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गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार, संस्कारवान पीढ़ी के लिए मातृशक्ति की अनूठी पहल

संस्कारवान पीढ़ी की दिशा में अनूठी पहल : गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार में उमड़ी मातृशक्ति

भोपाल
 अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के मार्गदर्शन में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के उद्देश्य से 15 मार्च को भव्य सामूहिक पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया।इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों—कोलार,अन्ना नगर, श्यामला हिल्स, एमपी नगर, मीनाल, अयोध्या नगर, बैरागढ़ और मंडीदीप सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। लगभग 200 मातृशक्तियों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था, जो उत्साहपूर्वक पूर्ण हुआ और कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा।

कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार एवं भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के महत्व पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। मुख्य अतिथियों में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता सिंह डीन गांधी मेडिकल कालेज, डॉ. वरुणा पाठक, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे। डाक्टर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भकाल के दौरान माता के विचार, भावनाएं और जीवनशैली का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और संस्कारों पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक वातावरण और श्रेष्ठ संस्कारों का संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। अतिथि ओ पी चतुर्वेदी जी  ने शासन की योजना के अंतर्गत जो सुविधा गर्भवती महिला को दी जाती है उसकी संपूर्ण जानकारी दी और उनका लाभ उठाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ पुंसवन संस्कार AGSP जोन समन्वयक मधु श्रीवास्तव तथा रमा देशमुख दीदी के द्वारा संपन्न कराया गया तथा मातृशक्तियों को गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज निर्माण के लिए परिवारों को सजग रहने का संदेश भी दिया गया।
इसी दौरान शक्तिपीठ के ऊपरी सभागार में युवा प्रकोष्ठ द्वारा युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जीवन की चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया। अनुभव आधारित इस सत्र में युवाओं ने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ऊर्जा संतुलन को अपनाने का संकल्प लिया।

युवा प्रकोष्ठ टीम के समन्वय तथा महिला प्रकोष्ठ समन्वयक मधु श्रीवास्तव दीदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न यह आयोजन संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

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