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23 मई को खुलेंगे श्री हेमकुंड साहिब के कपाट, श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां जोरों पर

पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट इस वर्ष 23 मई 2026, शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस संबंध में हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंदवर्धन से मुलाकात कर आगामी यात्रा सीजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मौसम की स्थिति और व्यवस्थाओं का आकलन करने के बाद दोनों पक्षों ने सहमति जताते हुए 23 मई को कपाट खोलने का निर्णय लिया। हेमकुंड साहिब यात्रा का संचालन प्रबंधन ट्रस्ट राज्य सरकार के सहयोग से करता है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया जैसे प्रमुख पड़ावों पर ट्रस्ट की धर्मशालाओं में तीर्थयात्रियों के लिए नि:शुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाती है। हेमकुंड साहिब में भी लंगर की सेवा उपलब्ध रहती है लेकिन अत्यधिक ऊंचाई और सीमित सुविधाओं के कारण वहां रात में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाती। इस वर्ष यात्रा को अपेक्षाकृत जल्दी शुरू करने का निर्णय मुख्य रूप से कम बर्फबारी के कारण लिया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार हिमपात कम हुआ है, जिससे यात्रा मार्गों पर अनुकूल परिस्थितियां बनती दिख रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पहाड़ों का मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए यात्रा की तैयारियों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने इस बार यात्रा की शुरुआत थोड़ी पहले करने का फैसला किया है। इसी क्रम में इस वर्ष चारधाम के मंदिरों के कपाट भी अप्रैल महीने में खोलने की योजना तय की गई है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंदवर्धन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य चारधाम और हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाना है। हिमालय की सुरम्य वादियों के बीच लगभग 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। यह स्थान आध्यात्मिक शांति, ध्यान और ईश्वरीय अनुभूति की तलाश में आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य वातावरण प्रदान करता है। हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होते हैं, जो आस्था, एकता और आध्यात्मिक नवचेतना का प्रतीक बन चुकी है।

उपभोक्ता गैस बुकिंग के लिये करें डिजिटल माध्यम का प्रयोग : अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती शमी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम के मद्देनजर अधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंत्रालय मे खाद्य विभाग के अधिकारियों तथा ऑयल कंपनियो के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल, पीएनजी, सीएनजी तथा घरेलू गैस की आपूर्ति के संबंध मे समीक्षा की। एसीएस श्रीमती शमी द्वारा सिलेन्डर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये गये हैं। ऑयल कंपनियो के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की गयी है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचें। ऑयल कंपनियो के प्रतिनिधि द्वारा यह भी बताया गया कि रविवार 15 मार्च को अवकाश के बाद भी तीनों गैस कंपनियों द्वारा लगभग 1,20,000 गैस सिलेन्डर घरेलू उपभोक्ताओं को प्रदान करने के लिए उपलब्ध कराये गए हैं। 1116 स्थानों पर कार्यवाही कर 1825 सिलेंडर जप्त गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि सूचना-तंत्र सुदृढ़ कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करें। यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में 1116 स्थानों पर कार्यवाही कर 1825 सिलेंडर जब्त किये गए तथा 08 प्रकरण में एफआईआर की गयी। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया गया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजी के कनेक्शन लें। पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें। प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कार्यों में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत / सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है : भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री) इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री) एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

एपस्टीन लिंक के आरोपों पर एक्शन: हरदीप पुरी की बेटी पहुंचीं HC, 10 करोड़ की मानहानि याचिका दायर

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 10 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा उन ऑनलाइन सामग्रियों और पोस्ट्स को हटाने की मांग के साथ लगाया गया है, जो उन्हें अमेरिकी बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ती हैं। हिमायनी ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे एक्स, गूगल, मेटा और लिंक्डइन के साथ-साथ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है। मुकदमे में कहा गया कि भविष्य में ऐसी कोई भी मानहानिकारक सामग्री सामने आने पर उसे तुरंत हटाया जाए। यह केस वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी की ओर से तैयार किया गया है और लेक्स्टर लॉ एलएलपी के माध्यम से दायर किया गया। मामला जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। मुकदमे के अनुसार, 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर विभिन्न पोस्ट्स और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि हिमायनी पुरी का जेफरी एपस्टीन या उनकी आपराधिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय, व्यक्तिगत या अन्य संबंध थे। कुछ आरोपों में यह भी कहा गया कि जहां हिमायनी पुरी कार्यरत थीं, उस रियल पार्टनर्स एलएलसी ने एपस्टीन या उनके सहयोगियों से धन प्राप्त किया या संदिग्ध स्रोतों से फंडिंग ली। इसके अलावा, रॉबर्ट मिलार्ड के साथ मिलकर लेहमन ब्रदर्स के पतन में भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया गया। आरोपी पर हिमायनी ने क्या कहा हिमायनी पुरी ने इन सभी दावों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप उनकी प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे हैं। मुकदमे में बताया गया कि प्रतिवादी विभिन्न सनसनीखेज तरीकों से इन झूठे आरोपों को फैला रहे हैं, जिसमें संपादित वीडियो, भ्रामक कैप्शन और जाली थंबनेल शामिल हैं। ये सामग्रियां डिजिटल वायरलिटी और जन आक्रोश पैदा करने के लिए डिजाइन की गई हैं। हिमायनी पुरी का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित अभियान के तहत निशाना बनाया जा रहा है, जिसका मकसद उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना है। मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है, क्योंकि इन झूठे दावों से उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। मुकदमे का मुख्य आधार यह है कि हिमायनी पुरी को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे केंद्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। सूट में कहा गया है कि हिमायनी एक सक्षम, आत्मनिर्भर और पेशेवर महिला हैं, लेकिन उनके पिता की राजनीतिक स्थिति के कारण उन्हें क्रूर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला एपस्टीन फाइल्स से जुड़े हालिया विवादों के संदर्भ में आया है, जिसमें हरदीप पुरी के नाम का भी जिक्र हुआ था, हालांकि हिमायनी ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है।  

विधानसभावार कृषि सम्मेलन के लिए कृषि विभाग देगा 5 लाख रुपए

प्रत्येक विधानसभा में आयोजित होंगे कृषि सम्मेलन डेढ़ साल में प्रदेश का दूध संकलन 25 प्रतिशत बढ़कर हुआ 12.50 लाख लीटर प्रतिदिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ कृषि अभिमुखीकरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और कृषक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश, देश का इकलौता राज्य है, जो 5 रुपए में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में कृषक कल्याण वर्ष में सक्रिय सहभागिता जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पवार सहित मंत्रीगण, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधि, एफपीओ के पदाधिकारी एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मध्यप्रदेश के पुराने विधानसभा भवन का पवित्र स्थान है। इस स्थान पर कृषक कल्याण योजनाओं पर केन्द्रित कार्यशाला राज्य सरकार के कृषि क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएं हैं।उन्हें साकार करने के प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश का दूध कलेक्शन 25 प्रतिशत बढ़ा है। अब प्रदेश में प्रतिदिन 12.50 लाख लीटर दूध कलेक्शन किया जा रहा है। दूध का मूल्य भी 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और क्षेत्र में नरवई प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसे की मशीन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण के लिए माता यशोदा योजना शुरू करने की पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होम स्टे की योजना शुरू की है। होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख रुपये तक की आय जीएसटी से मुक्त रखी गई है। लघु-कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल हुए हैं। राज्य की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन 16 विभागों के अंतर्गत आ जाता है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी, जिनसे लघु कृषकों को खेती के लिए किराये पर यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। विधायक अपने क्षेत्र में 4 से 5 कृषि सम्मेलन करें, इसके लिए कृषि विभाग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र 5 लाख रुपए आवंटित करने का निर्णय किया है। इन प्रयासों से कृषि कल्याण के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। किसान सौर बिजली उत्पादन की सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भी कार्य करें। प्रदेश प्रभारी श्री महेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब हजार और लाख में नहीं, मिलियन, बिलियन और ट्रिलियन में बात करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से कृषि में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद मध्यप्रदेश कई खाद्यान्नों के उत्पादन में देश में, पहले और दूसरे स्थान पर हैं। मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर भी रहते हुए देश के खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के किसानों को सस्ती दरों पर बिजली और सिंचाई के लिए पम्प उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 54 लाख हैक्टेयर है। राज्य सरकार ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को साकार करते हुए सिंचाई का रकबा आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में दूध एवं डेयरी क्षेत्र में आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी के साथ बढ़ी है। इसी प्रकार प्रदेश का बजट वर्ष 2003-24 में 23 हजार था, जो अब 4 लाख 38 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रख्यात लेखिका ममता कालिया को साहित्य अकादमी सम्मान, ‘जीते जी इलाहाबाद’ को मिला बड़ा पुरस्कार

नई दिल्ली मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है। आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला। यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा। जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं। अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।  

दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास पर मंगलवार को मंथन

भोपाल केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए-कारा), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास और दत्तक-ग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन 17 मार्च मंगलवार को भोपाल में किया जाएगा। कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया करेंगी। यह कार्यशाला सीएआरए के दत्तक ग्रहण जागरूकता अभियान 2025-26 की थीम “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना” के अनुरूप की जा रही है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय पारिवारिक वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करना है। मध्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं। जिलों की संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा क्षेत्र है। कार्यशाला में 170 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है। अभियान में आयोजित होने वाली यह सबसे व्यापक क्षेत्रीय परामर्श बैठकों में से एक होगी। कार्यशाला में राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (एसएआरए-सारा), विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरणों, बाल देखभाल संस्थानों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा बाल संरक्षण से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण की राज्यवार स्थिति, उत्कृष्ट प्रथाओं, सफल दत्तक-ग्रहण के प्रेरणादायक अनुभवों और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही समूह चर्चाओं के माध्यम से क्रियान्वयन योग्य और समयबद्ध अनुशंसाएँ तैयार की जाएंगी। चिकित्सा, विधिक, वित्तीय और शिकायत निवारण से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सफल दत्तक ग्रहण पर आधारित एक लघु फिल्म की भी लाँचिंग की जाएगी, जो परिवार आधारित देखभाल की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करेगी। परामर्श कार्यशाला से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने, प्रणालीगत कमियों की पहचान करने और नीति स्तर पर ठोस सुझाव तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को अधिक प्रभावी, समावेशी और बाल-केंद्रित बनाया जा सके।  

श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम निलंबित

निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में निलंबित रायपुर,  मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर जिला जांजगीर-चांपा के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा 02 मार्च 2026 को कलेक्टर को शिकायत भेजी गई थी। इस संबंध में विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया गया। इसके बाद कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में निर्माण श्रमिक के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता परिलक्षित हुई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम, कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला जांजगीर- चांपा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच संस्थित की गई है।        निलंबित श्रम निरीक्षक   मरकाम के निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश श्रमायुक्त के अनुमोदन से अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा आज सोमवार को जारी किया गया है।  

T20 वर्ल्ड कप के बाद बदली जिंदगी! Sanju Samson बोले—सुबह उठकर सोचता हूं, क्या ये सच है?

 नई दिल्ली   भारत की टी20 वर्ल्ड कप खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन ने कहा कि देश आने वाले कई वर्षों तक वैश्विक क्रिकेट पर राज करने के लिए तैयार है। रविवार को बीसीसीआई नमन पुरस्कार 2026 के मौके पर सैमसन ने भारत की जीत के सफर के दौरान अपने प्रदर्शन की तुलना एक फिल्म से की और कहा कि उन्हें अब भी इस पर यकीन नहीं हो रहा है। पिछले रविवार की जीत के बारे में पूछे जाने पर सैमसन ने कहा, ''अब भी जब मैं सुबह उठता हूं तो सोचता हूं कि 'क्या सच में ऐसा हुआ है?' ईमानदारी से कहूं तो यही अहसास है।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में जिस तरह के बेहतरीन खिलाड़ी हैं उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में यह जीत बार-बार दोहराई जाएगी। जिस बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए भारत निश्चित रूप से अब ऐसा बार-बार करेगा।''   'मेरा करियर इसका सबसे अच्छा उदाहरण' टी20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। उन्होंने सिर्फ पांच पारियों में लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया। शुरुआत में टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ चरण के अहम मैच में, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में, और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 80 से अधिक रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया।सैमसन ने कहा कि वह भारत को विश्व कप जिताने का सपना देख रहे थे। उन्होंने कहा, ''बिल्कुल, मुझे लगता है कि आप वही सपना देखते हैं जहां आप जाना चाहते हैं लेकिन यह तय नहीं है कि आप उस रास्ते पर चल पाएं। इसलिए मेरी जिंदगी या मेरा करियर इसका सबसे अच्छा उदाहरण रहा है। मैं निश्चित रूप से कुछ साल पहले ऐसा करना चाहता था।'' 'फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं…' सैमसन ने कहा, ''मैं अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता था लेकिन इसकी अपनी ही एक योजना थी, अपनी ही एक कहानी थी। तो यह कुछ-कुछ एक फिल्म जैसा था। मुझे इसमें मजा आया।'' केरल के इस सीधे-सादे स्टार ने खेल पर अपनी छाप छोड़ने के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत की है और टी20 विश्व कप उनके करियर का सबसे बेहतरीन पल था। सैमसन ने कहा, ''जैसा कि मैंने पहले कहा कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता था, फिर मुझे मेरी यात्रा से हटा दिया गया और फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं आकर योगदान दूं और तभी मेरा मानसिक नजरिया थोड़ा बदल गया। मुझे लगता है कि उससे पहले न्यूजीलैंड सीरीज में मेरा पूरा ध्यान सिर्फ अपने ऊपर था।'' 'उसी पल से हर कोई चाहता था कि…' उन्होंने कहा, ''लेकिन विश्व कप में पूरा ध्यान टीम पर था। मैं सोचता था कि टीम को किस चीज की जरूरत है और जिम्बाब्वे के मैच में, ठीक उसी पल से हर कोई चाहता था कि मैं टीम में योगदान दूं। मुझे अपनी भूमिका निभानी थी। तभी यह बदलाव आया और यह आत्मविश्वास जागा कि ठीक है 'टीम को तुम्हारी जरूरत है, संजू' और चलो वह करते हैं जो तुम सबसे अच्छा कर सकते हो। तो यहीं से सब कुछ शुरू हुआ।'' तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस जीत को एक 'चमत्कार' बताया क्योंकि वह टूर्नामेंट के लिए शुरुआती टीम का हिस्सा भी नहीं थे और उन्हें चोटिल हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, ''मैं शुरुआती टीम में नहीं था और फिर मुझे मौका मिला, मैंने एक मैच खेला और अब मैं विश्व कप जीतने वाली दो टीम का हिस्सा बन चुका हूं। मैं तो कहूंगा कि यह मेरे लिए एक चमत्कार है।''

CM हेमंत सोरेन ने रांची में ‘जोहारग्राम-मेड इन झारखंड’ शोरूम का किया शुभारंभ, राज्य के कारीगरों को बढ़ावा

   रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज राजधानी रांची के करमटोली चौक के समीप 'जोहारग्राम – मेड इन झारखंड' शोरूम का फीता काटकर शुभारंभ किया। यहां पुरुष महिला और बच्चों के लिए हर तरह के ट्राइबल्स क्लॉथ मिलेंगे, जिसमें आदिवासी साड़ियां, टी- शर्ट, बंडी और अन्य पारंपरिक आदिवासी पहनावा शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासी कला- संस्कृति के साथ आदिवासी पहनावा, ज्वेलरी, व्यंजन और अन्य सामानों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। ऐसे में इस तरह के शोरूम खुलने से लोगों के बीच ट्राइबल पहनावा के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इस मौके पर शोरूम के संचालक आशीष सत्यव्रत साहू ने मुख्यमंत्री का अभिवादन और स्वागत किया।  

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बारिश-ओलों की मार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से रविवार को कई जिलों में मौसम बदला और हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। अलवर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित टपूकड़ा में रविवार सुबह करीब 10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में भी ओलावृष्टि हुई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 14 मार्च के मुकाबले 3.7 डिग्री गिरकर 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा। इसके अलावा चूरू में 34.4, बीकानेर में 34.6, जैसलमेर में 35.2, सीकर में 33, अलवर में 31.4, करौली में 33, फतेहपुर (सीकर) में 34, नागौर में 33.5 और झुंझुनूं में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रविवार को सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जयपुर में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप रही। हल्की हवा चलने के बावजूद अधिकतम तापमान बढ़कर 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जयपुर के पास दौसा में 35.5, वनस्थली (टोंक) में 36.3 और अजमेर में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 16 से 17 मार्च तक राज्य में मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 18 मार्च की शाम से एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 18 मार्च से प्रदेश में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 18 से 21 मार्च के बीच राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के रूप में देखने को मिल सकता है। 18 मार्च को 12 जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।