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निवेश रणनीति में बदलाव: LIC ने घटाई निजी बैंकों में हिस्सेदारी, सरकारी बैंकों पर बड़ा दांव

नई दिल्ली 
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और संस्थागत निवेशक, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सितंबर तिमाही में अपने निवेश पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। करीब ₹16 लाख करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो वाले LIC ने इस दौरान निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों—एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक में निवेश बढ़ाया गया है।

क्यों किया बदलाव
प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, LIC ने SBI में 6.41 करोड़ शेयर खरीदे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹5,285 करोड़ है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब सरकारी बैंकों के वित्तीय नतीजे मजबूत और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दिखा रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा इन शेयरों में बढ़ा है। वहीं यस बैंक में हिस्सेदारी को चार गुना तक बढ़ाना यह संकेत देता है कि LIC को बैंक की रिकवरी और भविष्य की विकास संभावनाओं पर भरोसा है। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में हिस्सेदारी कम करने को जोखिम प्रबंधन की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एलआईसी का यह कदम यह स्पष्ट करता है कि वह पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना चाहती है और संभावित लाभ के अवसरों पर ध्यान दे रही है।

सितंबर तिमाही के नतीजे
LIC का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 32 प्रतिशत बढ़कर 10,053 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 7,621 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,39,614 करोड़ रुपये हुई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,29,620 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,26,479 करोड़ रुपये हुई, जबकि नवीकरण प्रीमियम 64,996 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, प्रथम वर्ष का प्रीमियम 10,836 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 11,201 करोड़ रुपये था। इसमें सरकार द्वारा 22 सितंबर से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत GST छूट देने के बावजूद गिरावट देखी गई।

 

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