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नई लेदरी में गूंजा नंदलाल के जन्म का उल्लास, 12 दिनों तक श्री राधा-कृष्ण मंदिर में सजेगा आस्था और भक्ति का ब्रजधाम

नई लेदरी में गूंजा नंदलाल के जन्म का उल्लास, 12 दिनों तक श्री राधा-कृष्ण मंदिर में सजेगा आस्था और भक्ति का ब्रजधाम

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

नई लेदरी के हृदय स्थल गांधी चौक स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर इन दिनों भक्ति, आस्था और उल्लास के रंगों से सराबोर है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ है, मानो नई लेदरी की धरती पर स्वयं वृंदावन उतर आया हो। श्री राधा-कृष्ण मंदिर समिति के तत्वावधान में इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है।
मंदिर समिति के सचिव ने बताया कि यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केवल एक दिन नहीं, बल्कि पूरे बारह दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इन बारह दिनों के दौरान प्रतिदिन विभिन्न रंगारंग एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतिम चरण में हवन और भंडारे के साथ इस महापर्व का विधिवत समापन होता है। यही कारण है कि जन्माष्टमी के इन बारह दिनों में श्री राधा-कृष्ण मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि साक्षात वृंदावन की अनुभूति कराने वाला पवित्र धाम बन जाता है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रातःकाल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हाथों में पूजा की थाली, हृदय में भक्ति और आंखों में कान्हा के दर्शन की लालसा लिए भक्त मंदिर पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की। मंदिर परिसर में गूंजते भजन और जयकारों ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया।

इस अवसर पर श्री राधा-कृष्ण महिला रामायण समिति वार्ड क्रमांक-04 द्वारा संगीतमय रामायण एवं भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। भक्ति से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने श्री राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर सभी का मन जीत लिया। बच्चों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का रंगारंग चित्रण देखकर श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और वात्सल्य के भाव साफ दिखाई दिए।
जैसे-जैसे रात गहराती गई, श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ता गया। घड़ी की सुइयां जैसे ही रात्रि 12 बजे के करीब पहुंचीं, पूरा मंदिर परिसर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी और पटाखों की गूंज के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास चरम पर पहुंच गया। जन्मोत्सव के पश्चात भगवान की भव्य आरती की गई। महिलाओं ने बधाई गीत और सोहर गाकर नंदलाल के जन्म की खुशियां मनाईं।

अंत में श्रद्धालुओं के बीच भगवान श्रीकृष्ण का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करते हुए भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और संतोष की झलक दिखाई दी। जन्माष्टमी का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि नई लेदरी की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता की सुंदर तस्वीर भी प्रस्तुत करता है, जहां हर उम्र के लोग मिलकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को प्रेम, भक्ति और उल्लास के साथ मनाते हैं।
बारह दिनों तक चलने वाला यह महापर्व आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को भक्ति, संगीत, संस्कृति और धार्मिक आस्था से जोड़ता रहेगा। श्री राधा-कृष्ण मंदिर में उमड़ता जनसैलाब यही संदेश दे रहा है कि जहां श्रद्धा होती है, वहां भगवान की अनुभूति स्वयं होने लगती है और जहां भगवान कृष्ण का नाम गूंजता है, वहां जीवन में आनंद और उम्मीद की नई रोशनी जन्म लेती है।

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