samacharsecretary.com

आतंक पर सख्त कानून की मांग: अबू आजमी बोले- 6 महीने में हो फांसी

मुंबई 
महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने सोमवार को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट पर कहा कि जो भी इस घटना के पीछे दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को 6 माह में फांसी की सजा होनी चाहिए। सपा नेता ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ। यह दुखद है कि ऐसी घटना ऐसी जगह पर हुई। हम मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।

विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होनी चाहिए और उन्हें छह महीने के भीतर मौत की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मुंबई के ट्रेन ब्लास्ट को दिल्ली ब्लास्ट से जोड़ते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी बेकसूर को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई ट्रेन ब्लास्ट की घटना में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस घटना में भी कुछ लोगों को पकड़ा गया, और वर्षों तक जेल में रखने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया। आज तक असली दोषियों को सजा नहीं हुई।

दिल्ली ब्लास्ट को लेकर उन्होंने कहा कि देश में ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप किसी बेकसूर को गिरफ्तार कर लें। घटना की सही तरीके से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के लिए वर्तमान सरकार को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में यह ब्लास्ट एक बड़ी चूक है। अगर दिल्ली के अंदर विस्फोट हो सकता है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रहते हैं, जहां पूरी सरकार काम करती है, तो दिल्ली के दिल में ऐसा विस्फोट, मेरी राय में, एक विफलता है, 100 प्रतिशत विफलता है।

दिल्ली ब्लास्ट पर कई राजनीतिक दलों की ओर से भी दुख जताया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुई हैं। उन्होंने कहा कि ये हादसा बेहद दुखद है। सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और पूरी तरीके से इसकी तह तक जाने का काम चल रहा है। हम लोग स्वयं अस्पताल जाकर घायलों से मिले। सरकार का पूरा सहयोग उनके साथ है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here