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दिल्ली में गड्ढों पर वार: 72 घंटे की डेडलाइन, उल्लंघन पर भारी जुर्माना—पलूशन कंट्रोल मोड में सरकार

नई दिल्ली 
दिल्ली में विकराल होती पलूशन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में बैठक हुई थी। इसमें दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा भी थे। सिरसा ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लिए फैसलों के बारे में बताया। सिरसा के बताए अनुसार, सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर उन्हें धूल मुक्त भी किया जाएगा। इसके साथ एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव चलते रहेंगे। मीचिंग में हरियाली को लेकर भी कदम उठाए गए हैं जिसमें वृक्षारोपण बढ़ाने पर जोर होगा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सुबह केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में एक बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर भारत के सभी राज्यों ने भाग लिया। इस बैठक के बाद यह आदेश दिया गया कि नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर्स (मशीनीकृत सड़क सफाईकर्मी), एंटी-स्मॉग गन और पानी के स्प्रिंकलर चलाए जाने चाहिए। यह भी तय किया गया कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों को 72 घंटों के भीतर पहचान कर ठीक किया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बैठक में यह तय किया गया कि सभी स्थानीय निकाय जनता को शामिल करते हुए वृक्षारोपण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह आदेश दिया गया कि दिल्ली-NCR क्षेत्र में पार्कों और सड़कों के किनारे के क्षेत्रों को सघन रूप से पेड़ों से कवर किया जाएगा। दिल्ली सरकार तूफानी जल निकासी के साथ सड़क योजना के लिए केंद्र सरकार के 'गौरव पथ' मॉडल को अपनाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हम ई-ऑटो को शामिल करके मेट्रो रेल तक अंतिम-मील कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदूषण विरोधी उपायों और नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी हो या निजी। निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल कम करने के लिए उचित बाड़बंदी की जानी चाहिए, और वहां पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए। MCD (नगर निगम) को आदेश दिया गया है कि उसकी सभी 8000 किमी सड़कें गड्ढों से मुक्त और धूल-मुक्त होनी चाहिए।

 

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