samacharsecretary.com

CM का ASI संदीप लाठर के घर दौरा, अभय चौटाला ने किया चुटीला कमेंट

रोहतक
एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर खुदकुशी करने वाले एएसआई संदीप लाठर के शव को लेकर दूसरे दिन भी गांव में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। भाजपा, कांग्रेस, इनेलो सहित राजनीतिक दल और कई संगठनों के लोगों का गांव में तांता लगा रहा।

इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला करीब 5 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। परिजनों को ढांढ़स बंधाने के बाद उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री सुबह आए थे लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ। वे जाटों की सहानुभूति लेने आए थे न्याय करने नहीं। अगर न्याय करने आए होते तो अब तक कार्रवाई हो जाती। पूरे मामले की जांच सीबीआई से हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाए।

एएसआई संदीप के शव के पास परिजन व ग्रामीण दिनभर बैठे रहे। दूसरे दिन भी ग्रामीण पूरी घटना को लेकर आक्रोशित रहे। मंगलवार को संदीप ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। संदीप ने अपने सुसाइड नोट और मृत्युपूर्व बनाए वीडियो में दिवंगत एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
 
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शाम करीब साढ़े 4 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। उन्होंने एएसआई संदीप कुमार के परिजनों से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कहा, पूरे मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज से सरकार जांच कराए। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी व कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। इनेलो की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुनैना चौटाला के आगमन के साथ लाढ़ौत गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती चली गई। सरकार से न्याय की आस लगाए परिजनों से सीएम नायब सैनी भी मिले। 

इसके बाद तो सरकार की ओर से हचलच बढ़ती गई। सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने सैनी के जाने के बाद देर शाम तक मामले के पटाक्षेप में लगे रहे। भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा। प्रदेश संगठन महामंत्री फणींद्र नाथ शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साथ भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।

शाम 4 बजे नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी आधे घंटे तक गांव में रहे। 5 बजे हुड्डा निकले, उधर इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंच गए। उन्होंने जातिगत प्रभाव को उछालते हुए मुख्यमंत्री सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए सीबीआई से जांच की मांग

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here