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डीएसटी-शेरगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बस फायरिंग केस का मास्टरमाइंड चढ़ा हत्थे

जोधपुर

जोधपुर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शेरगढ़ क्षेत्र में निजी बस पर फायरिंग और अवैध वसूली की धमकी देने वाले मामले के मुख्य आरोपी को डीएसटी (जिला विशेष टीम) और थाना शेरगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित गति से अंजाम दिया, क्योंकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
 
बस पर फायरिंग और दहशत फैलाने की घटना
पुलिस के अनुसार, थाना शेरगढ़ क्षेत्र के ग्राम देड़ा के पास बस संचालन रूट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपी बुद्धसिंह और उसके साथियों ने जैसलमेर से दिल्ली जा रही एक निजी बस को बीच रास्ते पर कैम्पर गाड़ी लगाकर रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने बस के पास हवाई फायरिंग कर यात्रियों में दहशत फैला दी और बस चालक एवं स्टाफ को हथियार दिखाकर अवैध वसूली की धमकी दी।
 
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जोधपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने मामले को गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत के निर्देशन में वृत्ताधिकारी रतनसिंह की सुपरविजन में विशेष टीमें गठित कीं। डीएसटी प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। कांस्टेबल भंवरसिंह द्वारा जुटाई गई खुफिया सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी में पुलिस ने मुख्य आरोपी बुद्धसिंह पुत्र रिडमलसिंह राजपूत निवासी खिरजां, थाना शेरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी की जा सके। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 
इस कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया, विरेन्द्र खदाव, मदन मीणा, मुकनसिंह, हरेन्द्र लोहरा, भंवरसिंह (विशेष भूमिका), सोहनराम, तथा थाना शेरगढ़ के थानाधिकारी बुधाराम, सउनि रधुवीरसिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, रमेश और कैलाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने घोषणा की कि टीम के सभी सदस्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

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