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क्या स्मार्टफोन का युग खत्म? ज़ुकरबर्ग का चौंकाने वाला डिवाइस आएगा आंखों के पास, काम करेगा बिना टच के!

नई दिल्ली  स्मार्टफ़ोन की जगह फ्यूचर में कौन सा डिवाइस लेगा? कुछ समय से ऐसी डिस्कशन देखने को मिल रही है. आपको याद हो तो हाल ही में Humane AI Pin लॉन्च किया गया था. इसे ऐपल के ही एक फॉर्मर एग्जिक्यूटिव ने लॉन्च किया था. इस AI डिवाइस की हाइप भी काफी थी, लेकिन ये फ्लॉप हो गया.  स्मार्ट ग्लासेज का कॉन्सेप्ट नया नहीं है, लेकिन पिछले दो सालों में AI पावर्ड स्मार्ट ग्लासेज का क्रेज़ तेजी से बढ़ा है. ख़ास तौर पर MetaRayban स्मार्ट ग्लासेज दुनिया भर में हॉट सेलिंग रहे हैं. मेटा को लग रहा है कि कंपनी स्मार्ट ग्लासेज के ज़रिए पूरा इकोसिस्टम तैयार कर सकती है.  Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने हाल ही में कहा कि फ्यूचर में जिनके पास स्मार्ट ग्लासेज नहीं होंगे वो पीछे रह जाएंगे. ज़ाहिर है ये बात उनके प्रचार का हिस्सा है, लेकिन ये कई मायनों में सही भी है.  Meta Connect इवेंट में मार्क जकरबर्ग ने लेटेस्ट जेनेरेशन Meta Rayban Display लॉन्च किया है. ये मौजूदा Meta RayBan स्मार्ट ग्लासेज से काफी अलग हैं और इसमें इनबिल्ट स्क्रीन भी है जहां आप वीडियोज भी देख सकते हैं और यहां लाइव नेविगेशन भी दिख सकता है. इसे ऑग्मेंटेड रिएलिटी (AR) ग्लास कहा जा सकता है.  Meta ने कुछ समय पहले Orion Glasses भी अनवील किया था जो Snapchat के ऑग्मेंटेड रिएलिटी ग्लासेज का राइवल है. हालांकि ये अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन कंपनी इसपर काफी अग्रेसिवली काम कर रही है. कुछ सालों में इसका फाइनल बिल्ड किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो Apple Vision Pro जैसे डिवाइसेज के लिए बड़ा खतरा होगा. क्योंकि Apple Vision Pro काम तो बेहतर करता है, लेकिन ये काफी भारी है और लंबे समय तक पहन कर रहने में लोग कंफर्टेबल नहीं हो सकते.  स्मार्ट ग्लासेज़ का मार्केट मार्केट में जो भी मौजूदा स्मार्ट ग्लासेज हैं उनमें स्पीकर्स, माइक्रोफोन्स और कैमरे दिए गए हैं, लेकिन डिस्प्ले नहीं होता है. हाल ही में Halliday Glasses लॉन्च हुए थे जिनमे एक व्यू फ़ाइंडर दिया गया है. एक ग्लास में आप स्क्रीन देखने लगते हैं, लेकिन Meta का RayBan Display में ग्लास पर ही स्क्रीन एंबेड कर दी गई है.  आपको ऐसा लग रहा होगा कि चश्मे में डिस्प्ले दी गई है तो इससे काफी डिस्ट्रैक्शन होगा. यानी आप सामने देखेंगे और डिस्प्ले ऑन हो गई तो मुश्किल हो जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं है.  इससे आपको विजन ब्लॉक नहीं होगा, क्योंकि  आपको ऐसा लगेगा कि आपके सामने डिस्प्ले प्रोजेक्ट की जा रही है. अगर आपने कार में HUD देखा है तो ये कमोबेश वैसा ही लगता है. यानी स्क्रीन आपसे दूर दिखेगी और पेरिफेरल विजन में रहेगी.  स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा? स्मार्ट ग्लासेज के साथ बड़ा पॉजिटिव प्वाइंट ये है कि आप इसे पहन कर अनकंफर्टेबल नहीं होते जैसे Vision Pro या Meta Quest जैसे ऑग्मेंटेड रिएयलिटी हेडसेट को पहन कर होते हैं. अमूमन ऑग्मेंटेंड रियलिटी हेडसेट काफी भारी होते हैं. अगर Meta या कोई भी कंपनी Apple Vision Pro जैसे तमाम फीचर्स अगर स्मार्ट ग्लासेज में ही फिट करने में पूरी तरह सफल रहती है तो ये एक बड़ा ब्रेकथ्रू होगा. फिलहाल कुछ सालों तक स्मार्टफोन को पूरी तरह रिप्लेस करने वाला कोई डिवाइस नहीं आएगा, लेकिन वेयरेबल कैटिगरी के स्मार्ट गाल्सेज में पूरी पोटेंशियल है कि ये स्मार्टफोन्स पर लोगों की निर्भरता कम कर दें. हालांकि ऐपल के पूर्व चीफ डिजाइनर और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन एक AI डिवाइस पर काम कर रहे हैं, इसलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या वो डिवाइस स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा?  Meta RayBan Display ग्लासेज से आप क्या-क्या कर सकते हैं? पहले वाले MetaRayban वेरिएंट्स को आप बोल कर कमांड दे सकते थे, लेकिन यहां आप देख कर जेस्चर के ज़रिए कमांड दे सकते हैं. पहनने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि आपसे कुछ फ़ीट की दूरी पर डिस्प्ले है जिससे आपका विजन भी ब्लॉक नहीं होगा. आप इसे चाहें तो ऑफ भी कर सकते हैं और इसे नॉर्मल सनग्लासेज की तरह यूज़ कर सकते हैं.  आपके सामने हर समय एक फ़्लोटिंग स्क्रीन दिखेगी जिसे आप कमोबेश फ़ोन की तरह ही यूज़ कर पाएंगे. कोई दूसरा ये डिस्प्ले नहीं देख पाएगा, सिर्फ आपको ही ये स्क्रीन दिखेगी.  आप चश्मे में ही शॉर्ट वीडियोज या रील्स स्क्रॉल कर सकते हैं जैसे फ़ोन पर करते हैं. ऑडियो क्वॉलिटी भी अच्छी होती है, इसलिए सिर्फ आपको ही ऑडियो भी सुनाई देगी, पास वालों को अंदाजा भी नहीं होगा कि आप चश्मे में ही वीडियो देख रहे हैं. कॉलिंग, मैसेजिंग से लेकर म्यूजिक का एक्स्पीरिएंस भी इसमें मिलता है.  MetaRaban Display के साथ एक न्यूरल रिस्ट बैंड भी आता है. इसके जरिए आप हैंड जेस्चर यूज करके स्क्रीन पर नेविगेशन कर सकते हैं, यानी कोई भी ऑप्शन को सेलेक्ट कर सकते हैं या बंद करके कुछ नया ओपन कर सकते हैं.  मैप्स रियल टाइम चलता है, इसलिए आपको फ़ोन निकालने की ज़रूरत नहीं होगी. स्मार्ट ग्लास की ही स्क्रीन में आपको रियल टाइम नेविगेशन मिल जाएगा.  ऐसे कई फीचर्स हैं जो यूजफुल हैं, लेकिन अभी ये परफ़ेक्शन से दूर हैं. लेकिन MetaRayban Display के बाद ये तो साफ है कि स्मार्ट ग्लासेज फ्यूचर में एक जरूरी गैजेट बन सकते हैं. इतना ही नहीं इससे स्मार्टफोन की डिपेंडेंसी भी कम हो सकती है.  फ़िलहाल ये अर्ली वर्जन्स हैं, लेकिन कुछ सालों के बाद स्मार्ट ग्लासेज के फीचर्स परफ़ेक्शन की तरफ़ जाएंगे और ये प्रैक्टिकल भी होंगे. दूसरी कंपनियां भी लगातार स्मार्ट ग्लासेज पर काम कर रही हैं. 

ChatGPT चैट हिस्ट्री हटाने का आसान तरीका, प्राइवेसी रखें पूरी सुरक्षित

नई दिल्ली ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स लोगों की लाइफ का पार्ट बनते जा रहे हैं. धीरे धीरे लोग अपने सर्च क्वेरीज के लिए गूगल सर्च के बजाए AI टूल्स की तरफ़ जा रहे हैं. जो सवाल आप गूगल से भी नहीं पूछते थे वो AI से पूछ रहे हैं.  सवाल पूछने का मतलब ये है कि आप उस AI टूल को अपनी पर्सनल डिटेल्स दे रहे हैं. बहरहाल, ये डिबेट तो चलती रहेगी कि आपका पर्सनल डेटा ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स के पास कितना सेफ है. लेकिन अभी आपको ये बताता हूं कि आप चैट जीपीटी से चैट हिस्ट्री और डेटा कैसे क्लियर कर सकते हैं. डेटा सर्वर से डिलीट कैसे कराएं ये आपको बाद में बताएंगे.  किसी भी AI टूल से आप से आप कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करते हैं तो एक लॉग बन जाता है. अमूमन ये लेफ्ट साइड में होता है. ChatGPT, Gemini और Grok जैसे टूल्स में लॉगइन करने के बाद होम पेज ओपन होता है और लेफ्ट साइड में एक पैनल खुलता है. यहां आपकी कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री होती है.  कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री डिलीट करने के लिए आपको थ्री डॉट को सेलेक्ट करना है. यहां पर रिनेम और डिलीट का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप हिस्ट्री क्लियर कर सकते हैं.  ChatGPT से ऐसे करें हिस्ट्री डिलीट  — स्मार्टफ़ोन पर ChatGPT ओपन करें और मेन्यू आइकॉन पर टैप करें.  — यहां सबसे नीचे आपको अपना प्रोफ़ाइल आइकॉन दिखेगा यानी आपका नाम — यहां टैप करना है.  — एक लिस्ट खुलेगी जहां Data Controls दिखेगा. इस मेन्यू में जा कर आप Clear Chat History सेलेक्ट कर सकते हैं.  Chat Export कैसे करें? ChatGPT आपको अपने चैट्स को एक्सपोर्ट करने का भी ऑप्शन देता है. डेटा कंट्रोल्स ऑप्शन में ही आपको और भी कई ऑप्शन्स दिखेंगे. यहां बॉटम में Export Data का ऑप्शन मिलता है. Export Data कन्फर्म करते ही आपकी पूरी चैट जीपीटी की हिस्ट्री आपकी ईमेल आईडी पर एक्सपोर्ट हो जाएगी.   इसी तरह ChatGPT की वेबसाइट पर लॉगइन करके भी आप अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. लॉगइन के बाद सेटिंग्स में जाना है Data Controls सर्च करें. यहां आपको डिलीट ऑल चैट्स का ऑप्शन दिखेगा जिसे सेलेक्ट करके ChatGPT से अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. 

डायबिटीज के मरीजों के लिए असरदार: यह सूखे पत्ते की चाय करें सेवन

नई दिल्ली  खड़े मसाले में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता शुगर में काफी फायदेमंद माना जाता है। तेज पत्ता में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व डायबिटीज में असरदार साबित होते हैं। तेज पत्ता में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और कॉपर होता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से तेज पत्ता का पानी या चाय पीने से पुरानी से पुरानी डायबिटीज को कम किया जा सकता है।     आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।       आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।     तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।       तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।     आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।       आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।     तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।       तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।  

मानसून में सेहत का रखें खास ख्याल

मानसून के मौसम में ज्यादातर लोग अपनी सेहत को लेकर लापरवाह हो जाते हैं। इस मौसम में आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए, वरना आपको भविष्य में सेहत संबधित बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको हम बता रहे हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें जिससे आप अपनी सेहत का ख्याल रख पाएंगे… कच्चा सलाद और जूस: बरसात के मौसम में कच्चा सलाद खाने से बचें। कच्चे सलाद में कई तरह के कीड़े होने का डर बना रहता है। इसलिए सलाद को स्टीम्ड करके खाएं। इससे सलाद के कीटाणु भी नष्ट हो जाएंगे और ये अधिक स्वास्थ्यवर्धक भी बन जाता है। यहां तक घर पर भी फलों को काटकर न रखें बल्कि काटने के बाद तुरंत खा लें। इसके अलावा बाजार में बिकने वाले जूस से भी इन्हीं कारणों से परहेज करें। मशरूम: बरसात के मौसम में मशरूम खाने से भी बचें। इस मौसम में मशरूम से इंफेक्शन होने का खतरा अन्य मौसम के मुकाबले कहीं अधिक होता है। बाजार के पकौड़े: सड़क के किनारे बिकने वाले पकौड़ों को न खाएं। इन पकौड़ों को तलने के लिये जो तेल प्रयोग किया जाता है वह अच्छा नहीं होता। इसके साथ ही मानसून में आपके पेट की खाना पचाने की क्षमता कम हो जाती है इसलिये इन्हें न खाएं, अगर बहुत मन है तो घर पर ही बना कर पकौड़े खाएं। इन्हें आजमाएं… तुलसीः मानसून के दौरान अपनी डाइट में हर रोज तुलसी की तीन-चार पत्तियों को शामिल करें। तुलसी में दमदार एंटी-वायरल एजेंट होता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर है। आप चाहें तो सलाद में तुलसी की तीन-चार पत्तियां काट कर डाल लें, या फिर तुलसी की पत्ती को धोकर चीनी या गुड़ के साथ खाएं। इसके अलावा आप तुलसी से बनी हर्बल टी भी पी सकते हैं। हर्बल टीः मानसून के मौसम में हर्बल टी का इस्ते माल बेहद फायदेमंद होता है वैसे सेहत के लिए हर्बल टी किसी भी मौसम में काफी अच्छी रहती है।  

डेस्कटॉप की स्पीड हो गयी है कम, इस तरह बढ़ाएं

कंप्यूटर हो या अन्य कोई टेक्नोलॉजी इनका एक अभिन्न अंग हैं-स्पीड। जैसे-जैसे नवीन टेक्नोलॉजी या प्रोडक्ट आते हैं, वैसे ही उनमें स्पीड को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाती है। आज कम समय में मल्टीटास्क को तवज्जो दी जाती है। कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय यूजर को उसकी परफॉरमेंस से कई उम्मीदें होती हैं। डेस्कटॉप खरीदते समय भी हमें यही आशा होती है की उसमें एक ही समय पर कई एप्लीकेशन के प्रयोग कर पाएं। इन सस्ते उपायों से आपके गैजेट्स रहेंगे हमेशा साफ… नए डेस्कटॉप पर आमतौर से हमें परेशानियां नहीं आती। शुरुआत में मल्टी एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए भी कंप्यूटर तेज स्पीड पर चलता है, पर डेस्कटॉप की ख्वाइश रखने वाले अक्सर उसमें कई सारी एप्लिकेशंस का प्रयोग करना चाहते हैं। साथ ही अगर आपको पिक्चर्स एडिट करने का शौक है तो आपको अपने पीसी में अच्छी खासी मेमोरी की भी आवश्यकता पड़ती होगी। इन सभी कार्यों के बीच धीरे-धीरे जैसे आपकी कंप्यूटर की स्टोरेज बढ़ती जाती है, उसकी स्पीड कम होने लगती है। आपको महसूस होता है की आप पहले की तरह अपने पीसी का इस्तमाल नहीं कर पा रहे, उसकी फक्शन करने की स्पीड भी कम हो गई। ऐसे में अगर आपको आज की डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ चलना है तो सबसे सस्ता और अच्छा उपाय अपने कंप्यूटर की रैम को बदलना है। इससे आप अपने पीसी का बेहतर रूप में प्रयोग कर पाएंगे और वह सभी कार्य कर पाएंगे, जो आप करना चाहते है-जैसे की ढेर सारी पिक्चर्स, गाने रखना, सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उन्हें यूज करना आदि। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम का चुनाव कैसे करें…. जब भी आप कोई एप्लीकेशन चलाते है तो वो टास्क कंप्यूटर की मेमोरी में जाता है लेकिन अगर आप अपने डेस्कटॉप पर उसकी क्षमता से अधिक काम का भार डाल रहे हैं तो वह अपनी स्पीड से कम चलने लगेगा और समय के साथ साथ अन्य परेशानियां भी खड़ी करेगा। इस समय आपको यह ध्यान देने की जरूरत है की आप अपने पीसी का किस-किस कार्य के लिए प्रयोग कर रहे है। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम लेने जाने से पहले ये जरूर देखे की आपको कितने रैम की जरूरत है। अगर आप अपने पीसी का प्रयोग बेसिक चीजों जैसे की मेल चेक करना आदि के लिए करते है तो 384 से 512 एमबी रैम आपकी लिए काफी है। कंप्यूटर में जितनी अधिक प्रोसेसिंग होगी उतनी अधिक रैम की आवश्यकता होगी। अगर आपका डेस्कटॉप ऑफिस वर्क के लिए प्रयोग होता है और आप एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग करते हैं तो आपको 1 जीबी तक रैम की जरूरत पड़ेगी। हालांकि गेमिंग और हैवी प्रोग्राम्स के लिए कंप्यूटर में 1 से 2 जीबी या उससे अधिक तक की रैम होनी चाहिए। अपने डेस्कटॉप में रैम कैसे लगाएं… एक बार आपने अपने कंप्यूटर के लिए रैम का चुनाव कर लिया, उसके बाद समय है की आप अपने डेस्कटॉप में रैम लगाएं। इससे पहले की आप इस कार्य की शुरुआत करें, ध्यान रखे की आपका डेस्कटॉप बंद हो और उससे जुडी सभी वायर सॉकेट से बाहर हो। खुद को किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक खतरे से बचाने के लिए सावधानियां बरते। डेस्कटॉप अलग-अलग तरह से बने होते है, पर उसके ऊपर या साइड का कवर स्क्रूड्राइवर की मदद से खुल जाता है। रैम स्लॉट्स कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर होता है। आमतौर पर इसके लिए दो स्लॉट होते है, हालांकि इससे अधिक भी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर सभी स्लॉट में रैम लगी हुई है, तो कॉम स्पेस की रैम को ज्यादा स्पेस की रैम से बदला जा सकता है। अब पुराने मॉड्यूल को निकाल नया मॉड्यूल डालने के लिए टैब को रिलीज कर दें। अगर स्लॉट पहले से खुला है तो नए मॉड्यूल को उसमें सेट कर दें। एक बार जब आपने अपनी रैम इनस्टॉल कर ली, तब अपने कंप्यूटर को बंद करें और उसे रीस्टार्ट कर लें। कंप्यूटर अपने आप नइ रैम को एक्सेप्ट कर लेगा और आपका काम बेहद आसानी और सस्ते में पूरा हो जाएगा। अब आपकी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ जाएगी और आप आसानी से एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग कर पाएंगे।  

टीवीएस ने उतारी नई स्मार्टवॉच, जानिए कीमत और खास फीचर्स

 नई दिल्ली, ज़रा सोचिए… रोज़मर्रा की भागदौड़ में आप घर से ऑफिस निकले. रास्ते में आपकी कलाई पर बंधी घड़ी ने झट से बता दिया, स्कूटर की बैटरी 80% है, इतने किलोमीटर आराम से चल जाएगा. चलते-चलते वॉच ने अलर्ट दिया… "भाई, पीछे वाला टायर थोड़ा कमज़ोर लग रहा है, हवा भरवा लो." स्कूटर चार्ज पर लगाया तो कलाई पर ही टाइम-टू-फुल दिख गया. अब अलग से ऐप खोलने का झंझट नहीं, फोन जेब से निकालने की टेंशन नहीं. यही कमाल है TVS iQube और Noise स्मार्टवॉच के इस नए जुगलबंदी का. यानी आपकी कलाई ही बन जाएगी स्कूटर का स्मार्ट कंट्रोल रूम. सुरक्षा भी, सुविधा भी और स्मार्टनेस भी. तो आइये जानें क्या है ये भारत का पहला ईवी और स्मार्टवॉच इंटिग्रेशन. TVS और Noise ने लॉन्च किया EV स्मार्टवॉच दरअसल, टीवीएस मोटर कंपनी और कनेक्टेड लाइफस्टाइल ब्रांड नॉइज़ ने देश का पहला ईवी-स्मार्टवॉच इंटीग्रेशन लॉन्च करने के लिए हाथ मिलाया है. यह मेड-इन-इंडिया इनोवेशन टीवीएस आईक्यूब इलेक्ट्रिक स्कूटर को एक स्पेशल एडिशन नॉइज़ स्मार्टवॉच से जोड़ता है, जिससे राइडर्स को स्मार्ट, सुरक्षित और ज़्यादा कनेक्टेड राइड का मजा मिलेगा. यह स्मार्टवॉच एक मोबिलिटी पार्टनर की तरह काम करता है. जिससे राइडर्स को बैटरी चार्ज लेवल से लेकर टायर प्रेशर तक, ज़रूरी राइड डेटा तक, स्कूटर से संबंधित हर तरह की जानकारी तुरंत मिलती है. तो आइये देखें ये स्मार्टवॉच किस तरह की सुविधाएं देता है. व्हीकल स्टेटस मॉनिटरिंग:  स्कूटर लॉक/अनलॉक, चार्जिंग स्टेटस या राइड पर है या नहीं, इसकी जानकारी तुरंत मिलेगी. स्टेट ऑफ चार्ज (SoC): बैटरी प्रतिशत, चार्जिंग प्रोग्रेस और 20% से नीचे बैटरी अलर्ट. डिस्टेंस टू एम्प्टी (DTE): अलग-अलग राइड मोड्स में अनुमानित रेंज, ताकि चार्जिंग और राइड की बेहतर प्लानिंग हो सके. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग (TPMS): रियल-टाइम टायर प्रेशर मॉनिटरिंग वैल्यू और अलर्ट (चुनिंदा मॉडल्स पर). चार्जिंग प्रोग्रेस: टाइम-टू-फुल और चार्जिंग पूरा होने पर नोटिफिकेशन. टो/थेफ्ट अलर्ट: स्कूटर की मूवमेंट पर हैप्टिक और विजुअल प्रॉम्प्ट, साथ ही मोबाइल ऐप पर अलर्ट भी मिलेगा. क्रैश/फॉल डिटेक्शन: एक्सीडेंट या स्कूटर के गिरने की स्थिति में इंस्टेंट ऑन-वॉच अलर्ट और ऐप पर नोटिफिकेशन. जियोफेंस नोटिफिकेशन: स्कूटर के तय सीमा से बाहर जाने पर तुरंत अलर्ट मिलेगा. लो/फुल चार्ज अलर्ट: बैटरी लेवल के हिसाब से प्लग इन या अनप्लग करने की सलाह मिलेगी. सेफ्टी विजुअल: कलर कोडेड टाइल ग्रीन कलर ऑप्टिमल और रेड कलर अटेंशन के लिए. ताकि राइडिंग के दौरान ध्यान न भटके. कितनी है कीमत? TVS iQube Noise स्मार्टवॉच फिलहाल कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. कंपनी ने इस स्मार्टवॉच की कीमत 2,999 रुपये तय की है. जो 12 महीने के Noise गोल्ड सब्सक्रिप्शन के साथ आता है. ध्यान रहे ये इंट्रोडक्ट्री प्राइस है, यानी भविष्य में इसकी कीमत बढ़ सकती है.

Amazon Sale: iPhone 16 Pro पर जबरदस्त छूट, ऐसे मिलेगा सिर्फ ₹57,105 में

नई दिल्ली iPhone 17 Series के चार मॉडल्स 9 सितंबर को लॉन्च हुए हैं, जिसके बाद से ही iPhone की बाकी सीरीज के मॉडल्स की कीमत घट गई है। अब फेस्टिव सीजन भी आ गया है, इसलिए अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स इन पर भारी छूट दे रहे हैं। इसी बीच अमेजन भी iPhone 16 सीरीज के फोन्स पर गजब के ऑफर दे रहा है, इससे फोन्स की कीमत कम हो गई है। यदि आप भी iPhone 16 Pro खरीदना चाहते हैं तो बड़े ऑफर्स और डिस्काउंट का लाभ उठाकर इस फेस्टिव सीजन अपना सपना पूरा कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी, क्योंकि डिस्काउंट का बड़ा हिस्सा क्रेडिट कार्ड छूट और एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत है। iPhone 16 Pro सितंबर 2024 में लॉन्च हुआ ऐपल ने बीते साल सितंबर में हुए ग्लोटाइम इवेंट iPhone 16 और iPhone 16 Pro सीरीज को लॉन्च किया था। इस सीरीज में चार मॉडल्स थे, जो 128 जीबी की बेस स्टोरेज, बेहतर कैमरा सिस्टम, तेज प्रोसेसर और लेटेस्ट डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के साथ आए। iPhone 17 सीरीज आने के बाद इनकी कीमत कम हुई है। आमतौर पर ऐपल नई सीरीज लॉन्च करता है, तो पुरानी सीरीज के दाम कम हो जाते हैं। iPhone 16 की भारत में कितनी कीमत? बता दें कि भारत में iPhone 16 की कीमत 79,900 रुपये है, जबकि बड़ा मॉडल iPhone 16 Plus 89,900 रुपये में उपलब्ध है। iPhone 16 Pro 1,19,900 रुपये और iPhone 16 Pro Max 1,44,900 रुपये में मिलेगा। लेकिन अब अमेजन इन पर ऑफर्स दे रहा है, जिसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। iPhone 16 पर कैसे मिलेगी बड़ी छूट? ऐपल के iPhone 16 पर अमेजन ने एक खास एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत आप अपने पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करके iPhone 16 मॉडल्स पर अच्छी छूट पा सकते हैं। मसलन, iPhone 16 Pro की कीमत 1,19,900 रुपये है, अमेजन पर 10% डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत 1,07,900 रुपये है। यदि आप अच्छी कंडीशन वाला पुराना फोन एक्सचेंज करते हैं, तो 45,400 रुपये तक की एक्स्ट्रा छूट मिल सकती है। इससे iPhone 16 Pro की कीमत घटकर 62,500 रुपये हो जाती है। फिर आप Amazon Pay ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड का यूज करने वाले ग्राहकों को 5,395 रुपये की एक्स्ट्रा छूट मिल सकती है। इस ऑफर के साथ iPhone 16 Pro की आखिरी कीमत 57,105 रुपये रह जाती है। iPhone 16 Pro में क्या फीचर्स हैं? ​iPhone 16 Pro में 6.3 इंच का डिस्प्ले है। इसमें A18 Pro चिपसेट है, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसका 6-कोर GPU पिछले A17 Pro की तुलना में 20% तेज है। iPhone 16 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें कई बड़े अपग्रेड किए गए हैं। इसमें 2 परफॉर्मेंस कोर और 4 एफिशिएंसी कोर हैं, जो स्पीड को 15% बढ़ाते हैं और 20% कम बिजली खपत करते हैं। यह चिपसेट मशीन लर्निंग, तेज USB 3 स्पीड और प्रोसेस वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 48MP फ्यूजन कैमरा है, जो क्वाड-पिक्सल सेंसर के साथ आता है। यह 4K120 वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 48MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 12MP सेंसर के साथ 5x टेलीफोटो लेंस भी है। दावा किया जाता है कि iPhone 16 Pro Max में अब तक की सबसे लंबी बैटरी लाइफ है, ये इसकी खास ऑप्टिमाइजेशन के कारण है।

सस्ते में मिलेगी बड़ी स्क्रीन, Thomson के नए QLED स्मार्ट टीवी 20 हजार के अंदर

नई दिल्ली Thomson ने भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्ट टीवी को लॉन्च कर दिया है. खास बात ये है कि कंपनी के लेटेस्ट स्मार्ट टीवी JioTele OS पर बेस्ड हैं. इस ऑपरेटिंग सिस्टम को जियो ने पिछले साल लॉन्च किया था, जो खास तौर पर बजट स्मार्ट टीवी के लिए तैयार किया गया है. इसमें आपको पर्सनाइज्ड एक्सपीरियंस मिलता है.  Flipkart Big Billion Days Sale से पहले कंपनी ने 50-inch और 55-inch के स्मार्ट टीवी को लॉन्च किया है. ये दोनों टीवी कॉम्पिटिटिव प्राइस पॉइंट पर आते हैं. दोनों ही मॉडल्स में QLED 4K डिस्प्ले दिया गया है, जो HDR10+ सपोर्ट के साथ आते हैं. आइए जानते हैं इन स्मार्ट टीवी की कीमत और दूसरी खास बातें.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Thomson के लेटेस्ट स्मार्ट टीवी 50-inch और 55-inch स्क्रीन साइज में मिलेंगे. दोनों में ही QLED 4K डिस्प्ले दिया गया है, जो 450 nits की ब्राइटनेस, HDR10+ सपोर्ट और स्पोर्ट्स मोड के साथ आता है. इसमें आपको बेजल-लेस डिजाइन मिलेगा. दोनों ही टीवी मॉडल्स 48W के साउंड आउटपुट के साथ आते हैं.  इसमें Dolby Digital Plus का सपोर्ट मिलता है. Smart TV में Amlogic प्रोसेसर इस्तेमाल किया गया है. इनमें 2GB RAM और 8GB स्टोरेज मिलता है. ये टीवी JioTele OS पर काम करते हैं. इनमें HelloJio वॉयस असिस्टेंट मिलता है, जो 10 भारतीय भाषाओं में काम करता है.  टीवी पर आपको OTT प्लेटफॉर्म और कंटेंट का रिकमेंडेशन मिलेगा. इस प्लेटफॉर्म पर आप 400 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स को एक्सेस कर सकते हैं. इस पर जियो गेम्स और जियो स्टोर मिलेंगे. कनेक्टिविटी की बात करें, तो ये स्मार्ट टीवी डुअल बैंड Wi-Fi, HDMI, USB और स्क्रीन मिररिंग फीचर के साथ आएगा. कंपनी एक साल की वारंटी अपने टीवी पर दे रही है.  कितनी है कीमत?  Thomson JioTele OS QLED स्मार्ट टीवी के 50-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 19,999 रुपये है. वहीं 55-inch वाले वेरिएंट की कीमत 25,999 रुपये है. इन दोनों टीवी को आप 23 सितंबर से फ्लिपकार्ट से खरीद पाएंगे. इसके साथ 3 महीने का JioHotstar सब्सक्रिप्शन और एक महीने का JioGames सब्सक्रिप्शन मिलेगा.

बिहार सरकार ने विश्वकर्मा पूजा पर श्रमिकों को दी सौगात, 16.5 लाख खातों में राशि भेजी, वेब पोर्टल की शुरुआत

पटना आज पूरा बिहार विश्वकर्मा पूजा मना रहा है। इस खास मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा काम किया है। उन्होंने बुधवार को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर 16.4 लाख निर्माण श्रमिकों के खातों में लगभग 802 करोड़ रुपये के हस्तांतरण की घोषणा कर। इतना ही नहीं नीतीश सरकार आज 'मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना' का एक वेब पोर्टल भी लॉन्च शुभारंभ करने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सृजन के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा की आराधना का दिवस है और आज ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिवस भी है। प्रधानमंत्री देश एवं नागरिकों के उत्थान के लिए पूरी निष्ठा के साथ बिना रूके, बिना थके लगातार परिश्रम कर रहे हैं। श्रमिकों के खाते में आज राशि हस्तांतरित की जा रही है सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि यह सुखद संयोग है कि ‘बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ के तहत श्रमिकों के खाते में आज राशि हस्तांतरित की जा रही है। आज 16 लाख 4 हजार 929 निर्माण श्रमिकों के खाते में वार्षिक वस्त्र सहायता योजनान्तर्गत पांच हजार रुपए प्रति निर्माण श्रमिक की दर से कुल 802 करोड़ 46 लाख 45 हजार रुपए की राशि का सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है। इससे निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक वर्ग के लोगों का जीवन और बेहतर हो सकेगा एवं उनका सामाजिक एवं आर्थिक विकास होगा।   वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया जा रहा है सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि आज खास मौके पर मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया जा रहा है। समाज के अंतिम पायदान के लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए हमलोग शुरू से कार्य कर रहे हैं। आज राज्य जिस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की के नए आयामों को छू रहा है, उसमें हमारे श्रमिक भाई-बहनों का अतुलनीय योगदान है। उनके विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

दिन के इस समय दोगुना हो जाता है हार्ट अटैक का रिस्क, इन आदतों से रहें सावधान

नई दिल्ली हार्ट डिजीज आज दुनिया भर में मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है। हाल के कुछ समय में हार्ट अटैक के कई मामले देखने को मिल रहे हैं। वैसे तो हार्ट अटैक किसी भी समय आ सकता है, लेकिन रात के समय या सुबह 4 बजे के आस-पास इसका खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर रात के वक्त ही क्यों हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है (Heart Attack During Sleep)। दरअसल, इसके पीछे कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। रात के समय हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ने के पीछे कई फिजिकल और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण जिम्मेदार हैं। आइए जानें इनके बारे में। बायोलॉजिकल क्लॉक हमारा शरीर 24 घंटे के एक सार्केडियन रिदम पर काम करता है। यह घड़ी हार्मोन के स्तर, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन को नियंत्रित करती है। रात के समय शरीर आराम की स्थिति में होता है, लेकिन सुबह की ओर बढ़ते हुए अचानक ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ऐसे में जिन लोगों की आर्टरीज में प्लाक जमा हो या हाई बीपी की समस्या हो, तो इस दौरान दिल पर दबाव बढ़ने से हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है। रात में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा रात को लेटकर सोने के दौरान ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। ऐसे में कई बार प्लेटलेट्स एक-दूसरे से जुड़ने लगते हैं, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। यही क्लॉट अगर दिल की आर्टरीज को ब्लॉक कर दे, तो हार्ट अटैक आ सकता है। तनाव और नींद की गुणवत्ता आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और एंग्जायटी लोगों की नींद को प्रभावित कर रही है। कई लोग ठीक से नहीं सो पाते या बार-बार जागते रहते हैं। स्लीप एप्निया जैसी बीमारी के कारण भी बार-बार नींद में खलल आता है। इसके कारण दिल पर गैर-जरूरी दबाव पड़ता है और रात के समय हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। शरीर का रिलैक्सिंग मोड में होना जब हम सो रहे होते हैं तो शरीर रिलैक्स मोड में होता है। इस दौरान दिल की धड़कन और सांसें धीमी हो जाती हैं। अगर किसी व्यक्ति को पहले से ब्लॉकेज या दिल से जुड़ी समस्या है, तो अचानक किसी हलचल या उठने-बैठने से दिल पर अचानक दबाव पड़ सकता है, जिससे अटैक की संभावना रहती है। ठंड का प्रभाव ठंडी रातों में हार्ट अटैक का खतरा और बढ़ जाता है। तापमान कम होने पर ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। यह स्थिति दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। लाइफस्टाइल और खानपान रात को हैवी खाना खाने, देर रात तक जागने, शराब या स्मोकिंग जैसी आदतें भी रात में हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती हैं। अनहेल्दी लाइफस्टाइल भी दिल को कमजोर करती है और अटैक का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। हार्ट अटैक से बचाव के उपाय     नियमित समय पर सोएं और पूरी नींद लें, कम से कम 7 घंटे।     स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए योग और मेडिटेशन की मदद लें।     बैलेंस्ड और हल्का खाना खाएं, खासकर रात में।     नियमित एक्सरसाइज और वॉक करें।     स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाएं।