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मधुमक्खी पालन करने वालों की बल्ले-बल्ले, हरियाणा में 50 रुपये में बीमा सुविधा

चंडीगढ़.

मधुमक्खी पालकों को नुकसान पर सवा छह लाख रुपये तक बीमा क्लेम मिलेगा। प्रदेश सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल कर लिया है। मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी व बॉक्स पर मात्र 50 रुपये प्रीमियम में 1250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा निवास में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं एवं विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने और शहद उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया है। शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करने से मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से होने वाले संभावित नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और प्रदेश में मधुमक्खी पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा मिलेगा।

43 लाख टन धान की खरीद –
हरियाणा की 278 मंडियों में धान की खरीद की जा रही है। अब तक 48 लाख टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 43 लाख टन की खरीद की जा चुकी है। इसमें से 37 लाख 20 हजार टन धान का उठान किया जा चुका है। अब तक दो लाख 88 हजार 102 किसानों के बैंक खातों में 9880 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की जा चुकी है।

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