जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ईधन बचाने को लेकर एक बार फिर अलग संदेश देने की कोशिश की है. हाल ही में अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के बाद शुक्रवार (15 मई) को मुख्यमंत्री जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी से पहुंचे. मुख्यमंत्री का ईवी से कार्यक्रम स्थल पहुंचना पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा. इसे सरकार की ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है.
सरकार का ग्रीन एनर्जी पर फोकस
उनके इस कदम को प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ एक बड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि सरकार अब पारंपरिक ईंधन के विकल्पों को बढ़ावा देना चाहती है. राजस्थान सरकार पिछले कुछ समय से सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर लगातार फोकस कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार मंच से यह कह चुके हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.
काफिला कर चुके हैं सीएम
मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी थी. ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो, ट्रैफिक बाधित न हो और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जा सके. अब ईवी से कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश देने की कोशिश की है.
कई जिलों में सोलर पार्क प्रोजेक्ट विकसित करने पर जोर
जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी निवेश, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा हुई. राजस्थान पहले से ही देश में सोलर एनर्जी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. राज्य के कई जिलों में बड़े स्तर पर सोलर पार्क और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. सरकार का फोकस अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार पर भी है.





