samacharsecretary.com

17 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, किसे रखना होगा सतर्क – जानें अपनी राशि का हाल

वृषभ राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग रहेंगे। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ की स्थिति रहेगी। सामाजिक कार्यों में भाग लेंगे, जिससे समाज में सम्मान बढ़ेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। मांगलिक आयोजन हो सकते हैं, जिससे आनंद दोगुना हो जाएगा। नए कार्य का शुभारंभ लाभकारी रहेगा। संतान के साथ मेल-जोल अच्छा रहेगा। आय बढ़ेगी। प्रवास का आयोजन हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मिथुन राशि :- आपका आज का दिन शुभ फलदायी है। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी और सभी कार्य आसानी से पूरे होंगे। नौकरी में तरक्की के योग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में शुभ समाचार मिलेंगे। कार्यों में सफलता से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दिया धन वापस हो सकता है। लेन-देन से बचें। बड़े भाई एवं पिता की ओर से लाभ होगा। पारिवारिक आनंद से आप आनंदित रहेंगे। परिवार के साथ भी अच्छा समय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने सी आवश्यकता है। कर्क राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार मध्यम चलेगा और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र पर कामकाज की अधिकता रहेगी, जिससे थकान का अनुभव करेंगे। सहकर्मियों को किसी बात की ठेस न पहुंचे, इसका ध्यान रखें। क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम रखें, अन्यथा काम बिगड़ सकते हैं। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। मांगलिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा। कारोबार विस्तार की योजनाएं बना सकते हैं, जो लाभकारी सिद्ध होंगी। कार्यभार की अधिकता रहेगी और पूरा दिन भागदौड़ में बीतेगा। शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव कर सकते हैं। खान-पान में सतर्कता बरतें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा पर जाने से बचें। परिवार का माहौल आपके अनुकूल रहेगा और परिजनों-मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। ध्यान से मानसिक शांति मिलेगी। कन्या राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ और नौकरी में तरक्की के योग रहेंगे। कार्यों में सफलता मिलेगी। आकस्मिक धनलाभ की भी संभावना रहेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और मित्रों-परिजनों के साथ मौज-मस्ती में दिन बिता पाएंगे। दाम्पत्य जीवन में सुख मिलेगा। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। सामाजिक कार्यों में भाग लेंगे, जिससे समाज में सम्मान प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। तुला राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल वातावरण रहेगा और कार्यों में सफलता मिलेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी, लेकिन कार्यभार की भी अधिकता रहेगा। परिजनों के साथ समय सुखपूर्वक बीतेगा। अनावश्यक खर्च अधिक होने की संभावना रहेगी। मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं, जिनसे बचना होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और नये कार्यों की शुरुआत करने से बचें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी, लेकिन अपने प्रयासों से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सृजनात्मक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। संतान-पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक-परोपकार के कार्य कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा। आशातीत परिणाम मिलेंगे। धनु राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मेहनत से कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक लाभ की स्थिति रहेगी, लेकिन भागदौड़ अधिक करनी पड़ेगी। कई बातों को लेकर चिंतित हो सकते हैं, जिससे शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। परिवार के सदस्यों के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतें। अनावश्यक धन खर्च के योग हैं। मकर राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा और आकस्मिक धनलाभ के योग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और सभी कार्य सफल होंगे। नौकरी में पदोन्नति भी मिल सकती है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। किसी धार्मिक यात्रा का आयोजन हो सकता है। नए कार्य शुरू कर सकते हैं। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढकऱ हिस्सा लेंगे और परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकेंगे। कुम्भ राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी और कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। कार्यों में सफलता मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्च की भी अधिकता रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से थकान का अनुभव कर सकते हैं। क्रोध की अधिकता रहेगी। वाणी पर संयम रखने से परिवार में सुख-शांति बना पाएंगे। विचारों पर नकारात्मकता हावी न होने दें। धार्मिक कार्यों में व्यय हो सकता है। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करनी होगी। मीन राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी। नौकरी में तरक्की के योग हैं। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों की मदद से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी और निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण होंगे। आकस्मिक धनलाभ होने की संभावना रहेगी। शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी यात्रा स्थल पर प्रवास की संभावना रहेगी। स्वजनों के मिलने से मन आनंदित रहेगा। परिवार के साथ समय बीतेगा और दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा।

ट्रांसजेंडर के लिए खुशखबरी! दिल्ली की बसों में अब मिलेगा मुफ्त सफर

नई दिल्ली समावेशी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा संचालित सभी बस मार्गों में ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत दिल्ली में निवास करने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे, ठीक उसी प्रकार जैसे वर्तमान में दिल्ली की बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पहल रेखा गुप्ता सरकार की सामाजिक समावेशन, गरिमा और सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस निर्णय का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को बिना किसी आर्थिक बाधा के शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए लागू मुफ्त यात्रा योजना के समान ही व्यवस्था और तंत्र के तहत लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक को सम्मान के साथ अवसरों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच मिल सके। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने और समावेशी शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम है।

CNG और PNG सप्लाई पर केंद्र का बड़ा बयान: देश में गैस की कमी नहीं, आपूर्ति सामान्य

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन और तेल शोधन विभाग की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सीएनजी की आपूर्ति करने वाले ईंधन पंप और घरेलू पीएनजी कनेक्शन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "सीएनजी उपयोगकर्ताओं और पीएनजी उपभोक्ताओं दोनों को आपूर्ति पूरी तरह से जारी रखी जा रही है। अधिकारियों ने जमाखोरी रोकने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई भी शुरू कर दी है। ईंधन भंडारण और आपूर्ति की जांच के तहत कई राज्यों में छापे मारे गए हैं।" वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने आगे कहा कि कच्चा तेल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारे पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं। अभी तक किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है।" गैस वितरण कंपनियों ने नए पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपए की मुफ्त गैस देने की घोषणा की है। इस बीच, घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं में व्याप्त भय कम होने से एलपीजी बुकिंग में गिरावट आई है, वहीं जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों भर में छापेमारी की जा रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों भर में छापेमारी की जा रही है और 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में बुकिंग न करें, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति विशेष रूप से घरों और अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सुनिश्चित करेगी।

ट्रंप के समझौते वाले बयान पर ईरान का पलटवार, दावे को बताया बेबुनियाद

नई दिल्ली एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि ईरान, अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। वहीं, ईरान ने अपनी तरफ से इन सभी दावों को खारिज कर दिया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हम किसी तरह के सीजफायर या किसी बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। ईरानी विदेश मंत्री के इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इन हमलों को खत्म करने के लिए समझौता करने को तैयार नहीं है। वैश्विक मुद्दों पर अक्सर एकतरफा दावा करने वाले ट्रंप ईरानी विदेश मंत्री के बयान के बाद अपना बयान बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा बयान में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है, क्योंकि युद्ध अपने तीसरे हफ्ते में है, लेकिन तेहरान इसे खत्म करने के लिए किसी डील के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने इस दौरान ये भी बताया कि मिडिल ईस्ट और वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल और तनाव को रोकने के लिए अमेरिका सभी देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहा है। हालांकि, उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी। लेकिन, उन्होंने बताया कि वह अन्य देशों के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत में लगे हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने हार्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सभी देशों से अपने वॉरशिप वहां भेजने की अपील की थी। हालांकि, ट्रंप को इसमें सफलता हाथ नहीं लगी। अब तक किसी भी देश ने ट्रंप के इस फैसले को अपना समर्थन नहीं दिया है। वहीं, ट्रंप के पहले वाले दावों को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफतौर पर खारिज करते हुए कहा था कि इस गैर-कानूनी युद्ध के खिलाफ जितना समय लगेगा, तेहरान अपनी रक्षा के लिए तैयार है। विदेश मंत्री ने कहा, "हमने कभी सीजफायर के लिए नहीं कहा और हमने कभी बातचीत के लिए भी नहीं कहा। हम अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं, जब तक जरूरत हो।" उन्होंने कहा कि ईरान तब तक अपने ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर नहीं पहुंच जाते कि यह एक गैर-कानूनी युद्ध है, जिसमें कोई जीत नहीं है। अराघची ने आगे कहा, "हमें कोई कारण नहीं दिखता कि हमें अमेरिकियों से बात क्यों करनी चाहिए। जब उन्होंने हम पर हमला करने का फैसला किया, तब हम उनसे बात कर रहे थे और वह दूसरी बार था।" इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा था कि ईरान ने बातचीत में दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया है कि जब तक युद्ध जारी है, वाशिंगटन सीजफायर समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा। ट्रंप ने कहा, "ईरान एक डील करना चाहता है और मैं इसे नहीं करना चाहता क्योंकि शर्तें अभी काफी अच्छी नहीं हैं।"

तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल रहे भारतीय फ्लैग शिप, नौसेना की कड़ी निगरानी

नई दिल्ली भारतीय नौसेना के ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत दुनिया के छह अलग-अलग इलाकों में वॉरशिप की तैनाती की गई है। साल 2017 के बाद से यह तैनाती लगातार जारी है। ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत ओमान और अदन की खाड़ी के पास भी दो बड़े अभियान चल रहे हैं- ओमान की खाड़ी के पास ‘ऑपरेशन संकल्प’ और अदन की खाड़ी में ‘एंटी-पायरेसी ऑपरेशन’। वेस्ट एशिया में जारी जंग के चलते इस इलाके में तैनात नौसेना के वॉरशिप भारतीय फ्लैगशिप को सुरक्षित एस्कॉर्ट भी कर रहे हैं। एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी के बाद तीसरा इंडियन फ्लैग वेसल जग लाडकी भी सुरक्षित तरीके से भारत के लिए रवाना हो चुका है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, देर रात से ही भारतीय नौसेना का एक वॉरशिप उसे एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित क्षेत्र तक पहुंचाने का काम कर रहा है। इससे पहले दोनों वेसल्स को भी नौसेना के वॉरशिप ने सुरक्षा मुहैया कराते हुए एस्कॉर्ट किया था। सूत्रों के अनुसार अदन की खाड़ी के पास फिलहाल नौसेना के तीन जहाज ऑपरेट कर रहे हैं। जिस दिन से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मरीन ट्रैफिक बाधित हुआ, उसी समय से भारतीय नौसेना के वॉरशिप हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ओमान की खाड़ी के पास भारतीय नौसेना का गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस सूरत तैनात है। अगर वर्ष 2017 में शुरू किए गए ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ की बात करें, तो फिलहाल दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में इस मिशन के तहत भारतीय नौसेना के युद्धपोत लगातार तैनात रहते हैं। पहली तैनाती अरब सागर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास है, जहां से फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के रास्ते भारत का लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार होता है। दूसरी तैनाती अदन की खाड़ी में है, जहां ऊर्जा व्यापार के अलावा भारत का लगभग 90 प्रतिशत अन्य व्यापार होता है, जो स्वेज नहर, रेड सी और अदन की खाड़ी से होकर अरब सागर के रास्ते भारत पहुंचता है। यह क्षेत्र समुद्री डकैती के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। जिबूती और सोमालिया के समुद्री लुटेरे इसी इलाके में सक्रिय रहते हैं। यह व्यापार का सबसे छोटा समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां जहाजों की आवाजाही भी अधिक रहती है। यदि अदन की खाड़ी का मार्ग बाधित हो जाए, तो व्यापारी जहाजों को भूमध्य सागर से होते हुए अफ्रीका के दक्षिणी सिरे केप ऑफ गुड होप के रास्ते आना-जाना पड़ता है। यह मार्ग न केवल समय बढ़ाता है, बल्कि लागत भी बढ़ा देता है। तीसरी तैनाती सेशेल्स के पास है, जो केप ऑफ गुड होप मार्ग से आने-जाने वाले जहाजों की सुरक्षा और समुद्री डकैती रोकने के लिए है। चौथी तैनाती मालदीव के पास, पांचवीं अंडमान-निकोबार के पास और छठी तैनाती म्यांमार-बांग्लादेश सीमा के पास बंगाल की खाड़ी में है। इन तैनातियों के दौरान भारतीय युद्धपोत मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास भी करते हैं और किसी भी प्रकार की समुद्री डकैती या दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को अंजाम देते हैं।

ईरान हालात पर अलर्ट: भारतीय दूतावास ने नागरिकों से कहा- बिना सूचना बॉर्डर पार न करें

तेहरान तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैन्य संघर्ष में फंसे अपने नागरिकों को साफ कहा है कि बिना दूतावास से कोआर्डिनेट किए सीमा पार न करें। दूतावास ने एक्स पर एडवाइजरी पोस्ट की है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि 9 मार्च की एडवाइजरी को जारी रखते हुए/दोहराते हुए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सख्ती से सलाह दी जाती है कि वे आगे की यात्रा के लिए ईरान की किसी भी जमीनी सीमा के पास न जाएं और न ही उसे पार करने की कोशिश करें, जब तक कि उन्होंने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ पहले से और साफ तौर पर संपर्क न किया हो।  इसमें आगे लिखा है कि दूतावास भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है, और जरूरत के मुताबिक इंतजाम किए जा रहे हैं। जमीनी सीमाओं की ओर बिना दूतावास के सहयोग के जाने से सख्ती से मना किया जाता है। अंदेशा जताया है कि जो भारतीय नागरिक दूतावास की जानकारी और मार्गदर्शन के बिना जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर लॉजिस्टिकल और इमिग्रेशन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। एम्बेसी ने अपील करते हुए अपने निर्देशों को पालन करने की वजह और अपनी सीमा का जिक्र किया है। कहा है कि एक बार जब लोग बिना कोआर्डिनेशन के ईरानी सीमा से बाहर चले जाएंगे, तो दूतावास उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे दूतावास की एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें, आधिकारिक माध्यमों से संपर्क में रहें, और कोई भी यात्रा शुरू करने से पहले उनसे सलाह लें। इसके साथ ही आपात स्थितियों के लिए, कुछ नंबर भी सुझाए हैं। एम्बेसी ने हेल्पलाइन नंबर +98-9128109115, +98-9128109102, +98-9128109109 और +98-9932179359 शेयर किए हैं, साथ ही कॉन्सुलर सपोर्ट के लिए ईमेल एड्रेस सीओएनएसडॉटतेहरानएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन भी है।

एमजीएम इंदौर में बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल भवन, क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

 अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन के निर्माण से बिस्तरों की संख्या में वृद्धि होगी, साथ ही विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों, अत्याधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी एवं प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रस्तावित अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग इन्दौर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा सिद्ध होगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, अध्ययन क्षेत्र तथा प्रशिक्षण विधाओं का भी विकास किया जा रहा है। परिसर में आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण, समुचित पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, सेंट्रल लैब, ब्लड बैंक तथा सीवरेज और ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, एमडी बीडीसी सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि नवीन चिकित्सालय भवन को भवन विकास नियमन एवं मानदण्डों के अनुसार उच्च-भवन के रूप में सभी आवश्यक बिल्डिंग सर्विसेस के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें कुल लगभग 1450 बिस्तरों की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसमें मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, मातृत्व एवं शिशु, नेत्र, त्वचा, ईएनटी तथा इमरजेंसी मेडिसिन जैसे विभिन्न विभाग शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त 200 बिस्तरीय आईसीयू यूनिट, 16 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, 2 इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी विभाग, सेंट्रल लैब एवं ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित भवन, वर्तमान सुपर स्पेशियलिटी भवन एवं निर्माणाधीन कैंसर चिकित्सालय के मध्य निर्मित किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। साथ ही 210 बिस्तरीय अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग भी स्थापित किया जाएगा, जो इन्दौर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के रोगियों के लिए और अधिक सुविधाजनक होगा। परियोजना अंतर्गत नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 550 बिस्तरीय नवीन छात्रावास, 250 सीट क्षमता का मिनी ऑडिटोरियम, विभिन्न संकायों के अध्ययन क्षेत्र, प्रयोगशालाएँ तथा प्राध्यापकों के कक्ष भी विकसित किए जाएंगे। परिसर में आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, स्टोर तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।  

18 मार्च को कतर से भारत के कई शहरों के लिए उड़ानें तय, भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारतीय दूतावास ने एक लिस्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि 18 मार्च को किन शहरों के लिए कतर से विमान उड़ान भरेंगे। कतर एयरवेज ने इससे पहले भी एक शेड्यूल जारी कर जानकारी दी थी कि कतर से कहां-कहां उड़ान जाएंगी। ताजा जानकारी के अनुसार, भारतीय दूतावास ने बताया कि कतर एयरवेज ने भारत में उन जगहों की लिस्ट बनाई है, जहां वह 18 मार्च से अपनी सीमित फ्लाइट चलाएगा। वे शहर अहमदाबाद, अमृतसर, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोच्चि, कोझिकोड और मुंबई हैं। कतर एयरवेज 18 मार्च से 28 मार्च 2026 तक सीमित संख्या में संशोधित फ्लाइट चलाएगा। इसके साथ ही एयरवेज ने सलाह दी है कि अपनी बुकिंग मैनेज करने का सबसे तेज तरीका ऑनलाइन या हमारे ऐप पर है। अगर आपकी बुकिंग की पुष्टि हो गई है और आपकी यात्रा की तारीख 28 फरवरी और 28 मार्च 2026 के बीच है, तो आप रिफंड या तारीख बदल सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कतर एयरवेज की विमान पर रीबुकिंग करने पर 30 अप्रैल 2026 तक नई यात्रा की तारीख में दो बार रिशेड्यूल कर सकते हैं या आपके टिकट की इस्तेमाल न की गई कीमत का रिफंड ले सकते हैं। कतर एयरवेज ने कहा, "हम समझते हैं कि यह स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है, और हम अपने रोजाना के ऑपरेशन को सुरक्षित रूप से वापस लाने की तैयारी करते हुए आपको आगे बढ़ने में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। आपका सब्र और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है, और इस मुश्किल समय में आपके लगातार सपोर्ट के लिए हम सच में शुक्रगुजार हैं। कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी के कतर के एयरस्पेस को सुरक्षित रूप से पूरी तरह से फिर से खोलने की घोषणा करने के बाद कतर एयरवेज ऑपरेशन फिर से शुरू कर देगा।"इन सबके बीच कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बात की है। कतर के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, शीर्ष अधिकारियों ने इलाके में सैन्य बढ़ोतरी और इलाके और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर इसके गंभीर असर पर चर्चा की। बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने कतर राज्य, सऊदी अरब किंगडम और कई दूसरे सहयोगी देशों पर ईरान के गलत हमलों की निंदा दोहराई। उन्होंने इस मामले में सभी बढ़ती कार्रवाइयों को तुरंत रोकने, बातचीत की टेबल पर लौटने, तर्क और समझदारी को प्राथमिकता देने और संकट को इस तरह से कंट्रोल करने की जरूरत पर जोर दिया जिससे इलाके की सुरक्षा बनी रहे।"

भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर अभी मुहर नहीं, सरकार ने कहा– बातचीत जारी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच हुई डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। यह डील तब अपने मूर्त रूप में आएगी, जब अमेरिका में नए टैरिफ ढांचे लागू हो जाएंगे। बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार को व्यापारिक आंकड़ों पर ब्रीफिंग देते समय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नई डील पर हस्ताक्षर नए टैरिफ ढांचे के लागू हो जाने के बाद ही होंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन इस समय व्यापार समझौते के विवरणों पर बातचीत कर रहे हैं। क्या है मामला? दरअसल, लंबी बातचीत और तमाम उठापटक के बाद भारत और अमेरिका के बीच में एक व्यापारिक डील पर सहमति बनी थी। इस पर दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावे किए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोकर्ट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करके रद्द कर दिया। हालांकि, इसके कुछ घंटो बाद ही ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए अमेरिका में आने वाले सामान पर सार्वभौमिक रूप से 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर दी। बाद में उन्होंने इसे 15 फीसदी तक बढ़ा दिया। लेकिन इसके साथ समस्या यह है कि यह टैरिफ एक निश्चित समय के लिए ही लागू होगा। इस वजह से भारत जैसे देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को अभी फाइनल करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना ज्यादा सही समझा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इन देशों पर दबाव बनाने के लिए कई कदम उठाने की कोशिश भी की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगे झटके के बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ दबाव फिर से बनाने की कोशिश की। हाल ही में उन्होंने भारत और 15 अन्य देशों के खिलाफ "अनफेयर मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस" की जांच करने की घोषणा की है। यह कदम ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत की जाने वाली जांच कहलाता है। अमेरिकी संविधान के मुताबिक अगर कोई देश अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त पाया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उन पर नए टैरिफ लगाने, आयात रोकने और व्यापार समझौते में दी गई रियायतों को निलंबति करने की शक्ति हासिल कर लेती है।  

ईरान संकट पर BRICS की प्रतिक्रिया पर बहस तेज, भारत की रणनीति पर टिकी सबकी नजर

नई दिल्ली भारत ने बीते सप्ताह यह स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर ब्रिक्स देशों के बीच साझा रुख तय करना मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इस युद्ध को लेकर सदस्य देशों के अलग-अलग विचार हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा था कि ब्रिक्स के कुछ सदस्य देश इस संघर्ष में सीधे शामिल हैं, जिसकी वजह से समूह के लिए एक साझा रुख तय करना कठिन हो गया है। हालांकि भारत इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश में जुटा है। गौरतलब है कि भारत इस साल इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता कर रहा है। लभारत, चीन और रूस जैसे देशों वाले इस समूह का हाल के कुछ सालों में ही विस्तार हुआ है और इसमें ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत कुछ अन्य देशों को शामिल किया गया है। अब ईरान बीते 2 सप्ताह से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, जिससे समूह और अध्यक्ष भारत के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में भारत के सामने चुनौती है कि पश्चिम एशिया के इस संघर्ष पर ब्रिक्स का एक साझा रुख कैसे तैयार किया जाए। ब्रिक्स समूह में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में विस्तार कर मिस्र, इथोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गया। ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है, जिसमें दुनिया की 11 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर बड़ा कद रखने वाला BRICS इस युद्ध पर कोई संयुक्त बयान जारी नहीं कर पाया है। भारत की BRICS अध्यक्षता के सामने चुनौती हालांकि ईरान युद्ध ने भारत की अध्यक्षता को मुश्किल स्थिति में ला दिया है। ईरान ने सीधे भारत से BRICS को सक्रिय करने की अपील की थी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से संपर्क कर अमेरिका और इजरायल के हमलों और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने के लिए BRICS से बयान जारी करने की मांग की थी। लेकिन अब तक ऐसा कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है। इससे पहले 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान BRICS ने 12 दिन चले युद्ध में इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए दो बयान जारी किए थे। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष देश के राष्ट्रीय हित समूह की प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। संघर्ष में शामिल कई पक्षों से भारत के करीबी संबंध भारत की स्थिति इसलिए भी जटिल है क्योंकि उसके इस संघर्ष में शामिल कई देशों से करीबी संबंध हैं। भारत के इजरायल के साथ रक्षा और तकनीकी संबंध हैं। वहीं संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ ऊर्जा और भारतीय प्रवासी से जुड़े महत्वपूर्ण हित हैं। इसके अलावा अमेरिका के साथ भी संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। दूसरी ओर ईरान के साथ भी भारत के लंबे समय से संबंध हैं, जिनमें चाबहार बंदरगाह परियोजना शामिल है, जो भारत को मध्य एशिया तक पहुंच देने में अहम है। BRICS के विस्तार ने भी सहमति बनाना कठिन कर दिया है। पहले पांच देशों का यह समूह अब 11 सदस्य देशों तक बढ़ चुका है और इनमें कई देशों के हित एक-दूसरे से टकराते हैं। उदाहरण के लिए ईरान के अपने ही BRICS सदस्य देशों यूएई और सऊदी अरब के साथ तनावपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में अध्यक्ष देश के रूप में भारत किसी तरह की जबरन एकता नहीं बना सकता, बल्कि वह केवल सहमति बनने पर उसे मजबूत कर सकता है या मतभेदों को शांत तरीके से संभाल सकता है। युद्ध से BRICS की अर्थव्यवस्थाओं पर असर ईरान ने मार्च की शुरुआत से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के जरिए आवाजाही को काफी हद तक प्रभावित कर दिया है। इससे 1000 से अधिक जहाजों को देरी या रास्ता बदलना पड़ा है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इसके अलावा एलएनजी, उर्वरक, अनाज और कई अन्य वस्तुएं भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। युद्ध के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, टैंकरों का किराया बढ़ गया है और कई जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। इससे यात्रा में 10 से 14 दिन की देरी हो रही है और BRICS देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के लिए लागत बढ़ रही है। संकट के बीच भारत की रणनीति भारत का रुख इस समय आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और तनाव कम करने पर केंद्रित है। भारत BRICS शेरपा चैनल के जरिए सदस्य देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और कूटनीतिक स्तर पर भी संपर्क बनाए हुए है। भारतीय प्रवक्ता ने बीते दिनों कहा है कि भारत ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि इस संघर्ष पर कोई साझा रुख तय किया जा सके।