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क्रिकेट और राजनीति में मुश्किलें: यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा जांच के दायरे में

नई दिल्ली
 भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की तूफानी ओपनर शेफाली वर्मा मुश्किल में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। इन दोनों को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस भेजा है। नाडा ने दोनों खिलाड़ियों को ये नोटिस डोप टेस्ट नहीं देने को कारण भेजा है।

दोनों ही खिलाड़ियों ने नाडा को अपने दिए गए ठिकानों पर टेस्ट के लिए न मिलने को लेकर नोटिस भेजा है। इस संबंध में दोनों को अपनी सफाई देने का मौका दिया जाएगा। 12 महीने में अगर खिलाड़ी तीन बार व्हेयर अबाउट फेल्योर टेस्ट को तीन बार मिस कर देता है तो उसे डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी माना जाता है। इसके बाद नाडा के पैनल के सामने खिलाड़ी को अपनी सफाई देनी पड़ती है। अगर इसमें वह असफल होता है तो फिर दो साल का बैन लगाया जाता है।

17 दिसंबर को नहीं मिले यशस्वी
नाडा के नोटिस के मुताबिक, यशस्वी पिछले साल 17 दिसंबर को अपनी बताई हुई जगह पर डोप टेस्ट के लिए नहीं मिले। वहीं शेफाली सात नवंबर को अपनी बताई हुई जगह पर टेस्ट के लिए नहीं मिलीं। इसी कारण दोनों को नोटिस मिला है। ये दोनों ही खिलाड़ी नाडा की रिजस्टर्ड टेस्टिंग पूल का हिस्सा हैं। इस पूल में जो खिलाड़ी शामिल होते हैं उन्हें नाडा को बताना होता है कि वह कब और कहां टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे। उसी के हिसाब से नाडा टेस्ट के लिए अपनी टीम भेजता है, लेकिन दोनों ही खिलाड़ी अपनी बताई हुई जगह पर नहीं मिले थे।

सात दिन का मिला समय
इस मामले की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी को दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ही खिलाड़ियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए सात दिन का समय मिला है। दोनों को अब पहले से ज्यादा एहियात बरतने की जरूरत है क्योंकि अगर दो और मिस टेस्ट की रिपोर्ट आती है तो इन्हें बैन झेलना पड़ सकता है।

दोनों ने नहीं दिया था जवाब, फिर मिला समय
मिस टेस्ट रिकॉर्ड होने के बाद भी दोनों खिलाड़ियों को अपनी सफाई देने का एक और मौका मिला है. शेफाली और यशस्वी को सफाई देने के लिए 7 दिन का और समय दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार 18 फरवरी और 20 फरवरी को इन दोनों क्रिकेटर्स से जवाब माँगा गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई उत्तर नहीं दिया गया. इसके बाद नाडा ने पहला मिस टेस्ट रिकॉर्ड कर लिया। 

नाडा ने इसकी जानकारी BCCI और ICC को भी दे दी है. अब दोनों ही खिलाड़ियों को सावधान रहना होगा क्योंकि अगर 2 मिस टेस्ट उनके खिलाफ और रिकॉर्ड में दर्ज हो जाते हैं तो उन पर बैन का खतरा मंडराने लगेगा। 

 क्या होगी सख्त कार्रवाई?
12 माह के अंतराल में अगर किसी भी खिलाड़ी के व्हेयर अबाउट फेल्योर के तहत तीन मिस टेस्ट दर्ज किए जाते हैं तो उसे एंटी डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी करार दिया जाता है। नाडा सुनवाई पैनल के समक्ष अगर खिलाड़ी अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाता है तो उस पर दो साल तक का प्रतिबंध लग सकता है।

यशस्वी ने 17 दिसंबर को नहीं दिया टेस्ट
यशस्वी और शेफाली दोनों नाडा के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) में हैं। आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को डोप टेस्टिंग के लिए दिन के किसी भी समय का एक हिस्सा और स्थान नाडा को दर्ज कराना होता है। दिए गए समय और स्थान पर डोप कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) कभी भी सैंपल लेने पहुंच सकता है। नाडा की ओर से जारी नोटिस के अनुसार यशस्वी का बीते वर्ष 17 दिसंबर और शेफाली का बीते वर्ष सात नवंबर को डोप टेस्ट लेने डीसीओ पहुंचा, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले। नाडा ने दोनों क्रिकेटरों से इस वर्ष 18 और 20 फरवरी को जवाब मांगा, लेकिन दोनों ने कोई उत्तर नहीं दिया। इस पर नाडा ने दोनों का पहला मिस टेस्ट दर्ज कर दिया।

बीसीसीआई, आईसीसी को दी गई जानकारी
मिस टेस्ट दर्ज किए जाने के बावजूद दोनों क्रिकेटरों को सफाई के लिए सात दिन का समय दिया गया है। दोनों क्रिकेटरों के मिस टेस्ट की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी को भी दे दी गई है। अब दोनों ही क्रिकेटरों को बेहद सतर्क रहना होगा। अगर उनके खिलाफ दो और मिस टेस्ट दर्ज कर लिए गए तो दोनों बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। इस वक्त नाडा के आरटीपी में इन दोनों के अलावा अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा, दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर जैसे क्रिकेटर शामिल हैं।

About the author शिवम
शिवम फरवरी 2025 से एबीपी की स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले शिवम ने 3 साल इनसाइडस्पोर्ट में बतौर सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम किया है. शिवम ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई जामिया मिल्लिया इस्लामिया से की है। 

 

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