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बाढ़ राहत कोष में बढ़ा सहयोग, सम्राट चौधरी ने ₹2.70 लाख तो संतोष सुमन ने दिए ₹11 लाख

 पटना
 बिहार के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहयोग का सिलसिला शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनि‍वार को अपना एक माह का वेतन 2.70 लाख रुपये राहत कोष में दिया। मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को उन्‍होंने चेक सौंपा।

इसके बाद हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने रविवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का चेक सौंपा।

लोक सेवक आवास स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर संतोष सुमन ने चेक सौंपा। इस दौरान हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और पार्टी के विधायक मौजूद रहे।

सुमन ने पहले ही पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का एक-एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री ने हम के प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह राशि आपदा प्रभावित लोगों की सहायता में उपयोगी होगी।

मुख्यमंत्री ने सक्षम लोगों से की सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने के साथ राज्य के सक्षम और समृद्ध लोगों से भी अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष आपदा के समय जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समाज के सक्षम लोगों की भागीदारी से राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इससे पहले शनिवार को पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राहत कोष में अपना एक माह का वेतन चेक के माध्यम से दिया था।

इन दलों ने भी की वेतन देने की घोषणा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के चार विधायक और एक विधान परिषद सदस्य भी एक-एक महीने का वेतन देंगे।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी कहा है कि पार्टी के सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। लोजपा (रा) और हम की ओर से पहले ही एक माह का वेतन देने की घोषणा की जा चुकी है।

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