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आतंकी खतरे पर सख्त हरियाणा सरकार, 150 अधिकारियों के साथ एंटी-टेररिस्ट सेल की होगी स्थापना

चंडीगढ़ 
हरियाणा सरकार राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को नए ढांचे और उच्च स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। फरीदाबाद की अल फला यूनिवर्सिटी में संदिग्ध गतिविधि और सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे प्रदेश में सतर्कता बढ़ाई है। इसी क्रम में डीजीपी ओपी सिंह ने एंटी टेररिस्ट स्क्वाड अर्थात एटीएस के गठन का विस्तृत प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। इसे हरियाणा की आतंकवाद-रोधी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में एटीएस की आवश्यकता, यूनिट की संरचना, मानव संसाधन और संचालन प्रणाली का पूरा खाका शामिल है। सरकार अब यह तय करेगी कि एटीएस का ढांचा उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ऑपरेशन आधारित हो या फिर एनसीआर की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हरियाणा का अलग मॉडल तैयार किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली की सीमा, औद्योगिक क्षेत्रों और संवेदनशील गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा-विशेष मॉडल अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। इस विषय पर मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय जल्द होने की संभावना है।
 
अल फला यूनिवर्सिटी मामले के बाद हरियाणा पुलिस ने एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। प्रदेश के 150 थानों को विशेष निगरानी चक्र में शामिल किया गया है। प्रत्येक थाने से एक जवान को प्रतिदिन फील्ड रेकी, संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण और इंटेलिजेंस जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह रिपोर्ट सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है।
 
प्रस्ताव के अनुसार एटीएस को केवल घटना के बाद कार्रवाई करने वाली यूनिट के रूप में नहीं, बल्कि पूर्व-निवारण आधारित एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा। यूनिट का मुख्य फोकस प्रीवेंटिव इंटेलिजेंस, संदिग्ध गतिविधियों की शुरुआती पहचान और समय रहते कार्रवाई पर रहेगा। मौजूदा सुरक्षा ढांचा अधिकतर पोस्ट इंसीडेंट रिस्पॉन्स पर आधारित है, जिसे वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत करने की जरूरत मानी गई है।

एटीएस क्यों जरूरी
पिछले महीनों में एनसीआर क्षेत्र में संवेदनशीलता बढ़ी है। सीमावर्ती दबाव, साइबर संदिग्ध गतिविधियां और हालिया घटनाओं ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा ढांचे को प्रीवेंटिव मोड में बदलना आवश्यक है। अल फला यूनिवर्सिटी मामले ने यह जरूरत और अधिक स्पष्ट कर दी है। डीजीप ओपी सिंह ने बताया कि एटीएस गठन का प्रस्ताव भेज दिया गया है और अंतिम निर्णय सरकार पर निर्भर करेगा। उनका कहना है कि एटीएस बनने से हरियाणा नई रणनीति और अधिक गति के साथ आतंकवाद-रोधी प्रयासों को लागू कर सकेगा ।

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