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खाड़ी में तनाव से कच्चे तेल पर संकट, उत्पादन 57% तक गिरने की आशंका

नई दिल्ली

गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने के कुछ ही महीनों के भीतर खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल उत्पादन काफी हद तक ठीक हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध-पूर्व के स्तर तक पूरी तरह से वापसी में समय लग सकता है। अगर यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहता है तथा पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल के उत्पादन को और भी अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।

रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि खाड़ी क्षेत्र का उत्पादन युद्ध-पूर्व के स्तर की तुलना में 14.5 मिलियन बैरल प्रति दिन यानी 57% तक गिर गया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि अगर तेल संपत्तियों पर नए सिरे से कोई हमला नहीं होता है और आने वाले महीनों में यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से फिर से खुल जाता है, तो उत्पादन में तेजी से सुधार संभव है।

उत्पादन में सुधार की गति परिवहन और कुओं से तेल निकलने की दर पर निर्भर करेगी। एक बार जब यह जलमार्ग फिर से खुल जाएगा, तो मुख्य बाधाएं पाइपलाइन की क्षमता, पहले से निकाले गए तेल को ले जाने के लिए खाली टैंकरों की उपलब्धता, और तेल क्षेत्रों में मरम्मत व रखरखाव के काम के लिए जरूरी सामग्री और कर्मचारियों को जुटाने से जुड़ी हो सकती हैं।

संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध खाली टैंकरों की क्षमता में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पूरी तरह से ठीक होने में कई तिमाहियां लग सकती हैं।

माइंस हटाने का काम जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर चुकी है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति को बहाल करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था संकट में है। समुद्र के नीचे बिछाई गई इन विस्फोटक सुरंगों को साफ करने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं। वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने शनिवार को कहा कि उनका देश भूमध्य सागर में बारूदी सुंरग हटाने वाला पोत तैनात कर सकता है।

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