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गंगा-पुनपुन का कहर बढ़ा, पटना में बाढ़ का खतरा गंभीर; टूटे रिंग बांध से गांव में घुसा पानी

पटना
 गंगा व पुनपुन ने शनिवार को बाढ़ की विभीषिका और विकराल कर दी। गांधी घाट पर गंगा ने 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) का रिकार्ड तोड़ दिया। शाम पांच बजे तक यहां जलस्तर 50.57 मीटर हो गया, जो एचएफएल 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है।

केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे तक यह पांच सेंटीमीटर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। पुनपुन-श्रीपालपुर में अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 52 सेंटीमीटर नीचे 53.39 मीटर है।

इसमें 24 घंटे में 11 सेमी की वृद्धि हुई और यह खतरे के निशान से 2.79 मीटर ऊपर बह रही है। शुक्रवार रात पुनपुन नदी पर बना रिंग बांध टूटने से फुलवारी प्रखंड के कुरा नवादा गांव में पानी घुस गया।

रिसाव की सूचना पर मरम्मत नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई को बंधक बना जमकर हंगामा व नारेबाजी की।

पांच दिन में 1.62 मीटर चढ़ी गंगा
एक से पांच सितंबर शाम तक के आंकड़े देखें तो गंगा का उफान सामान्य वृद्धि नहीं है। इन पांच दिनों में बड़ा जलस्तर उछाल दर्ज किया गया। मनेर में 52.15 मीटर से 53.77 मीटर यानी 162 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

दीघा घाट पर 50.44 से 51.92 मीटर यानी 148 सेंटीमीटर और हाथीदह में 42.24 से 43.42 मीटर यानी 118 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

गांधीघाट पर 49.40 मीटर से बढ़कर 50.57 मीटर यानी 117 सेंटीमीटर पानी बढ़ा। चार प्रमुख केंद्रों में से तीन पर जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर के एक मीटर के भीतर पहुंच गया है। मनेर में पुराने उच्चतम स्तर से केवल दो सेंटीमीटर, हाथीदह में 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं दीघा में 60 सेंटीमीटर नीचे हैं।

गंगा-पुनपुन के दोहरे दबाव का खतरा
गंगा और पुनपुन दोनों के उफनाने का दुष्प्रभाव अब ग्रामीणा आबादी, खेतों से होते हुए शहरी क्षेत्र व तटबंधों तक पहुंच गया है। 2019 में इन्हीं दोनों नदियों के कारण पाश कालोनियों ने नावें चली थीं। दोनों नदियों के ऊंचे जलस्तर का असर अब नदी के किनारे तक सीमित नहीं है।

 

पुनपुन का पानी रिंग बांधों में रिसाव और टूटने के बाद गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच रहा है, जबकि गंगा का पानी निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर दबाव बढ़ा रहा है।

खतरा इसलिए ज्यादा गंभीर है कि दोनों तरफ से पानी का दबाव बना हुआ है। गंगा रिकार्ड स्तर पार कर चुकी है तो पुनपुन अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब है।

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