लाख रूपए की बोली लगाने की है या नहीं।  मीडिया कर्मियों से आज बातचीत करते हुए मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य में फैंसी और वीआईपी वाहन नंबर नीलामी प्रणाली से आवंटित किए जाते हैं और कई लोग बड़ी-बड़ी बोलियां लगाकर इन नंबरों को खरीदने की कोशिश करते हैं। यह न केवल प्रतिष्ठा का विषय होता है, बल्कि सरकार की राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बोली लगाना सिर्फ शौक बनता जा रहा है, न कि जिम्मेदारी। व्यक्ति की आय और संपत्ति की होगी जांच, आयकर विभाग को पत्र भेजा जाएगा – विज परिवहन मंत्री ने कहा कि “मैंने परिवहन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिस व्यक्ति ने यह बोली लगाई, उसकी संपत्ति और आय की पूरी जांच करवाई जाए। यह देखा जाए कि वास्तव में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता 1 करोड़ 17 लाख रुपये की बोली लगाने की है भी या नहीं।” उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में आयकर विभाग को भी पत्र भेजकर विस्तृत जांच के लिए कहा जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी या बिना आर्थिक क्षमता के बोली न लगा सके। गौरतलब है कि गत दिनों चरखी दादरी के बाढ़ड़ा उपमंडल के ‘HR88B8888’ नंबर के लिए ऑनलाइन ऑक्शन हुई थी। इस नंबर की नीलामी 1 करोड़ 17 लाख रुपये तक हुई थी और हिसार के एक व्यक्ति ने यह बोली लगाई थी और 11 हजार सुरक्षा राशि जमा कराई थी, मगर बोली के पैसे जमा करवाने के आखिरी दिन उसने पैसे जमा नहीं करवाए।  

कुरुक्षेत्र विवाह समारोह में हड़कंप: CM मौजूद, फिर भी शगुन के लाखों रुपए चोरी

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में चोरों ने दूल्हे के शगुन पर हाथ साफ कर दिया। चोर गाड़ी की सीट के नीचे से शगुन से भरा बैग चुरा ले गए। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नवविवाहित जोड़े काे आशीर्वाद देने पहुंचे थे, उनके जाने के बाद चोरों से वारदात को अंजाम दिया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चोर बैग लेकर आराम से रिसॉर्ट से बाहर जाते दिख रहे हैं।  बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले रिसॉर्ट में चल रहे फंक्शन में खाना भी खाया। घटना 1 दिसंबर रात करीब सवा 11 बजे की है। पुलिस ने दूल्हे के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया है। रिसॉर्ट में 2 भाइयों की शादी की रिसेप्शन पार्टी थी। 2 बेटों की शादी का रिसेप्शन सेक्टर-7 के रहने वाले हरदीप सिंह ने बताया कि वे प्रॉपटी डीलर का काम करते हैं। उनके दो बेटे जसविंदर सिंह और सर्वजीत सिंह की शादी थी। शादी के बाद उन्होंने 1 दिसंबर की रात को विर्क रिसॉर्ट में रिसेप्शन पार्टी रखी थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उनके बेटे और पुत्रवधुओं को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। कार की सीट से उड़ाया बैग मुख्यमंत्री के जाने के बाद वे अपनी रिश्तेदार की कार से मिठाई निकालने के लिए थे। यहां उन्होंने शगुन के पैसों से भरा बैग गाड़ी की सीट के नीचे रख दिया और गाड़ी की डिक्की से मिठाई निकालने में बिजी हो गए। इसी दौरान पार्टी में मेहमान बनकर आए चोर शगुन के पैसे से भरा बैग लेकर भाग गए। बैग में 8 से 10 लाख कैश होने की संभावना है। पार्टी में शगुन रखने की जिम्मेदारी रिश्तेदार को दी थी। रिश्तेदार के अलावा उनके पास भी कई लोगों ने शगुन दिया था। इसको भी उन्होंने बैग में डाल दिया था। फुटेज में चोर बैग चुराकर आराम से जाते दिख रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा भी लिया और सीसीटीवी फुटेज भी देखी। फिलहाल पुलिस चोरों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है।  

बासमती धान के भाव में तेज बढ़त, गोहाना मंडी में किसानों की फिर लौटी मुस्कान

गोहाना  गोहाना की नई अनाज मंडी में इन दिनों बासमती धान के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से बाज़ार में धान की कीमतें तीन सौ से चार सौ रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ी हैं। इस बढ़ोतरी ने किसानों के चेहरों पर फिर से रौनक ला दी है। शुरुआती सीजन में किसानों को उम्मीद के अनुरूप दाम न मिलने के कारण निराशा थी, लेकिन वर्तमान भावों ने उनकी चिंता कम कर दी है। मंडी में बढ़ते भावों के चलते किसानों की आवाजाही में भी इज़ाफा हुआ है। सुबह से ही किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों में भरकर धान लेकर मंडी पहुँच रहे हैं, ताकि बढ़े हुए दामों का लाभ समय रहते उठाया जा सके।  किसानों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से उन्हें राहत मिली है, क्योंकि इस सीजन की लागत पहले ही अधिक थी। चाहे वह खाद हो, डीज़ल हो या मजदूरी हो। ऐसे में बढ़े हुए रेट उनकी मेहनत की भरपाई करने में मदद करेंगे। कई किसान मानते हैं कि अगर भाव कुछ दिनों तक इसी स्तर पर स्थिर रहते हैं, तो इस सीजन को लाभदायक माना जा सकता है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान की फसल अच्छी हुई है, लेकिन लागत बढ़ने और अबकी बार फसलों में दाना कम निकलने के कारण किसानों को लगात भी पूरी नहीं हो रही थी। अबकी बार लेबर की कमी के चलते किसान मशीनों से अपनी फसलों की कटाई करवा रहे हैं, जिसके चलते उनकी फसलों में नमी की मात्रा भी अधिक थी और उनकी फसलों के भाव भी कुछ कम मिल रहे थे लेकिन अब किसान हाथ की कटाई से अपनी फसल को सूखा कर ला रहे है जिस के चलते भाव में तीन सौ से चार सौ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। धान के भाव में बढ़ोतरी होने से उनको फायदा होगा।  वहीं गोहाना अनाज मंडी में आढ़तियों की मानें तो पिछले तीन से चार दिनों से धान के भाव में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। धान के भाव बढ़ने से किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी फायदा होगा। उनकी आढ़त में बढ़ोतरी होगी। किसान अब फिर अपना स्टॉक किया हुआ धान मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं जिसके चलते मंडी में रोजाना एक लाख बोरी की आवक आ रही है।  

छात्राओं से दुर्व्यवहार का केस—वॉट्सऐप चैट खुलासा, जींद यूनिवर्सिटी ने 3 प्रोफेसर निलंबित किए

​जींद  जींद की चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) के 3 गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्टूडेंट्स का यौन शोषण करने के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह सख्त कदम छात्रों के विरोध प्रदर्शन और सबूत के तौर पर वॉट्सऐप चैट सामने आने के बाद उठाया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति ने मीडिया को बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में 27 नवंबर को आया था, जब उन्हें एक गुमनाम शिकायत पत्र मिला। कुलपति ने कहा कि हमारे पास 27 नवंबर को एक बिना नाम की चिट्ठी आई थी, जिसमें ज़िक्र किया गया था कि मुझे प्रोफेसर के द्वारा वॉट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। हमने तुरंत मामले की जाँच कमेटी से करवाई। आरोपी गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों थे, उनको घर पर ही रहने के आदेश जारी किए गए और उन्हें रिलीव किया गया है। ये था मामला बता दें कि जींद विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया था। जिसमें अंग्रेजी विभाग के एक प्रोफेसर पर आरोप है कि वह व्हाट्सऐप के माध्यम से छात्राओं पर दबाव बनाकर आपत्तिजनक बातों के लिए मजबूर करता था। एक छात्रा ने साहस दिखाते हुए इस व्यवहार की शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी, जिसके बाद मामला तेजी से सामने आया।

हरियाणा में बदली सियासी हवा: सीएम सैनी सिखों और भाजपा के बीच बढ़ा रहे नज़दीकियाँ

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने बीते सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में सिख समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।चाहे वह 9 नवंबर 2019 को करतारपुर कॉरिडोर के इंटीग्रेटेड चेक-पोस्ट का शुभारंभ हो या देशभर के प्रमुख गुरुद्वारों और तख़्तों में उनकी निरंतर उपस्थिति। इन पहलों ने न केवल धार्मिक आस्था को नई मजबूती दी, बल्कि सीमावर्ती पवित्र स्थलों तक पहुँच को सरल बनाकर श्रद्धालुओं को बड़ा लाभ दिया। किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी को साइलेंटली कम कर रहे CM नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री की इसी कार्यशैली से प्रेरणा लेते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सिख समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने और किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी को बिना शोर–शराबे के, शांति और सम्मान के साथ कम करने का रास्ता चुना। उनके प्रयास राजनीतिक कम और मानवीय अधिक रहे, इसीलिए समुदाय में यह संदेश गया कि सरकार टकराव नहीं, भरोसा बनाना चाहती है। यही कारण है कि अक्टूबर 2025 में उन्हें ग्लोबल पंजाब एसोसिएशन द्वारा “शेरे पंजाब महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड” से नवाज़ा गया, जहाँ उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर आधारित ‘तिलक जांजू का राक्खा’ पुस्तक का विमोचन भी किया। हरियाणा का मॉडल पंजाब के गांवों में भी चर्चा में सीएम सैनी की योजनाओं, किसानों के लिए उठाए गए कदमों और उनकी कार्यशैली का असर हरियाणा से बाहर भी दिखने लगा है। हरियाणा–पंजाब सीमा से लगे कई गांवों में सिख परिवार यह कहते सुने गए कि “हमें नायब सिंह सैनी हरियाणा में मिला लें, क्योंकि किसानों के लिए हरियाणा की योजनाएं पंजाब से कहीं बेहतर हैं।” यह प्रतिक्रिया न सिर्फ़ सैनी के प्रति भरोसे को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि किसान-समुदाय के मुद्दों पर उनका साइलेंट काम लोगों के दिल तक पहुँच रहा है। परंपराओं के प्रति सम्मान सीएम सैनी की सरल पगड़ी धारण शैली, गुरुद्वारों में नियमित उपस्थितियां और रीति–रिवाजों के प्रति सम्मान ने सिख समुदाय में उनके प्रति निकटता बढ़ाई है। पंजाब के उनके दौरों ने यह भाव पैदा किया कि वे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव पर काम कर रहे हैं। सिख विरासत के संरक्षण के लिए ठोस कदम     •    25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर विश्वस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन।     •    गुरु तेग बहादुर जी पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करवाना।     •    एचएसजीपीसी के नव निर्वाचित सदस्यों से मुलाकात कर पारदर्शिता और सेवा-भाव से कार्य करने हेतु सहयोग का आश्वासन।     •    यमुनानगर कालेसर में फॉरेस्ट ब्लॉक व कृषि महाविद्यालय को गुरु तेग बहादुर के नाम समर्पित करना और 350 पौधों का रोपण।     •    पूरे प्रदेश में चार नगर कीर्तन यात्राओं की शुरुआत, जिसमें गुरुद्वारे, एचएसजीपीसी और प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं। हरियाणा की पहचान में सिख समुदाय की केंद्रीय भूमिका—CM सैनी का दृष्टिकोण नायब सिंह सैनी सिख समुदाय को केवल ‘अल्पसंख्यक’ नहीं, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत हिस्सा मानते हैं। उनकी यही सोच सिख विरासत को स्थायी रूप से संरक्षित कर रही है और हरियाणा–सिख संबंधों को नई मजबूती दे रही है। 

CM सैनी का उपहार: महिलाओं के लिए दूसरी किस्त जारी, फिर जमा हुए ₹2100 – जानें क्या है नया ऐलान

चंढीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त जारी कर दी है। नायब सैनी ने इस दौरान कहा कि इस योजना के तहत 7 लाख 1 हजार 965 लाभार्थी बहनों के खातों में 2100 रुपए की राशि डाली गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि अब महिलाओं के खाते में हर महीने नहीं बल्कि हर 3 महीने के बाद योजना की राशि भेजी जाएगी। नवंबर में आई थी पहली किस्त योजना सितंबर 2025 में योजना लॉन्च हुई और 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर पहली किस्त जारी की गई। बता दें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर लाडो लक्ष्मी ऐप का शुभारंभ किया गया था। इस ऐप पर 30 नवंबर तक 9 लाख 552 महिलाओं ने आवेदन किया, जिनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई। 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा किया। 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का अभी वेरिफिकेशन पेंडिंग है।

करनाल में दिल दहला देने वाली टक्कर: अनियंत्रित ट्रक के पलटने से 4 लोगों की मौके पर मौत

करनाल  हरियाणा के करनाल जिले में हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई है. हादसा रॉन्ग साइड में ड्राइविंग के कारण हुआ. घरौंडा में नेशनल हाईवे-44 पर ट्रक ने पहले एक रोडवेज बस को टक्कर मारी, फिर बाइक को कुचला. फिर एक कार को टक्कर मारकर आगे जाकर बीच सड़क पलट गया. हादसे में बाइक सवार और कार सवार 4 लोगों ने जान गंवाई है. पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.   बाइक सवार मृतकों की हुई शिनाख्त हादसे में जान गंवाने वाले बाइक सवार दोनों युवकों की शिनाख्त हो गई है. मृतकों में घरौंडा के हनुमान मंदिर निवासी 46 साल के संजीव कुमार शामिल है, जो क्रीड डिपार्टमेंट में काम करता था. वहीं घरौंडा निवासी 40 वर्षीय विशाल ने भी जान गंवाई है, जो ADC ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर था. दिल्ली नंबर की कार में भी 2 युवक सवार थे, जिनकी मौत भी हादसे में हुई है, लेकिन अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हुई है.   प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आंखों-देखी प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे की आंखों-देखी पुलिस को सुनाई और बताया कि ट्रक करनाल की तरफ से तेज रफ्तार से आया. हादसा पानीपत टोल से करीब एक किलोमीटर पहले हुआ. ट्रक ड्राइवर को शायद नींद की झपकी लगी हो या वह शराब के नशे में था, यह पुलिस की जांच का विषय है, लेकिन ट्रक डिवाइडर क्रॉस करते हुए तेज से आया और करनाल-पानीपत हाईवे पर दौड़ रही पंजाब रोडवेज की बस को सामने से टक्कर मार दी.   बस सवार कई यात्री हुए हैं घायल प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बस में टक्कर उस साइड लगी, जहां कडंक्टर बैठता है और टक्कर लगते ही बस का बैलेंस बिगड़ गया था, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी. कई सवारियां हादसे में घायल भी हुई हैं. बस को टक्कर मारने के बाद ट्रक ने 2 बाइकों और एक कार को टक्कर मारी. आगे जाकर ट्रक सर्विस लेन की रेलिंग के पास पलट गया. वहीं टक्कर लगने से कार बुरी तरह डैमेज होकर पलट गई. ट्रक के नीचे फंस गई थी कार ट्रक के ड्राइवर को शीशा तोड़कर निकाला गया. कार में फंसे 2 लोगों को कार काटकर निकाला गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रक के नीचे फंस गई थी, इसलिए ट्रक के नीचे दबकर कार चकनाचूर हो गई थी. बस में सवार एक यात्री ने बताया कि टक्कर लगते ही जोरदार झटका लगा था, लेकिन गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, वरना बस हादसा हो सकता है. पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है.