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किराए के मकान में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, विदेशी नागरिकों सहित छह गिरफ्तार

श्रीगंगानगर

राजस्थान के बॉर्डर एरिया श्रीकरणपुर में अवैध धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 22 की लक्कड़ मंडी में श्री गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे के पास एक किराए के नवनिर्मित मकान में गुपचुप तरीके से चर्च चलाया जा रहा था। यहां जर्मनी के दंपति सहित कुछ लोग पैसे और अन्य लालच देकर गरीबों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए भ्रमित कर रहे थे।

गुरुवार देर रात विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जर्मनी के स्वैन बॉज बेट जलेर और उनकी पत्नी संदरा, कर्नाटक के संतोष वर्गीसी, केरल के मैथ्यू, बलजिंदर सिंह खोसा और राजेश कंबोज उर्फ पोपी को हिरासत में ले लिया। देर रात तक चर्च के बाहर और थाने के सामने हिंदू व सिख संगठनों के सैकड़ों लोग जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सीओ पुष्पेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों से पूछताछ की।

हिरासत में 6 लोग, विदेशी फंडिंग पर शक
पुलिस के अनुसार, श्रीकरणपुर भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा संवेदनशील क्षेत्र है। यहां विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध हैं। जर्मन दंपति ने बिना अनुमति के यहां प्रवेश किया और गुप्त रूप से धर्मांतरण का कार्यक्रम चला रहे थे। इससे धार्मिक भावनाएं भड़कने का खतरा था। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। विश्व हिंदू परिषद ने अवैध धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए थाने में परिवाद दिया। विरोध करने वालों में श्याम सिंह राजपुरोहित, चिराग, अशोक जोशी, गुंटूर गुंबर सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।

हैरानी की बात यह है कि यह मकान जोगेंद्र सिंह पेटीवाले के परिवार का है, जो किराए पर दिया गया था। गली के लोगों को भी इसकी भनक नहीं थी। कुछ दिनों से संदिग्ध लोगों का आना-जाना बढ़ गया था, जिनमें विदेशी भी शामिल थे। सीआईडी के खुफिया विभाग को भी सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे।

बॉर्डर एरिया में 3 महीने में 4 मामले
राजस्थान में नए धर्मांतरण विरोधी कानून के बाद श्रीगंगानगर जिले में कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले तीन महीनों में बॉर्डर एरिया से ही चार मामले दर्ज हुए हैं।
16 सितंबर: अनूपगढ़ में पादरी पोलस बारजो, विनोद कुमार और उसके बेटे आर्यन पर केस।

6 अक्तूबर: हिंदूमलकोट में पादरी बग्गू सिंह और उसके बेटे अमनदीप पर मामला।
11 अक्तूबर: अनूपगढ़ में सास, पत्नी के बाई और दो पादरियों पर जबरन धर्मांतरण की कोशिश।

अब श्रीकरणपुर में जर्मन दंपति वाला मामला।

गरीब लोग बन रहे सॉफ्ट टारगेट
विशेषज्ञों का मानना है कि ईसाई मिशनरियां एनजीओ के जरिए विदेशी फंडिंग से गरीबों को आर्थिक लालच देकर धर्म बदलवा रही हैं। बॉर्डर एरिया को इसलिए टारगेट किया जा रहा है ताकि भविष्य में इन लोगों से गोपनीय जानकारी जुटाई जा सके और भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो। ऐसी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। देर रात तक माहौल गर्म रहा। पुलिस पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

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