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प्रदूषण संकट में भी दिल्ली सरकार निष्क्रिय, केजरीवाल ने नहीं दिखाई गंभीरता : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली 
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एलजी की ओर से लिखे पत्र का जिक्र करके पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एलजी के पत्र से यह साफ खुलासा हो रहा है कि किस तरह से अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उदासीनता बरती। पिछले 12 सालों तक अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम के पद पर काबिज रहे। इसके बावजूद भी उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। इसी का नतीजा है कि दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा में सांस लेना पड़ रहा है। अगर अरविंद केजरीवाल ने उस समय में वायु प्रदूषण पर कोई ठोस कदम उठाया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि एलजी बाकायदा तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वायु प्रदूषण के समाधान पर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे थे। लेकिन, अफसोस अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि छोड़िए, कुछ दिनों तक यह मुद्दा हावी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता इसे उठाते हुए कोर्ट का रुख करेंगे। लेकिन, बाद में सब भूल जाएंगे। अरविंद केजरीवाल की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वह दिल्ली के प्रदूषण के मामले को लेकर कितने गंभीर थे। उनकी कोताही की वजह से आज दिल्ली के लोगों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया कि आज की तारीख में दिल्ली की भाजपा शासित सरकार राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोगों को एक साफ वातावरण मिले। लेकिन, एलजी के पत्र से जिस तरह तत्कालीन मुख्यमंत्री की कार्यशैली उजागर हुई है, उससे आम आदमी पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि आज हमारी सरकार दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी तरह से काम कर रही है। किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं कर रही है। हमारी सरकार दिल्ली को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। लेकिन, हम तत्कालीन सरकार के पाप को ढो रहे हैं।

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