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83 लाख की चोरी के खुलासे के बाद बिजली विभाग सख्त, टीमों का होगा गठन

 लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बिजली विभाग की चेकिंग टीम घर-घर पहुंचेंगी। प्लान तैयार है। जिले में बिजली चोरी पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए बड़े अभियान की तैयारी है। चार दिन पहले ‘हिन्दुस्तान’ अखबार ने बिजली चोरी को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बिजली चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जल्द ही टीमों का गठन कर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, पॉवर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक दिन में दो लाख 78 हजार और एक महीने में तकरीबन 83 लाख रुपये की बिजली चोरी की जा रही है। बिजली चोरी का यह आंकड़ा चौकाने वाला है क्योंकि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए तमाम प्रयास करने के बाद भी अगर ऐसा हो रहा है तो कहीं न कहीं व्यवस्था में सेंध लगाने जैसा है। इस मामले को ‘हिन्दुस्तान’ अखबार की ओर से ‘क्यों बत्ती गुल’ अभियान के तहत 9 जून को जिले में एक महीने में हो रही 83 लाख की बिजली चोरी शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।

खबर छपने के बाद जिम्मेदारों ने बिजली चोरी को रोकने के लिए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार के अनुसार, बिजली चोरी को लेकर महकमा पहले से काफी गंभीर है। समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, मगर इस बार और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने के लिए टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विशेषकर कार्रवाई का फोकस उन इलाकों में रहेगा, जहां पर अधिक बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं।

बिजली चोरी के लिए चर्चित हैं शहर के ये मुख्य इलाके
महकमे के आंकड़ों के अनुसार, शहर के गोड़ियाबाग, घोसी की पुलिया, दौलतबाग, नवाबपुरा, लालबाग, पुराना दसवां घाट, वारसी नगर, मुगलपुरा, बरवलान, सीतापुरी की टीचर्स कॉलोनी, मियां कॉलोनी, जयंतीपुर, रहमतनगर, पीतल बस्ती, असालतपुरा, चक्कर की मिलक हैं, जहां पर सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं, मगर इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि बिजली चोरी के लिए चर्चित इतने क्षेत्र होने के बाद भी पिछले महीने कार्रवाई सिर्फ दो स्थानों पर हुई थी, इससे कहीं न कहीं जिम्मेदारों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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