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उपवास के दौरान कैसे रहें एनर्जेटिक: नवरात्रि डाइट टिप्स

शारदीय नवरात्र का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में देवी के नौ रूपों की आराधना होती है। भक्तजन इस दौरान पूजा-पाठ करते हैं और उपवास भी करते हैं। कुछ पूरे नौ दिनों का उपवास करते हैं, कुछ नवरात्र के पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं, तो कुछ नौ दिनों तक दिन में सिर्फ एक ही बार अन्न खाते हैं। आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धि के लिए व्रत रखना जरूरी माना जाता है, लेकिन लंबे समय तक उपवास रखने से शरीर में कमजोरी, थकान और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आपकी डाइट (Navratri Diet Tips) ऐसा हो जो आपको भरपूर एनर्जी दे और आपके तन-मन को फिट रखे। आइए जानते हैं कुछ जरूरी डाइट टिप्स जिन्हें अपनाकर आप व्रत के दौरान भी खुद को एनर्जेटिक बनाए रख सकते हैं। हाइड्रेशन है सबसे जरूरी व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। इसलिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, दही और ताजे फलों के जूस भी पीते रहें। ये न केवल आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करेंगे, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस भी बनाए रखेंगे, जिससे कमजोरी महसूस नहीं होगी। छोटे-छोटे अंतराल में कुछ न कुछ खाएं अगर आप पूरे दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन करते हैं, तो इससे ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है और कमजोरी आ सकती है। इससे बचने के लिए कोशिश करें कि हर 2-3 घंटे में कुछ हल्का-फुल्का जरूर लें। आप फल, मेवे, साबुदाना के चिप्स या एक गिलास दूध ले सकते हैं। इससे शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहेगी। पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें व्रत में केवल फलाहार पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपनी डाइट में पोषक तत्वों को शामिल करें। ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट, काजू; सीड्स जैसे कद्दू के बीज; और फल जैसे केला, सेब, नाशपाती खाएं। इनमें मौजूद नेचुरल शुगर, विटामिन और मिनरल्स शरीर को एनर्जी देंगे। सही समय पर सेंधा नमक खाएं अगर आप दिन में एक बार सेंधा नमक वाला खाना खाते हैं, तो उसे सुबह के समय लेना ज्यादा फायदेमंद होगा। दिन के समय शरीर को ज्यादा एनर्जी और सोडियम की जरूरत होती है। सेंधा नमक शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। व्रत खोलते समय रखें सावधानी नौ दिन के व्रत के बाद पेट थोड़ा सेंसिटिव हो जाता है। ऐसे में व्रत खोलते समय हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए। तली-भुनी या भारी चीजों से परहेज करें। व्रत खोलने के लिए सबसे पहले नारियल पानी, छाछ या फलों का जूस लें। कुछ देर बाद हल्का खाना जैसे फल, दही, या सब्जियों का सूप ले सकते हैं। नवमी के प्रसाद में संयम बरतें नवमी के दिन बनने वाले स्वादिष्ट प्रसाद जैसे पूरी, चना, हलवा आदि देखकर अक्सर लोग ज्यादा खा लेते हैं, जिससे पेट खराब हो सकता है। इन चीजों को सीमित मात्रा में ही खाएं, खासकर अगर आपने नौ दिनों का उपवास रखा है। साथ ही, प्रसाद लेने के बाद हल्का खाना करें और अगले दिन ही सामान्य खाना-पीना शुरू करें।  

सिर्फ 30 सेकेंड में ECG रिपोर्ट, ब्लड प्रेशर भी ट्रैक करेगी नई स्मार्टवॉच

नई दिल्ली हुवावे ने मार्केट में अपनी नई स्मार्टवॉच को लॉन्च किया है। हुवावे की इस नई वॉच का नाम Huawei Watch D2 Blue Edition है। यह वॉच मेडिकल ग्रेड हेल्थ फीचर्स के साथ आती है। इसे CE-MDR (EU Medical Device Regulation) ने मेडिकल डिवाइस के तौर पर सर्टिफाइ किया है। कंपनी ने इस वॉच को अभी यूरोप में लॉन्च किया है। यूके में इसकी कीमत £349.99 (करीब 41,500 रुपये) है। वॉच ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस है। साथ ही इसमें ECG फंक्शन भी दिया गया है, जो 30 सेकेंड में रिपोर्ट जेनरेट कर देता है। हुवावे वॉच D2 ब्लू एडिशन के फीचर और स्पेसिफिकेशन कंपनी इस वॉच में मेडिकल-ग्रेड हेल्थ और फिटनेस मॉनिटरिंग सिस्टम दे रही है। इसमें ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम भी ऑफर किया जा रहा है, यूजर्स को रेग्युलर चेक के लिए रिमाइंडर भी देता है। वॉच के यूजर मेजरमेंट को शेड्यूल कर सकते हैं और डीटेल्ड रिपोर्ट देख सकते हैं। यह पल्स रेट भी बताता है। वॉच यूरोपियन सोसायटी ऑफ हाइपरटेंशन की गाइडलान्स को पूरी तरह फॉलो करती है। हुवावे की यह वॉच कंपनी की TruSense सिस्टम के साथ आती है। इसके स्ट्रैप में हाई-प्रिसिशन प्रेशर सेंसर, एक मिनी पंप और एक 26.5mm का इन्फ्लेटेबल एयरबैग मौजूद है। वॉच में यूजर्स को Pulse Wave Arrhythmia Analysis के साथ ऑन-रिस्ट ईसीजी फंक्शन भी मिलेगा, जो 30 सेकेंड मेजरमेंट करके रिपोर्ट जेनरेट कर देता है। इन सब शानदार हेल्थ फीचर्स के अलावा वॉच में कंपनी हार्ट रेट मॉनिटर, स्ट्रेस ट्रैकिंग, SpO2 सेंसर, स्किन टेंप्रेचर मॉनिटरिंग और स्लीप ऐनालिसिस भी दे रही है। हुवावे की इस वॉच में आपको 480 x 408 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 1.82 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। यह डिस्प्ले 1500 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल के साथ आता है। वॉच का वजन बिना स्ट्रैप 40 ग्राम है। कंपनी ने इस वॉच को ब्लू, ब्लैक और गोल्ड कलर ऑप्शन में लॉन्च किया है।

अब फिजिकल आधार कार्ड की ज़रूरत नहीं, ऐप से ही बनेगा काम

नई दिल्ली भारत सरकार जल्द ही आधार कार्ड को अपडेट करने की सुविधा को आसान बनाने वाली है। सरकार की ओर से एक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च होने वाला है, जिसके जरिए लोग अपने आधार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे- नाम, एड्रेस और जन्मतिथि को आसानी से अपडेट कर सकेंगे। यह ऐप यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UAIDI) बना रहा है। इसका उद्देश्य है लोगों के आधार अपडेट के काम को आसान करना, आकी उन्हें बार-बार आधार सेवा केंद्रों पर जाने की जरूरत न पड़े। आधार केंद्रों पर पहले स्लॉट बुक कराना होता है और फिर लंबी कतार में लगना पड़ता है। लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह ऐप जल्द ही लॉन्च होने वाला है और इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान होगा। इसका नाम फिलहाल e-Aadhaar App बताया जा रहा है। फिजिकल कार्ड न होने पर भी इससे आपका काम आसान हो सकता है। क्या-क्या अपडेट कर पाएंगे यूजर्स? इस नए आधार ऐप के जरिए यूजर्स अपने स्मार्टफोन से ही अपनी निजी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। इसमें नाम, जन्मतिथि, पता और फोन नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। पहले इसके लिए आधार सेवा केंद्रों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह काम घर बैठे हो सकेगा। सरकार का कहना है कि यह ऐप इस साल के अंत तक लॉन्च हो सकता है। यह ऐप एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं देगा, जिससे समय की बचत होगी। आप प्रोसेस को ट्रैक भी कर पाएंगे। AI और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल भी हुआ इस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आधार से जुड़ी सेवाएं न केवल सुरक्षित होंगी, बल्कि तेज और आसान भी होंगी। फेस आईडी के जरिए यूजर्स की पहचान को और सिक्योर किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। इस ऐप के आने बाद आपको केवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जैसे फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग के लिए ही आधार केंद्र जाना होगा। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और प्रक्रिया तेज होगी। खुद ही निकाल लेगा आपके दस्तावेज इस ऐप की एक और खास बात यह है कि यह सरकारी सोर्सेस से खुद ही डेटा ले लेगा। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड और मनरेगा योजना के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज शामिल होंगे। इसके अलावा, बिजली बिल की जानकारी भी ली जा सकती है, जिससे एड्रेस की पुष्टि करना और आसान हो जाएगा। इस यूजर्स को यह फायदा है कि उन्हें ज्यादा ज्यादा दस्तावेज जमा नहीं कराने होंगे।

शोध में खुलासा: दुबलापन हो सकता है मोटापे से भी ज्यादा घातक

नई दिल्ली अधिक वजन-मोटापा मौजूदा समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़े के मुताबिक देश में 15-49 वर्ष की आयु के 23% से ज्यादा पुरुष और 24% महिलाएं अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। ये साल 2000 के दशक की शुरुआत से वयस्कों में क्रमशः 91% और 146% की वृद्धि है। वसा और चीनी वाली चीजों के अधिक सेवन, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, शहरीकरण के कारण गतिहीन होती जीवनशैली और बदलते सामाजिक-आर्थिक मानकों को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। बढ़ते वजन को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि कुछ कैंसर के खतरे को भी बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। अधिक वजन और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर तो अक्सर चर्चा होती रहती है। लेकिन अब यहां ट्विस्ट ये है कि हाल के अध्ययनों में एक चौंकाने वाली बात बताई है। विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है कि अधिक वजन तो खतरनाक है ही पर बहुत ज्यादा दुबला-पतला होना उससे भी गंभीर समस्या है। मसलन शरीर को स्वस्थ रखना है कि वजन को सामान्य रखने पर ध्यान देना जरूरी है। बहुत ज्यादा दुबला-पतला होना भी खतरनाक एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि बहुत ज्यादा दुबला-पतला होना, अधिक वजन या मोटापे से ज्यादा घातक हो सकता है। वैज्ञानिकों ने पांच वर्षों में 85,761 व्यक्तियों का अध्ययन किया, जिसके दौरान आठ प्रतिशत प्रतिभागियों (7,555) की मृत्यु हो गई। प्रतिभागियों में से 81.4 प्रतिशत महिलाएं थीं और अध्ययन की शुरुआत में उनकी औसत आयु 66.4 वर्ष थी। डेनिश वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग बहुत कम बीएमआई वाले थे उनमें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण असमय मृत्यु का खतरा, मोटे लोगों की तुलना में अधिक देखी गई। अध्ययन में सामने आई चौंकाने वाली बातें साइंसडेली में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अंडरवेट कैटेगरी (18.5 और उससे कम बीएमआई) वाले लोगों में गंभीर रोगों के खतरे और असमय मृत्यु का जोखिम, अधिक वजन (25-30 बीएमआई) वालों की तुलना में 2.7 गुना अधिक थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, ये मानते रहना कि सिर्फ अधिक वजन वाले लोगों में गंभीर रोगों का खतरा होता है, ये सही नहीं है। हमने अध्ययन में पाया है कि सामान्य से कम वजन होना आपके लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। डेनमार्क स्थित आरहूस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में प्रोफेसर डॉ. सिग्रिड बर्ज ग्रिबशोल्ट ने बताया कि इन डेटा को देखते समय कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। कुछ लोगों का वजन किसी अंतर्निहित बीमारी के कारण कम हो सकता है। हमने पाया कि दुबले-पतले लोगों को भी घातक हार्ट अटैक होने का खतरा हो सकता है क्योंकि उनके शरीर में छिपी हुई वसा हृदय की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देती है। ये खतरनाक फैट जिसे विसरल फैट कहा जाता है, शरीर के अंदर गहराई तक जमा हो जाती है। इसके लिवर, पेट और आंतों के चारों ओर जमा होने का खतरा अधिक रहता है।   वजन को लेकर बरतें सावधानी आमतौर पर दुबले-पतले दिखने वाले लोगों में माना जाता है कि इनके शरीर में फैट कम है, हालांकि ये अंदर ही अंदर हानिकारक मात्रा में फैट जमा कर रहे होते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में इसका स्तर अधिक था, उनके हृदय और रक्त वाहिकाएं तेजी से बूढ़ी हो रही थीं। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित निष्कर्ष यह भी बताते हैं कि हृदय स्वास्थ्य के मामले में, शरीर का आकार केवल वजन से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जब भी बात की जाए तो अब सिर्फ बढ़ते वजन को खतरा मानना ठीक नहीं है, कम वजन या दुबले-पतले लोगों को भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

कमाल की इनोवेशन! दिल्ली के युवक ने बनाया AlterEgo, बोले बिना होगी बातचीत

नई दिल्ली साइंस फिक्शन फिल्मों में आपने देखा होगा कि किस तरह से लोग बिना बोले एक दूसरे से मन ही मन बात कर पाते हैं। अब ऐसा असल दुनिया में भी हो पाएगा। दरअसल दिल्ली में जन्मे और अमेरिका की MIT से पढ़े अर्णव कपूर ने एक हैरतअंगेज डिवाइस बनाया है, जिसकी मदद से लोग बिना एक शब्द भी बोले आपस में बात कर पाएंगे। इतना ही नहीं इस डिवाइस का इस्तेमाल करके इंसान मशीनों के साथ भी बात-चीत कर सकेंगे। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस डिवाइस की मदद से बातचीत करते हुए बात करने वालों को न तो हाथ-पैर हिलाने पड़ेंगे और न ही किसी तरह का भाव चहरे पर दिखाना होगा। अर्णव का यह डिवाइस बनाने का मकसद यही है कि जिन लोगों को बात करने में किसी भी वजह से तकलीफ होती है, वह इस डिवाइस को इस्तेमाल कर पाएं। हालांकि इसे इस्तेमाल हर कोई कर सकता है। चलिए अर्णव के AlterEgo नाम के इस डिवाइस के बारे में डिटेल में बात करते हैं। AlterEgo क्या है? AlterEgo एक डिवाइस का नाम है जिसे कि सिर पर पहन कर किसी शख्स से बिना बोले बात की जा सकती है। इसका इस्तेमाल मशीनों के साथ बातचीत करने में भी किया जा सकता है। यह मशीन इंसान के दिमाग में चलने वाले विचारों को पकड़कर उन्हें शब्दों में बदल देता है। MIT के अनुसार, यह डिवाइस 'इंटरनल आर्टिक्यूलेशन ऑफ वर्ड्स' के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि जब आप अपने मन में कुछ सोचते हैं, तो यह दिमाग में उठने वाली ऊर्जा या करंट को पकड़ पाता है। जिसे कि यह शब्दों में बदल सकता है। इस तकनीक खासियत है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए शरीर में किसी तरह का कोई डिवाइस इम्पलांट नहीं करना पड़ता। इस डिवाइस की मदद से इंसान बिना एक भी शब्द बोले AI, कंप्यूटर और दूसरे लोगों से प्राकृतिक भाषा में बात कर सकता है। कौन हैं अर्णव कपूर? अर्णव कपूर भारतीय मूल के शोधकर्ता हैं और उन्होंने AlterEgo प्रोजेक्ट को शुरू किया है। वह MIT यानी कि Massachusetts Institute of Technology से पढ़ाई कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल अर्णव कैम्ब्रिज में AlterEgo प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं और इस टेक्नोलॉजी को प्रोटोटाइप से इस्तेमाल के लायक एक कमर्शिलय प्रोजेक्ट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कैसे काम करता है AlterEgo? AlterEgo की वेबसाइट के मुताबिक जब भी कोई शख्स कुछ सोचता है, तो उसके चेहरे और गले की मांसपेशियां हल्की सी हरकत करती हैं। इन बारीक हरकतों को हमारी आंखें नहीं देख सकती हैं। AlterEgo इन्हीं छोटे-छोटे न्यूरल सिग्नल्स को पकड़ता है और उन्हें कंप्यूटर की भाषा में बदल देता है। इससे जुड़ी एक वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है जहां अर्णव कपूर से सवाल पूछे जा रहे हैं और वे बिना कुछ बोले तुरंत जवाब दे रहे हैं। इस टेक्नोलॉजी की खासियत है कि यह सिर्फ जानकारी भेजता नहीं है बल्कि उसे रिसीव भी कर सकता है। यही वजह है कि इस डिवाइस को पहने दो शख्स आपस में बिना बोले लंबी बातचीत कर सकते हैं। किस काम आएगा AlterEgo? AlterEgo की वेबसाइट के मुताबिक AlterEgo का मकसद उन लोगों की मदद करना है जिन्हें बोलने में समस्या होती है। ALS यानी कि एमियोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस और MS यानी कि मल्टिपल स्क्लेरोसिस जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग इसका सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। हालांकि इसके और भी यूज केस हैं। आम लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों में कंप्यूटिंग को आसान बनाने के लिए कर सकते हैं। अर्णव कपूर का यह आविष्कार न सिर्फ दिव्यांगों के लिए वरदान साबित हो सकता है बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया का नया अध्याय भी शुरू कर सकता है। अगर अर्णव इसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करवा पाने में कामियाब होते हैं, तो इंसानों की बात करने का तरीका भी पूरी तरह से बदल सकता है।

अल्ज़ाइमर का दुर्लभ रूप: सिर्फ़ याददाश्त ही नहीं, नज़र और समझ भी छीन लेता है

जब कोई बुजुर्ग अचानक अखबार पढ़ते हुए शब्द पहचान न पाए या घर की जानी-पहचानी चीजों को देखकर उलझन में पड़ जाए, तो अक्सर परिवार को लगता है कि समस्या आंखों में है। लोग तुरंत आई स्पेशलिस्ट के पास पहुंच जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह हमेशा आंखों की कमजोरी नहीं होती है? जी हां, कई बार इसके पीछे दिमाग से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी होती है, जिसे पोस्टीरियर कॉर्टिकल एट्रोफी कहते हैं। आइए, 21 सितंबर को मनाए जा रहे World Alzheimer's Day के मौके पर डॉ. संजय पांडे (हेड ऑफ न्यूरोलॉजी एंड स्ट्रोक मेडिसिन, अमृता अस्पताल, फरीदाबाद) से इस विषय के बारे में समझते हैं। आंखें ठीक, मगर दिमाग नहीं PCA दरअसल अल्जाइमर का एक असामान्य रूप है। इसमें दिमाग का पिछला हिस्सा प्रभावित होता है, जिसकी वजह से व्यक्ति की देखने और पहचानने की क्षमता कमजोर होने लगती है। हैरानी की बात यह है कि आंखें पूरी तरह से हेल्दी रहती हैं, लेकिन दिमाग उन्हें सही तरह से काम करने नहीं देता। स्टडी से मिली चौंकाने वाली जानकारी Neurology जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन बताता है कि ऐसे मरीजों को सही निदान मिलने में औसतन तीन से चार साल लग जाते हैं। ज्यादातर लोग शुरुआत में नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि परेशानी आंखों में है, लेकिन असल में यह समस्या मस्तिष्क की होती है। एक दिलचस्प केस स्टडी में सामने आया कि 82 वर्षीय महिला, जिन्हें अल्जाइमर की शुरुआती समस्या थी, अचानक पेंटिंग करने लगीं। जीवनभर कभी कला से न जुड़ी इस महिला की यह “नई शुरुआत” वैज्ञानिकों के लिए हैरान करने वाली थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि कभी-कभी दिमाग में होने वाले बदलाव छिपी हुई रचनात्मक क्षमताओं को भी सामने ला देते हैं। लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें     अचानक पढ़ने या लिखने में कठिनाई होना     परिचित वस्तुओं को पहचानने में समस्या     आंखों की जांच सामान्य आने के बावजूद दृष्टि संबंधी दिक्कत बने रहना     रोजमर्रा के काम करते समय दृश्य भ्रम महसूस होना अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो इसे केवल “बुढ़ापे की निशानी” मानकर न टालें। डॉक्टरों की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल आंखों की जांच तक सीमित न रहें। तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है। जितनी जल्दी सही कारण सामने आएगा, उतनी जल्दी इलाज की दिशा तय हो पाएगी। परिवार की भूमिका भी है अहम मरीज को पॉजिटिव एक्टिविटीज में शामिल करें। अगर उन्हें अचानक पेंटिंग, संगीत या लेखन में रुचि हो तो उन्हें प्रोत्साहित करें। इससे न केवल मानसिक सुकून मिलेगा बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है।

फिटनेस और फैशन का संगम: वर्कआउट में भी रखें स्टाइल और स्किन केयर का ख्याल

क्या जिम जाने के लिए सिर्फ पुराने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट काफी हैं? दरअसल, जब बात आती है फिटनेस की, तो हम अपने शरीर का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन अक्सर दो जरूरी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं: सही वर्कआउट फैशन और स्किनकेयर। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके कपड़े और स्किन केयर आपकी परफॉरमेंस को कैसे प्रभावित करती है? वर्कआउट के बाद पिंपल्स क्यों हो जाते हैं या गलत जूते पहनने से क्या-क्या दिक्कतें आ सकती हैं? अगर नहीं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि इस आर्टिकल में हम सिर्फ पसीना बहाने की नहीं, बल्कि स्टाइल और हेल्दी स्किन के साथ फिट रहने की बात भी करेंगे। आइए जानते हैं कि कैसे आप जिम में भी स्टाइलिश और फ्रेश दिख सकते हैं। वर्कआउट फैशन वर्कआउट के दौरान सही कपड़े पहनना सिर्फ स्टाइल के लिए नहीं, बल्कि आपके आराम और परफॉर्मेंस के लिए भी बहुत जरूरी होते है। तो आइए जानते हैं, कैसे आप वर्कआउट करते हुए भी स्टाइलिश और आरामदायक दिख सकते हैं। सही कपड़े चुनें सबसे पहले, ऐसे कपड़े चुनें जो हवादार हों। कॉटन के कपड़े पसीने को सोख लेते हैं और भारी हो जाते हैं, जिससे असहज महसूस हो सकता है। इसकी जगह, पॉलिएस्टर, नायलॉन या स्पैन्डेक्स जैसे महीन फैब्रिक चुनें। ये पसीना जल्दी सुखाते हैं और आपको हल्का महसूस कराते हैं। फिटिंग का रखें ध्यान बहुत ढीले या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें। ढीले कपड़े आपके वर्कआउट में बाधा डाल सकते हैं, जबकि बहुत टाइट कपड़े ब्लड सर्कुलेशन को रोक सकते हैं। ऐसे कपड़े चुनें जो आपकी बॉडी को अच्छी तरह से फिट हों, लेकिन फ्लेक्सिबल भी हों ताकि आप आसानी से स्ट्रेच और मूव कर सकें। सही जूते पहनें आपके वर्कआउट के जूते भी बहुत जरूरी हैं। दौड़ने के लिए अलग तरह के जूते होते हैं और लेट लिफ्टिंग के लिए अलग। हमेशा ऐसे जूते चुनें जो आपके पैरों को सही सपोर्ट दें और चोट लगने से बचाएं। एक्सेसरीज हैं काम की आप अपनी स्टाइल को और बेहतर बनाने के लिए छोटी-छोटी चीजें जैसे स्पोर्ट्स ब्रा, हेडबैंड और सही मोजे चुन सकते हैं। एक अच्छी स्पोर्ट्स ब्रा आपके वर्कआउट को आरामदायक बनाती है और एक हेडबैंड पसीने को चेहरे पर आने से रोकता है। इसलिए, अगली बार जब आप जिम जाएं, तो सिर्फ अपने शरीर का ही नहीं, बल्कि अपने स्टाइल का भी ध्यान रखें। वर्कआउट स्किनकेयर वर्कआउट करना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आपकी त्वचा पर क्या असर पड़ता है? पसीना, गंदगी और बैक्टीरिया मिलकर आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे पिंपल्स और रैशेस हो सकते हैं। घबराइए नहीं! सही स्किनकेयर रूटीन फॉलो करके आप अपनी त्वचा को चमका सकते हैं। वर्कआउट से पहले हमेशा मेकअप हटाकर वर्कआउट करें। मेकअप के साथ वर्कआउट करने से आपके पोर्स बंद हो जाते हैं और पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। अपनी त्वचा को साफ रखें और अगर आप बाहर वर्कआउट कर रहे हैं, तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं।   वर्कआउट के दौरान अपने चेहरे को बार-बार न छुएं। जिम में कई चीजों पर बैक्टीरिया होते हैं, जो आपके हाथ से आपके चेहरे पर आ सकते हैं। पसीना पोंछने के लिए एक साफ तौलिए का इस्तेमाल करें। वर्कआउट के बाद वर्कआउट के तुरंत बाद नहा लें या चेहरा धो लें। यह पसीना और गंदगी को हटाता है। अगर आप तुरंत नहीं नहा सकते, तो कम से कम फेस वाइप्स से अपना चेहरा साफ कर लें। इसके बाद, अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करना न भूलें ताकि वो ड्राई न हो। पिंपल्स से बचें अगर आपको अक्सर पिंपल्स होते हैं, तो सैलिसिलिक एसिड या बेंजॉयल पेरोक्साइड वाला फेस वॉश इस्तेमाल करें। ये आपकी त्वचा के पोर्स को साफ रखने में मदद करते हैं। याद रखें, स्वस्थ शरीर के साथ-साथ हेल्दी स्किन भी जरूरी है। तो इन छोटे-छोटे स्किनकेयर टिप्स को फॉलो करके अपनी त्वचा को भी स्वस्थ रख सकते हैं।

MacBook Air M2 महज ₹63,990 में! जानिए फ्लिपकार्ट और अमेज़न की सेल में कौन-कौन से लैपटॉप्स पर है बंपर डिस्काउंट

नई दिल्ली ऑफिस का काम करना हो या फिर ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी, सभी कामों के लिए लैपटॉप की जरूरत होती है। अगर आपका लैपटॉप पुराना हो गया है और आप नया खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो एक अच्छा मौका आने वाला है। 23 सितंबर से फ्लिपकार्ट और अमेजन दोनों वेबसाइट पर सेल शुरू होने वाली है। अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल 2025 के कई ऑफर्स लाइव कर दिए गए हैं। Asus, Acer, Apple, Lenovo, Hp, Dell जैसी कई कंपनियों के लैपटॉप पर भारी छूट मिलेगी। सेल से पहले ही ऑफर्स सामने आ गए हैं। Apple के लैपटॉप को 50 हजार से भी कम में खरीदने का मौका मिल रहा है। आइये, ऑफर्स की डिटेल जानते हैं। Apple के इस लैपटॉप पर भारी छूट आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Flipkart Big Billion Days Sale में ऐपल का लैपटॉप Macbook Air M2 को 63,990 रुपये में खरीदने का मौका मिलेगा। इस लैपटॉप की कीमत 67,990 रुपये है। इस लैपटॉप में 13.6 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। यह तीन कलर ऑप्शन में आता है। फ्लिपकार्ट सेल में इन लैपटॉप्स पर भी छूट ऐपल के लैपटॉप के अलावा HP 14 Core Ultra AI लैपटॉप को सेल में 60 हजार रुपये से कम में खरीद पाएंगे। वहीं, Asus Expertbook P1 लैपटॉप 50 हजार से कम में मिलेगा। इतना ही नहीं, Asus Vivobook S14 Flip लैपटॉप को 50 हजार रुपये से कम में खरीदने का मौका मिलेगा। Acer Aspire 14 सेल में 40 हजार रुपये से कम में खरीदा जा सकेगा। ध्यान रखें कि ये कीमतें बैंक कार्ड के ऑफर्स के बाद होंगी। Amazon Sale में सस्ते मिलेंगे ये लैपटॉप अमेजन सेल में भी लैपटॉप सस्ते में मिल रहे हैं। Asus Vivobook 13th Gen i5 सेल में 60 हजार रुपये में कम में मिलेगा। वहीं, Lenovo Slim 3 13th Gen i7-H को सेल में 60 हजार रुपये से कम में खरीदने का मौका है। Asus Vivobook 13th Gen i3 सेल में 30 हजार रुपये से कम में मिलेगा। एक दिन पहले मिलेंगे ऑफर्स आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्लिपकार्ट के प्लस और ब्लैक मेंबर्स और अमेजन के प्राइम मेंबर्स के लिए सेल एक दिन पहले यानी 22 सितंबर से शुरू हो जाएगी। बता दें कि दोनों सेल में चुनिंदा बैंक के कार्ड पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस सेल में आप कम खर्च करके अच्छे प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।

Google Gemini नहीं, WhatsApp से ही बनाइए साड़ी ट्रेंड की फोटो

नई दिल्ली   Google का Gemini Nano Banana इन दिनों इंटरनेट पर छाया हुआ है। सभी लोग इसके जरिए तरह-तरह के फोटोज बना रहे हैं। हर कोई इसकी बातें कर रहा है। इस इमेज जनरेटर और एडिटर से आप अपनी यूनिक फोटोज बना सकते हैं। इसकी मदद से अभी तक इंटरनेट पर लोगों के अपने 3D खिलौने वाली AI तस्वीरें और AI साड़ी वाली तस्वीरें शेयर की हैं। यह ट्रेंड खूब देखने को मिला। लोगों की सुविधा के लिए अब Perplexity ने Nano Banana मॉडल को अपने WhatsApp बॉट में शामिल कर लिया है। इसका मतलब है कि अब लोग व्हाट्सऐप के जरिए भी नैनो बनाना से फोटो बना पाएंगे। आइये, जानते हैं कैसे। व्हाट्सऐप से बना पाएंगे नैनो बनाना वाली फोटोज Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने LinkedIn पर पोस्ट करके बताया है कि Perplexity के व्हाट्सऐप चैटबॉट में गूगल जेमिनी के नैनो बनाना टूल को इंटीग्रेट कर लिया गया है। अब WhatsApp के जरिए Nano Banana का यूज करके लोग आसानी से फोटो बना सकेंगे। श्रीनिवास ने एक छोटा सा वीडियो भी दिखाया है। इस वीडियो में एक यूजर Perplexity Chatbot से एक फोटो में खुद को गंजा करने के लिए कहता है। बॉट कुछ ही सेकंड में उसके दिए गए प्रॉम्प्ट के अनुसार फोटो बना रहा है। इससे यह भी पता चलता है कि Nano Banana को इस्तेमाल करने के लिए Gemini ऐप की जरूरत नहीं होगी। आप WhatsApp से फोटो बना पाएंगे। Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास का कहना है कि WhatsApp के जरिए Nano Banana के इस्तेमाल से लोगों को बहुत फायदा होगा। वे आसानी से अपनी तस्वीरों में बदलाव कर सकेंगे। WhatsApp पर Nano Banana से फोटो बनाना है बहुत आसान     नैनो बनाना का व्हाट्सऐप पर यूज करने के लिए आपको सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर WhatsApp ओपन करना होगा।     इसके बाद सर्च बॉक्स पर टैप करें।     अब Perplexity Bot का नंबर डालें, जो +1 (833) 436-3285 है।     ऐसा करते ही आपको सर्च रिजल्ट में बॉट दिखाई देगा। बॉट पर टैप करें और चैट पर जाएं।     अब आपको चैट में अपनी पसंद की एक फोटो डालनी होगी और उसके साथ वह प्रॉम्प्ट दें, जिसके अनुसार आप बदलाव देखना चाहते हैं     फिर बस थोड़ी देर इंतजार करें और आपकी फोटो बन जाएगी। हालांकि, ध्यान रखें कि अच्छी फोटोज के लिए आपको प्रॉम्प्ट सही देना होगा, ताकि चैटबॉट आपकी बात आसानी से समझ पाए और आपके अनुसार फोटो बना सके। नैनो बनाना का यूज करके आप अलग-अलग साड़ी में या फिर स्टाइल में फोटो बना सकते हैं।

स्मार्ट टीवी खरीदना हुआ सस्ता, Kodak ने पेश की किफायती टीवी लाइन

मुंबई  Kodak ने अपनी लेटेस्ट स्मार्ट टीवी सीरीज को लॉन्च कर दिया है. कंपनी की लेटेस्ट Matrix सीरीज स्मार्ट टीवी में चार स्क्रीन साइज का ऑप्शन मिलता है. ये कंपनी की लेटेस्ट QLED Google TV सीरीज है. इसमें 43-inch, 50-inch, 55-inch और 65-inch स्क्रीन साइज का विकल्प मिलेगा.  ब्रांड के लेटेस्ट टीवी को कंपनी ने कम बजट वाले यूजर्स को टार्गेट करते हुए लॉन्च किया है. इस टीवी सीरीज की कीमत 20 हजार रुपये से कम बजट में शुरू होती है. इनमें कंपनी ने बेजल-लेस डिजाइन और प्रीमियम QLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया है. आइए जानते हैं इन टीवी की कीमत और दूसरी डिटेल्स.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Kodak के लेटेस्ट स्मार्ट टीवी में स्लीक बेजल-लेस डिजाइन मिलेगा. इसमें प्रीमियम QLED 4K डिस्प्ले दिया गया है जो HDR 10+ के साथ आते हैं. टीवी में Dolby Atmos और Dolby Digital+ का सपोर्ट मिलता है. इस सीरीज के टीवी में चार स्पीकर का इस्तेमाल किया गया है, जो 60W का साउंड आउटपुट ऑफर करता है. ये सभी टीवी Google TV पर काम करते हैं और इसमें गूगल असिस्टेंट का सपोर्ट मिलता है. इसमें क्रोमकास्ट और एयरप्ले बिल्ट-इन का सपोर्ट दिया गया है. इस पर Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar, Zee5 और दूसरे OTT प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस मिलेगा.  कितनी है कीमत?  Kodak QLED Smart TV चार स्क्रीन साइज में आते हैं. स्मार्ट टीवी का 43-inch स्क्रीन साइज वाला वेरिएंट 18,799 रुपये में आता है. वहीं 50-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 23,999 रुपये, 55-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 27,649 रुपये और 65-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये है.  कंज्यूमर्स इन सभी को 10 परसेंट के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं. ये डिस्काउंट Axis और ICICI बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड पर मिल रहा है. इन्हें आप Flipkart से खरीद सकते हैं. डिस्काउंट के बाद इस सीरीज की कीमत 16,999 रुपये से शुरू होती है.