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अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले

इंदौर-जबलपुर में अक्षय तृतीया पर 4 बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रुकवाई

अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले

इंदौर और जबलपुर में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रोकी गई

इंदौर/जबलपुर 

अक्षय तृतीया के चलते मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में बाल विवाह रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की अलग-अलग गठित टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हैं। इसी कड़ी में  नाबालिग विवाह के शहर में दो अजीबो गरीब मामले सामने आए। इनमें से एक मामले में दुल्हन ने तो वैवाहिक नियानुसार 18 साल पूरे कर लिए थे, पर दोनों ही मामलों में दूल्हा की उम्र महज 13 साल थी। मामले में कलेक्टर ने शुक्रवार को प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया है।

एक मामले में लड़की के पिता शादी की उम्र 16 वर्ष होने का दावा करते हुए वैवाहिक रस्में आगे बढ़ाने पर अड़ गए। वहीं, दूसरे मामले में दुल्हन के परिजन बेटी की उम्र 21 साल बता रहे थे, लेकिन यहां उसकी उम्र 18 साल ही निकली। लेकिन दोनों ही मामलों में दूल्हा दोनों दुल्हनों से पांच साल छोटा था। फिलहाल, विभाग की टीम द्वारा समझाने के बाद बच्चों के बालिग होने तक परिजन ने विवाह निरस्त करने की सहमति दे दी है।

खजराना क्षेत्र में 17 वर्षीय बालिका का विवाह रोका

खजराना थाना क्षेत्र की कॉलेज कॉलोनी में शनिवार को एक बालिका की शादी की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच में बालिका की उम्र 17 साल 4 महीने पाई गई। अधिकारियों ने परिवार को समझाइश दी, जिसके बाद विवाह टाल दिया गया। उज्जैन के दूल्हे पक्ष को सूचना देने पर बारात भी कैंसिल कराई गई।

न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी टली

न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी की तैयारी की शिकायत पर टीम पहुंची। परिवार ने शुरुआत में इंकार किया, लेकिन जांच में सगाई की पुष्टि हुई। समझाइश के बाद परिजनों ने बालिग होने तक विवाह टालने की सहमति दी।

भमोरी क्षेत्र में 16 वर्षीय बालिका का विवाह निरस्त

भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। जांच में बालिका की उम्र 16 साल पाई गई। माता-पिता को कानूनी प्रावधान समझाने के बाद विवाह निरस्त कर दिया गया।

देर रात तक चली जांच कार्रवाई

कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित टीमों ने दिनभर विभिन्न विवाह स्थलों पर दस्तावेजों की जांच की। उड़नदस्ता टीम ने शनिवार रात 12 बजे तक आयु प्रमाणों का परीक्षण किया।

अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लोगों से अपील की गई है कि नाबालिग विवाह की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें।

जबलपुर में भी नाबालिक की शादी टली

जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र के जुनवानी कंचनपुर टोला में 10वीं कक्षा में पढ़ रही 15 साल की बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 20 अप्रैल को प्रस्तावित विवाह को कार्रवाई कर निरस्त कराया।

सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को बाल विवाह की सूचना मिलने पर शनिवार को टीम गांव पहुंची। जांच में आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज मिली, जिससे बालिका की उम्र करीब 15 साल पाई गई।

 

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