चंडीगढ़
किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप
घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले)
किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा
पुलिस प्रशासन अलर्ट पर
एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।





