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टॉपर देने वाला स्कूल भी जांच में कोडरमा में शिक्षा विभाग की सख्ती, शिक्षकों से स्पष्टीकरण

कोडरमा

 झारखंड बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 2026 में कोडरमा जिले का रिजल्ट इस बार काफी खराब रहा है. पिछले साल जिला पहले नंबर पर था, लेकिन इस बार 20वें स्थान पर पहुंच गया है. इससे कई सवाल उठ रहे हैं. खासकर सालभर चलाए गए प्रोजेक्ट इम्पैक्ट, प्रोजेक्ट रेल और आवासीय कोचिंग जैसी योजनाएं भी सवालों में हैं. शिक्षा विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं. इसी को गंभीर मानते हुए विभाग ने 40 स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रभारी प्रिंसिपल और जिन विषयों में छात्र फेल हुए, उन शिक्षकों से जवाब मांगा है. सभी को दो दिन के अंदर बताना होगा कि उनके स्कूल का रिजल्ट 100% क्यों नहीं रहा.

अविनाश राम के स्तर से जारी पत्र में कहा
जिला शिक्षा पदाधिकारी अविनाश राम के स्तर से जारी पत्र में कहा गया है कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में कोडरमा जिले का परीक्षाफल काफी निराशाजनक रहा है. पूर्व में कई बार बैठक और वीडियो कांफ्रेंसिंग कर उपायुक्त और मेरे स्तर से शत प्रतिशत परिणाम हासिल करने को लेकर कई निर्देश दिया गया था, लेकिन आप लोगों के द्वारा कार्य में शिथिलता बरती गई है जिसके परिणाम स्वरूप कोडरमा जिले में 93़86 प्रतिशत छात्र छात्राएं उतीर्ण हुए हैं. जो राज्य के औसत प्रतिशत से भी कम है. पत्र में आगे कहा गया है कि आखिर किस परिस्थिति में आपके विद्यालय का प्रदर्शन अपेक्षाकृत शत-प्रतिशत नहीं रहा. अगर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ तो अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी. बता दें कि इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में कोडरमा जिले से 12,214 छात्र छात्रायें शामिल हुए थे ,जिसमे से 11,465 सफल रहे ,जबकि 749 असफल रहे़ उतीर्ण करने वालों में प्रथम श्रेणी से 6196, द्वितीय श्रेणी से 4513 और तृतीय श्रेणी से 756 छात्र-छात्राएं शामिल हैं.

जिला टॉपर देने वाले स्कूल के प्राचार्य से भी स्पष्टीकरण
बताया जाता है कि शिक्षा विभाग ने जिन 40 स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है उसमें इस वर्ष जिला टॉपर देने वाला विद्यालय भी शामिल है़. इस वर्ष के परिणाम में उत्क्रमित उच्च विद्यालय सोनपूरा जयनगर की राजनंदिनी जिला टॉपर बनी थी, जबकि रानी जिले में दूसरे स्थान पर रही थी, लेकिन इस विद्यालय से परीक्षा देने वाले कुल 130 विद्यार्थियों में दो अनुतीर्ण हो गए़. ऐसे में शत प्रतिशत परिणाम नहीं रहने पर विभाग ने प्रधानाध्यापक और अनुतीर्ण विषय के शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
किसी में एक-दो तो किसी में 25-28 बच्चे हो गए हैं फेल

जानकारी सामने आई है कि जिले के कुछ स्कूल ऐसे हैं जिनके 1 या 2 बच्चे अनुर्तीर्ण हुए हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जहां से परीक्षा देने वाले कुल विद्यार्थियों में 25 से 28 की संख्या में विद्यार्थी अनुतीर्ण हो गए हैं. हालांकि, इन विद्यालयों से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी ज्यादा है.

इनसे मांगा गया है स्पष्टीकरण
सीएच प्लस टू विद्यालय झुमरीतिलैया, गांधी उच्च विद्यालय झुमरीतिलैया, राजकीयकृत 2 उच्च विद्यालय कोडरमा, पीएम श्री परियोजना बालिका प्लस 2 उच्च विद्यालय कोडरमा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय गझंडी, खरकोटा, इंदरवा देहाती, उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय पथलडीहा, डुमरडीहा, मेघातरी, इंदरवा देहाती, कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय, कोडरमा, सर्वोदय 2 उच्च विद्यालय मरकच्चो, परियोजना 2 उच्च विद्यालय देवीपुर, परियोजना बालिका उच्च विद्यालय मरकच्चो, उत्क्रमित 2 उच्च विद्यालय जगदीशपुर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय अम्बाडीह, सिमरिया, योगिडीह, राज्य सम्पोषित 2 उच्च विद्यालय बासोडीह, परियोजना 2 उच्च विद्यालय, मीरगंज, उत्क्रमित उच्च विद्यालय पोखरडीहा, राजाबर, पचाने, उत्क्रमित उच्च विद्यालय ढाब, बच्छेडीह, लक्ष्मीपुर, जानपुर, उत्क्रमित 2 उच्च विद्यालय मसमोहना, बेहराडीह, ढुब्बा, रामेश्वर मोदी महादेव मोदी 2 उच्च विद्यालय, चंदवारा, उत्क्रमित 2 उच्च विद्यालय ढाब, जयपुर कांको, उत्क्रमित उच्च विद्यालय उरवां, जौंगी, विरसोडीह, हरणो, उत्क्रमित 2 उच्च विद्यालय बेंदी, उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोदखर और सोनपुरा.

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