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सीबीजी, वेस्ट टू एनर्जी और बायोफ्यूल से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, शहरों की सुधरेगी क्वालिटी आफ लाइफ

ग्रेटर नोएडा
वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में ये बातें कहीं। उन्होंने नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हम शहरों को स्वच्छ रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब हमारा प्रयास है कि इस जनआंदोलन को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और स्थायी बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

शर्मा ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो यही अपशिष्ट एक बड़े अवसर में परिवर्तित हो सकता है।

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