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हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो की कमान संभाली IPS अजय सिंघल ने

पंचकूला  हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख़्त मुहिम को नई दिशा देते हुए 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा का चीफ़ नियुक्त किया है। उन्होंने आज पंचकूला मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। अपनी ईमानदार, सख़्त और परिणाम-केंद्रित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सिंघल का पदभार लेना राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों को और प्रभावी बनाने वाला कदम माना जा रहा है।  पदभार ग्रहण करते ही सिंघल ने कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई को और तेज़, निष्पक्ष और व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के मामलों पर तुरंत और ठोस कार्रवाई हो सके। सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ाना, शिकायतों पर समयबद्ध प्रतिक्रिया देना और गंभीर मामलों की जांच को तेज़ करना उनकी पहली प्राथमिकताएँ होंगी। सिंघल ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है जिसमें ईमानदार अधिकारी सम्मानित हों और भ्रष्टाचार करने वालों को कानून का डर लगातार महसूस हो।  उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होगी तथा किसी भी मामले में ढिलाई या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नवनियुक्त चीफ़ ने बताया कि आम लोगों की शिकायतों को विजिलेंस ब्यूरो सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेगा। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना बेहद ज़रूरी है और इसलिए हर शिकायत पर तेज़, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ठोस नतीजे सामने आएँ। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के प्रमुख ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की माँग करता है, तो इसकी तुरंत सूचना हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर अवश्य दें।

Z-Plus सुरक्षा विवाद: अभय चौटाला की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र को नोटिस जारी

चंडीगढ़  Z Plus Security पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इंडियन नेशनल लोकदल नेता अभय सिंह चौटाला की जेड-प्लस या जेड श्रेणी की केंद्रीय सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने मामले को गंभीर बताते हुए अगली सुनवाई 16 दिसंबर तय की। अदालत ने कहा कि चौटाला द्वारा जताए गए खतरे और राज्य की कथित ‘निष्क्रियता’ पर विस्तृत जवाब आवश्यक है। याचिका में कहा गया है कि आईएनएलडी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की हत्या के बाद चौटाला को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय गैंगस्टरों से विश्वसनीय धमकियां मिली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन धमकियों की जानकारी बार-बार राज्य सरकार को दी गई, लेकिन ‘कोई कार्रवाई नहीं हुई’। चौटाला के अनुसार, न तो सुरक्षा आकलन किया गया, न कोई समिति गठित हुई और न ही उन्हें अंतरिम सुरक्षा दी गई। उन्होंने अदालत को बताया कि स्थितियां लगातार बिगड़ रही हैं और खतरा ‘गंभीर और बढ़ता हुआ’ है। राठी हत्याकांड पर मुखर रुख के बाद खतरा बढ़ा याचिका के अनुसार, अभय चौटाला ने राठी हत्याकांड के बाद सबसे पहले खुलकर सीबीआई जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने यह मुद्दा 27 फरवरी 2024 को विधानसभा के बजट सत्र में उठाया और अगले ही दिन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि राठी की हत्या संगठित अपराध की ओर संकेत करती है।चौटाला का कहना है कि अपराध जगत के खिलाफ उनके लगातार रुख और सरकार पर दबाव की वजह से वे कई गैंगस्टर नेटवर्क के निशाने पर आ गए हैं। राजनीतिक प्रोफ़ाइल और सक्रिय भूमिका को बताया कारण एडवोकेट संदीप गोयत के माध्यम से दायर याचिका में बताया गया कि चौटाला वर्ष 2000 से लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। वे कई बार एलनाबाद से विधायक चुने गए और नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। याचिका में कहा गया कि किसान आंदोलन से लेकर कानून-व्यवस्था और राठी हत्याकांड तक, चौटाला ने कई संवेदनशील मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई है। उनकी ‘निर्भीक और स्पष्ट’ राजनीतिक कार्यशैली उन्हें ‘अपराधी गिरोहों के निशाने पर’ रखती है। परिवार भी खतरे में, आर्टिकल 21 का हवाला अभय चौटाला ने दावा किया है कि न सिर्फ वे, बल्कि उनका परिवार भी बढ़ते खतरे का सामना कर रहा है। याचिका में कहा गया है कि जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के तहत राज्य का दायित्व है कि वह नागरिक को पर्याप्त सुरक्षा दे, खासकर तब जब खतरा ज्ञात हो और उसके प्रमाण मौजूद हों। चौटाला ने हाई कोर्ट से निवेदन किया है कि उन्हें केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से जेड-प्लस या जेड श्रेणी की चौबीस घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। ‘राज्य ने अनुरोधों पर विचार तक नहीं किया’ याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई बार भेजे गए ‘स्पष्ट, तात्कालिक और विशिष्ट’ अनुरोधों के बावजूद राज्य सरकार ने सुरक्षा के आकलन पर विचार तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस लगातार अनदेखी के बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जहां अब केंद्र और राज्य दोनों को विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

Fog Alert! हरियाणा रूट की दर्जनों ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द, यात्री ऐसे करें चेक

पानीपत  रेलवे यात्रियों के लिए जरुरी खबर है। कोहरे के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे हर साल कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करता है। उत्तर रेलवे ने पानीपत से अंबाला के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 64541 और अंबाला से पानीपत के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 64532 को 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द कर दिया है। ट्रेन रद्द रहने से हजारों यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नौकरी करने वाले लोगों को समय से काम पर पहुंचने में दिक्कत होगी। यात्रियों की बस और निजी वाहनों पर निर्भरता बढ़ेगी।  कोहरे के कारण लेट हो रही ट्रेनें फाजिल्का इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटा, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस 40 मिनट और दिल्ली-पानीपत एमईएमयू एक घंटे 40 मिनट की देरी से आई। लुधियाना स्पेशल फेयर एसी स्पेशल सुपरफास्ट फेस्टिवल सवा दो घंटे, जम्मू तवी एक्सप्रेस आधा घंटा और झेलम एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से पहुंची। वहीं नेताजी एक्सप्रेस सवा एक घंटा, कुरुक्षेत्र-दिल्ली एमईएमयू डेढ़ घंटा और हिमाचल एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से आई। आम्रपाली एक्सप्रेस सवा एक घंटा, हीराकुंड एक्सप्रेस आधा घंटा और दौलतपुर चौक जन शताब्दी एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से आई। शान ए पंजाब 38 मिनट और नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र एमईएमयू एक घंटा की देरी से आई।

स्कूल बसों पर बड़ी कार्रवाई: 5200 बसें जब्त करने की तैयारी, क्या है कारण?

हरियाणा  हरियाणा में 5200 स्कूल बसों को जब्त करने के आदेश दिए गए है। प्रदेश में 5 हजार 200 स्कूल बसें जांच में अनियमितता पाई गई। पुलिस ने 11 नवंबर तक 25 हजार से अधिक स्कूल बसों की जांच की जिसमें 5 हजार 200 बसों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया है। इस पर पुलिस ने चालान जारी किए हैं।  पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूल बसों में फिटनेस, सुरक्षा उपकरण, वैध दस्तावेज या आवश्यक मानकों की कमी पाई गई, उन्हें तुरंत इंपाउंड किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी।  वहीं ओपी सिंह ने कहा कि हर स्कूल बस में फायर एक्सटिंगिवीशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, जीपीएस सिस्टम, आपातकालीन निकास, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रशिक्षित चालक–परिचालक होना चाहित। उन्होंने कहा कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया तो चालान किए जाएंगे।

कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब हरियाणा के बोर्ड, निगम व सहकारी संस्थाओं में भी लागू होगी DCRG सुविधा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने एक जनवरी, 2006 के बाद सेवा में आए और न्यू डिफाइंड कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अंतर्गत आने वाले बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान (डैथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी) का लाभ देने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा राज्य के सभी बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में वित्त विभाग के 19 जनवरी, 2017 का हवाला देते हुए बताया गया है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी उसी तरह रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी तथा डैथ ग्रेच्यूटी प्राप्त करने के पात्र होंगे, जो सीएसआर वॉल्यूम-2 के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामलों की पूरी जांच और सत्यापन के बाद ही रिटायरमेंट/डैथ ग्रेच्यूटी प्रदान की जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन उपादानों के कारण बढ़ने वाले वित्तीय दायित्वों को सम्बन्धित बोर्ड या निगम द्वारा स्वयं के संसाधनों से पूरा किया जाएगा।

एंटी करप्शन की कार्रवाई: किसान से घूस मांग रहा पटवारी गिरफ्तार

हांसी  हांसी में विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी अजीत को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भाटला गांव के एक किसान की शिकायत पर की गई, जिसने नक्शा और बदर बनवाने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। किसान ने बताया कि पटवारी ने कुल 9,500 रूपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से वह पहले ही 4,500 रूपये दे चुका था। बाकि 5 हजार रूपये की राशि लेते समय विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारा।  सूत्रों के अनुसार, पटवारी अजीत ने गोविंद नामक व्यक्ति को अपना सहयोगी बना रखा था, जिसने किसान से यह 5 हजार रूपये की रिश्वत ली थी। विजिलेंस टीम ने पूर्व योजना के तहत गोविंद के माध्यम से रिश्वत की रकम दिलवाई। जैसे ही गोविंद ने पैसे लिए, रासायनिक जांच में उसके हाथ रंगीन हो गए, जिसके बाद टीम ने पटवारी अजीत और उसके सहयोगी गोविंद दोनों को हिरासत में ले लिया।   इस कार्रवाई के दौरान हांसी के SDM राजेश खोथ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था और वे पूरी प्रक्रिया के समय मौके पर मौजूद रहे। विजिलेंस टीम ने घटनास्थल से आवश्यक सबूत जुटाए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

चंडीगढ़ अधिकार पर गरमायी राजनीति: अभय चौटाला बोले—सरकार रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम

जींद  इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा को चंडीगढ़ पर अपना पूरा अधिकार किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग विधानसभा की मांग को केंद्र द्वारा खारिज किया जाना प्रदेश सरकार की कमजोरी दिखाता है। मंगलवार को जींद स्थित इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब शाह आयोग ने चंडीगढ़ को हरियाणा को सौंपने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर केंद्र से चंडीगढ़ पर हरियाणा के पूर्ण अधिकार देने की औपचारिक मांग रखनी चाहिए और शाह आयोग की रिपोर्ट की प्रति भी केंद्र को भेजनी चाहिए। 'भाजपा शासन में कानून व्यवस्था कमजोर' अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद कमजोर हुई है। लोगों से फिरौती मांगे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भी धमकी दी गई है और इसके बाद उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा मांग की है। चौटाला ने कहा कि उनकी सुरक्षा तो प्रदेश के युवा कर लेंगे, पर जनता की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई, वह आज भी सक्रिय है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इनेलो नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। चौटाला ने इनेलो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद आज तक नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर की संभावित दोबारा नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि अगर वह निर्दोष थे, तो उन्हें हटाया क्यों गया था। इससे साफ होता है कि सरकार आईपीएस अधिकारी वाई पूर्ण कुमार की आत्महत्या मामले में सिर्फ लीपापोती करना चाहती थी। साजिश करने वालों से मंगवाएंगे माफी अपनी आलोचना करने वालों पर तंज करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आईपीएस आरएस यादव को चौटाला पुलिस चौकी में जूते मारे गए थे, तो उन्होंने उसी समय शिकायत क्यों नहीं की।महम कांड पर आज जो लोग अनर्गल  बयानबाजी कर रहे हैं, वह जब सत्ता में थे, तब उन्होंने जांच क्यों नहीं करवाई। चौटाला ने कहा कि इनेलो की लोकप्रियता से बौखलाए लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, और ऐसे सभी लोगों से वह अदालत में माफी मंगवाएंगे। कांग्रेस को बताया कमजोर विपक्ष इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि रोहतक की एमडीयू जो ए ग्रेड यूनिवर्सिटी थी, वह अब ग्यारहवें पायदान पर पहुंच गई है। यहां से पीएचडी सहित दूसरी डिग्रियां लेने वाले युवाओं की नौकरी अब संदेह में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में स्कूल कैडर के एक अध्यापक को महत्वपूर्ण पद दिया गया है, जो आरएसएस के अपने कैडर को आगे बढ़ाने का प्रयास है। इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस दौरान जिला प्रधान बिजेंद्र रेढू और प्रदीप गिल भी मौजूद रहे।

7 दिन तक बंधक बनी रहीं जुड़वा बहनें: सिरसा पुलिस ने ऐसे छुड़ाया अपहरणकर्ताओं से

सिरसा  सिरसा जिले में जुड़वा बहनों का अपहरण का मामला सामने आया है। दोनों नाबालिग हैं। वह दोनों लकड़ी बीनने गई थी तब कार सवार महिला व उसके साथियों ने उनका अपहरण कर लिया।  दोनों बहनों ने बताया कि उनको सात दिन तक पानीपत में बंद कमरे में बंधक बनाया था। दोनों वहां से रविवार को किसी तरह से निकल गईं और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर जीआरपी थाना से मदद मांगी। जीआरपी ने मामले की जांच की और सिरसा पुलिस व उनके परिजनों को सूचना दी जिसके बाद परिजन रात को पानीपत पहुंच गए। सोमवार सुबह दोनों बहनों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। उधर, सिरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।  बता दें कि रविवार देर शाम को रेलवे स्टेशन पर करीब 12 साल की जुड़वा बहनें पहुंची और पुलिसकर्मियों को देखकर रोने लगी। एक ने बताया कि वह सिरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वह 24 नवंबर को घर से जंगल में लकड़ियां लेने गई थीं। तभी एक कार उनके पास आई। जिसमें से एक महिला व युवक उतरा और उनके पास आ गए। इसी बीच उन्होंने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया दिया जिससे वह बेसुध हो गईं। जब उन्हें होश आया तो वह एक कमरे में बंद थे। जहां पर सात दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। जब भी उन्हें होश आता तो उनके मुंह पर रूमाल रख दिया जाता था।  रविवार शाम को किसी तरह से वह दोनों कमरे से निकल गईं। 

गौरव का पल: हरियाणा के युवा ने भारत की दिव्यांग क्रिकेट टीम में बनाई जगह, पूरे जिले में खुशी की लहर

गोहाना  ICC दिव्यांग इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगियों के लिए गोहाना के दौदवा गांव के विनोद का भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है। विनोद के सलेक्शन को लेकर आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। विनोद एक बहुत ही गरीब परिवार से संबंध रखता है। विनोद गोहाना आहुलाना शुगर मिल में माली का काम भी करता है। विनोद भिवानी में होने वाली तीन दिवसीय इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आज गोहाना से रवाना हुए। यह क्रिकेट प्रतियोगिता तीन दिसम्बर से पांच दिसंबर तक भिवानी में आयोजित होनी है। विनोद ने बताया कि खुद दिव्यांग होने के कारण उसने बहुत कठिन परिश्रम किया है। वह एक गरीब परिवार से आता है। उसके पिता  मजदूरी करते थे। उसने भी पढ़ाई के साथ साथ मजदूरी की है। उसका क्रिकेट के प्रति बहुत लगाव था। पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट भी खेलता था। मैं दिव्यांग भी हूं और परिवार की गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन क्रिकेट नहीं छोड़ा। सभी अपने फील्ड में आगे बढ़ते है। मैंने अपने क्रिकेट को लेकर काफी लगन रखते हुए क्रिकेट खेलना जारी रखा। आज मेरा इंडो नेपाल क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए सलेक्शन हुआ है। यह प्रतियोगिता भिवानी में आयोजित हो रही है। भारत और नेपाल की क्रिकेट टीमों के बीच मैच होगा। वहीं उसके बाद कुछ देशों की वर्ल्ड स्तरीय क्रिकेट सीरीज होगी। उसके लिए भी मैं अपनी तैयारी कर रहा हूं। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि विनोद बहुत ही मेहनतशील है। उसका क्रिकेट के प्रति जुनून अलग है। आज भारतीय टीम में सलेक्शन हुआ उसके लिए बहुत खुशी हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग में डिजिटल संकट: एमपीएचडब्ल्यू के बहिष्कार से ऑनलाइन सेवाएं ठप

चंडीगढ़  हरियाणा में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) वर्ग द्वारा ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टल का बहिष्कार जारी है। एसोसिएशन के आह्वान के बाद यह आंदोलन गत 25 अक्टूबर से चल रहा है, जिसके कारण प्रदेश की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग ठप पड़ी हुई है। अब सिर्फ ऑफलाइन कार्य ही किए जा रहे हैं। इस डिजिटल बंदी का असर गर्भवती महिलाओं के आरसीएच नंबर आधारित अल्ट्रासाउंड, टीकाकरण का रिकॉर्ड, आशा वर्कर का भुगतान, टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल, निरोगी हरियाणा और आयुष्मान भारत जैसे कई कार्यक्रमों पर पड़ा है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, उप प्रधान सुदेश रानी व वित्त सचिव धर्मवीर ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा लगातार अनदेखी के कारण यह कदम मजबूरी में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को हो रही असुविधा का हमें खेद है, लेकिन हमारी जायज मांगों के बिना ऑनलाइन काम संभव नहीं। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू के अनुसार, अनमोल, एनसीडी, डिजीज सर्विलांस, सुरक्षित नारी-सुरक्षित परिवार, एनीमिया मुक्त भारत सहित कुल 11 डिजिटल पोर्टलों पर लगभग 88 प्रतिशत तक कार्य बंद हो चुका है, जिससे डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग निष्क्रिय हो गई है। आज काले बिल्ले लगाकर टीकाकरण राज्य महासचिव सहदेव आर्य ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। उनकी ओर से पदनाम संशोधन, प्रमोशन व कन्फर्मेशन सूची जारी करना, एनएचएम महिला कर्मचारियों को एफपीएल-6 वेतनमान, ड्रेस, ट्रैवलिंग व एमसीएच भत्ता, रिटायरमेंट लाभ व ग्रेच्युटी तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती की मांग उठाई जा रही है। आंदोलन के तहत कर्मचारी बुधवार को टीकाकरण दिवस पर काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 29 जनवरी को पंचकूला में मिशन निदेशक कार्यालय के बाहर राज्य व जिला पदाधिकारी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपवास रखकर मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।