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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने केरल विधानसभा का अवलोकन किया

चंडीगढ़

हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने केरल भ्रमण के दौरान बुधवार को वहां की विधान सभा का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केरल विधान सभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर से संसदीय विषयों पर गहन चर्चा भी की। चर्चा में सामने आया कि केरल विधान सभा में विभिन्न संसदीय सुधारों पर काम किया जा रहा है। इस दौरान हरियाणा विधान सभा की संसदीय प्रक्रिया और नियमों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि केरल विधान सभा में संसदीय प्रक्रिया के मानक स्थापित किए हैं। यहां 37 कमेटियां हैं, जिनमें से 4 वित्तीय समितियां तथा 14 विषय संबंधी समितियां शामिल हैं।

विषय समितियों का महत्व इस तथ्य से आंका जा सकता है कि किसी भी विधेयक का प्रारूप सदन में प्रस्तुत करने के बाद इन समितियों को भेजा जाता है। समिति इस प्रारूप का गहन अध्ययन कर उस पर सिफारिशें देती हैं। उसके बाद इन विधेयक प्रारूपों पर सदन में चर्चा होती है। केरल की समितियों की विशेष बात यह भी देखने में आई कि यहां समितियों का गठन 30 माह के लिए होता है। केरल की विषय संबंधी कमेटियों में खास अंतर यह भी देखा गया कि इनके चेयरपर्सन संबंधित विभाग के मंत्री होते हैं।

विधान सभा अध्यक्ष को बताया गया कि केरल विधान सभा में केरल लेजिस्लेटिव एसेंबली मीडिया एंड पार्लियामेंटरी स्टडीज का विंग है, जो समय-समय पर सम्मेलन एवं सेमिनार का आयोजन करवाता है। विधान सभा का अपना टी.वी. चैनल भी है जो सदन की कार्यवाही का प्रसारण करता है। अन्य दिनों में इस चैनल पर विधान सभा से संबंधित विषयों पर वीडियो क्लिप प्रसारित किए जाते हैं।

केरल विधान सभा में पार्लियामेंट इंटर्नशिप विंग है, जो कानून के विद्यार्थियों को 7 से 14 दिन की इंटर्नशिप करवाता है। भारत व दूसरे देशों के कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का साल भर का कार्यक्रम रहता है। ये विद्यार्थी विधान सभा से सम्बन्धित दूसरे विषयों पर भी जानकारी हासिल करते हैं।

विधान सभा में राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं। इनमें पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्यों तथा सम्बन्धित अधिकारियों के कार्यक्रम शामिल रहते हैं। देश की विधान सभाओं में एससी एसटी वर्ग के विधायकों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाता है। देश की विभिन्न विधान सभाओं से महिला सदस्यों तथा युवा सम्मेलन आयोजित हुए। इनमें एक हजार विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
विस अध्यक्ष को बताया गया कि विधान सभा के 1200 कर्मचारियों को समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा यह भी जानकारी मिली कि विधान सभा सत्र के दौरान एक बैठक में 30 तारांकित प्रश्न शामिल किए जाते हैं।

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