samacharsecretary.com

गौरव गुप्ता के कॉमेडी शो पर विवाद, महिला को ‘यादवनी’ कहने पर सोशल मीडिया पर घिरे

कॉमेडी की दुनिया में आए दिन कोई ना कोई स्टैंड-अप कॉमेडियन ट्रोल होता रहता है. कई बार मुद्दे इतने बड़े हो जाते हैं कि कंट्रोवर्सी बन जाती है. अब इस लिस्ट में स्टैंड-अप कॉमेडियन गौरव गुप्ता का नाम शुमार हो चुका है. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में वो ऑडियंस में बैठी एक महिला से उसके यादव सरनेम पर चुटकी लेते दिख रहे हैं. महिला को “यादवनी” कहने पर उसे ट्रोल किया जा रहा है. चलिए जानते हैं कि पूरा मामला है क्या.

विवादों में गौरव गुप्ता
वायरल वीडियो में गौरव ऑडियंस में बैठी महिला से उनका नाम पूछते हैं और फिर उन्हें “यादवनी” कहते हैं. जवाब में महिला कहती हैं कि उन्हें इस तरह बुलाया जाना पसंद नहीं है. गौरव हैरानी जताते हुए पूछते हैं कि ये आपकी सांस्कृतिक जड़ें हैं, है ना? महिला उनसे कहती है कि मुझे यह सुनने में अच्छा नहीं लगता.

महिला के असहमति जताने के बाद भी गौरव नहीं रुकते हैं. वो कहते हैं कि तुम्हारा पति बनिया है. इसके बाद वो महिला के बोलने के तरीके और भाषा का भी मजाक बनाते हैं. उन्होंने महिसा की भाषा का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वो विदेश से आई हैं, जो इस तरह बात कर रही हैं. जब गौरव को पता चला कि महिला गुरुग्राम से है, तो वो उससे कहते हैं कि गुरुग्राम से हो, तो इतना एटीट्यूड किस बात का है? आपका लहजा तो ऐसा है जैसे सीधे ऑक्सफोर्ड से यहां उतरकर आई हों.

गौरव ने महिला से ये भी कहा कि उसे कॉल सेंटर में काम करना चाहिए और गृहिणी बनकर वो अपना टैलेंट बर्बाद कर रही हैं.

कॉमेडी पर उठे सवाल
कॉमेडियन के जोक की आलोचना करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने कहा- अगर आपकी कॉमेडी इस बात पर निर्भर है कि आप दर्शकों में किसी एक को अपमानित करें, ताकि बाकी लोग हंसें, तो यह समझदारी भरी कॉमेडी नहीं है. लोगों को हंसाने के लिए हुनर चाहिए. किसी एक व्यक्ति को मजाक बना देना आसान है. बेहतरीन हास्य ऐसा होता है, जिसमें उस व्यक्ति समेत सभी लोग हंसें, जिसके बारे में मजाक किया जा रहा है.

कई लोगों ने कहा कि कहा आखिर क्यों हर बार जाति, धर्म और समुदाय पर निशाना साधा जाता है. कुछ ने कहा कि लगता है कि ऐसी कॉमेडी करके विवादों में आने का शौक है. एक यूजर ने लिखा कि जाति पर जोक करना शर्मनाक है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here