samacharsecretary.com

7 सितंबर राशिफल: सोमवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा खास, मां लक्ष्मी की कृपा से मिलेगा आर्थिक लाभ

मेष आज खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मुद्दों को सॉल्व कर लें। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे और भाग्यशाली रहेंगे। मेष राशि वाले कुछ लोग संपत्ति पर कानूनी विवाद जीत सकते हैं। कार्यस्थल पर भी आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वृषभ आज रिश्ते में छोटी-मोटी नोक झोंक के बावजूद आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी। करियर में सफल होने के लिए हर आने वाली चुनौती को पूरी शिद्दत से हल करें। अच्छे श्रोता बनें। मिथुन आज छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी जबकि आपका धन- धान्य बना रहेगा। आज कार्यालय में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है। वहीं, प्रेम जीवन भी शानदार रहेगा। वित्त और स्वास्थ्य दोनों दिन भर अच्छे रहेंगे। कर्क आज अपनी क्षमता साबित करने के लिए दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं। बड़े निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है और स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहने वाला है। कुछ कर्क राशि वाले पुराने रिश्ते में वापस जाने के लिए भाग्यशाली होंगे। सिंह आज खुशी के पल आप महसूस करेंगे। वहीं, एक खुशहाल रिश्ते को व्यावसायिक सफलता का भी सहारा मिलता है। पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। अपने साथी के साथ समय बिताएं। कन्या आज आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी काम कर सकते हैं। आप उस प्यार और प्रशंसा की उम्मीद कर सकते हैं, जिसके आप हकदार हैं। आज वह दिन है, जब आपको अपना आकर्षण, और क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। तुला आज सभी पेशेवर चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करें। मजबूत वित्तीय स्थिति आपको स्मार्ट फाइनेंशियल डीसीजन लेने में मदद करती है। आज दफ्तर में सावधान रहें क्योंकि चुनौतियां आ सकती हैं। वृश्चिक आज सही निर्णय लेने के लिए खुद पर भरोसा रखें। आप मेलजोल, संपर्क और प्रयोग में रुचि रखते हैं। आज आप खुद को एक्स्प्रेस करने के नए तरीके सीखेंगे। लव के मामले में आपका दिन बहुत नॉर्मल रहेगा। धनु आज अपने प्रेम जीवन को शानदार बनाएं। रिश्ते से जुड़े मुद्दों को मेच्योर स्वभाव के साथ संभालें। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं लेकिन स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। आप एनर्जेटिक महसूस करेंगे। मकर आज अपने साथी को यह बताने का दिन है कि आप उनके लिए कितने आभारी हैं। सुख-दुख में आपके साथ रहने के लिए उन्हें धन्यवाद देने के लिए समय निकालें। धन के मामले में सावधान रहें। कुंभ आज अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार होंगे। यह अपने सपनों को पूरा करने का समय है। आप उत्साह महसूस करेंगे। कोई भी बाधा इतनी बड़ी नहीं है, जिसे पार करना आपके लिए मुश्किल हो। मीन यह आपकी कड़ी मेहनत का आनंद लेने का समय है। यह याद रखना भी आवश्यक है कि जीवन केवल आराम और स्थिरता के बारे में नहीं है। कभी-कभी आपको अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ नया आजमाना चाहिए।  

कुरूद की ग्राम पंचायतों में योजनाओं और विकास कार्यों का आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने किया निरीक्षण

रायपुर विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बालिका शौचालय निर्माण एवं श्रमिकों से की चर्चा ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त  सिन्हा ने कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत की तथा उन्हें मजदूरी भुगतान की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सरोवर से स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की आयवर्धक गतिविधियों, आजीविका के साधनों और कार्यों की प्रगति के संबंध में सदस्यों से चर्चा की तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। क्यू आर कोड स्कैन कर देखी ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जानकारी आयुक्त  सिन्हा ने ग्राम पंचायत भवन में क्यू आर कोड स्कैन कर पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने क्लार्ट ऐप एवं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध प्रगति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चरमुड़िया आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण भ्रमण के दौरान आयुक्त  सिन्हा ने ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालन की स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया। कार्ययोजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता भ्रमण के अंत में जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को Secure एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त  सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत बारिश के दौरान तथा बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केवल औपचारिकता न होकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। उन्होंने कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार से संवर रहा ग्रामीण अंचल

रायपुर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने आज रायपुर जिला के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सगुनी में विकास और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम में नव निर्मित रंगमंच और अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों का सम्मान और महिलाओं को पूरक आहार का वितरण किया। मंत्री  वर्मा ने कहा कि ​बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को नया आयाम देते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की गति को तेज कर दिया गया है।  मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता में ​मंत्री  वर्मा ने स्पष्ट किया कि बलौदाबाजार विधानसभा के लगभग 260 गांवों और 2 नगरपालिकाओं में विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। विकास कार्यों का आवंटन बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है, ताकि हर पंचायत और गांव को इसका समान लाभ मिल सके। प्रत्येक गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। ​शिक्षा व्यवस्था एवं आंगनबाड़ियों का सुदृढ़ीकरण  ​ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचना सुधार जारी है। तिल्दा ब्लॉक के 40 स्कूलों में अतिरिक्त कमरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। स्कूलों में पेयजल, बाउंड्री वॉल और शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों और सामुदायिक शेड के निर्माण को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है। ​गांवों का कायाकल्प और अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान  लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। गांवों में मुक्तिधाम निर्माण, तालाबों का सौंदर्यकरण और पिंडा-बूतरा निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं।राजस्व विभाग के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। ​17 सितंबर को विकसित भारत के संकल्प के साथ विशेष आयोजन मंत्री  टंक राम वर्मा ने 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से दीप प्रज्वलित कर इसे धूमधाम से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा स्थित श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।  उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आनंद का संचार हो। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों, उनके जीवन संदेश और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और खुशियां लेकर आए तथा प्रदेश निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पीढ़ी का निर्माता- रामविचार नेताम

रायपुर  कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय तथा नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता होते हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम रहे। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं । वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे समाज के लिए मिसाल बन सकें। 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर), श्रीमती नीलीमा एक्का (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा), श्री जवाहर लाल पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़) को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पराली बनेगी कमाई का जरिया, विदिशा में CBG प्लांट से अन्नदाता बनेंगे ‘ऊर्जादाता’

 विदिशा  जिस पराली या नरवाई को किसान फसल कटने के बाद खेत से हटाने के लिए जला देते हैं, वही पराली अब ईधन का कच्चा माल बनेगी। मक्का, धान, गेहूं सहित दूसरी फसलों के अवशेषों से अब कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाने की तैयारी है। इसके लिए इंडियन ऑयल कार्पोरेशन जिले में सीबीजी प्लांट लगाने जा रहा है। यह प्लांट शुरू हो जाने के बाद क्षेत्र का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं ऊर्जादाता भी बन जाएगा। उपयुक्त जमीन की तलाश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत बरवड़े ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर अंशुल गुप्ता और आईओसीएल के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्लांट स्थापना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि इसके लिए नटेरन, बासौदा और कुरवाई क्षेत्र में 15 से 20 एकड़ सरकारी जमीन की तलाश हो रही है। एसडीएम को जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि यह जमीन आईओसीएल को लंबी अवधि के पट्टे पर दी जाएगी। किसानों की समस्या होगी दूर, कमाई भी होगी फसल कटने के बाद खेत में बचने वाले अवशेष किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी बने हुए हैं। इन्हें खेत से हटाने में मेहनत और खर्च लगता है। इससे बचने के लिए अधिकांश किसान इन अवशेषों को खेत में ही जला देते हैं। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। अब सीबीजी प्लांट के लिए क्षेत्र से मक्का, धान, गेहूं सहित विभिन्न फसलों के अवशेष एकत्रित किए जाएंगे। इनका उपयोग बायोगैस और अन्य उत्पाद तैयार करने में होगा। इससे किसानों को फसल की मुख्य उपज के अलावा खेत में बचे अवशेषों से भी आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता बनेगा। विदिशा में जलती है सबसे अधिक पराली इस साल देश भर में पराली जलाने की 68,259 घटनाएं रिपोर्ट हुईं। उनमें से 39,165 यानी आधे से अधिक घटनाएं मध्यप्रदेश में दर्ज हुई हैं। मध्य प्रदेश में भी विदिशा जिला पराली जलाने में सबसे आगे रहा है। यहां इस साल 4465 घटनाएं रिकॉर्ड हो चुकी हैं। पिछले वर्ष भी यहां ऐसी ही स्थिति थी। यह है सीबीजी कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) जैविक कचरे या बायोमास से बनाई गई ऐसी गैस है, जिसका मुख्य घटक मीथेन होता है। इसे सामान्यतः बायोगैस को शुद्ध करके और संपीड़ित यानी कम्प्रेस करके तैयार किया जाता है। गुणवत्ता और उपयोग के लिहाज से यह काफी हद तक सीएनजी की तरह है। इसका उपयोग वाहनों में, औद्योगिक भट्टियों में, खाना पकाने में और कुछ संयंत्रों में बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।     सीबीजी प्लांट की स्थापना से किसानों के लिए पराली अब केवल अपशिष्ट नहीं रहेगी, बल्कि उसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। इससे पराली जलाने की घटनाओं को कम करने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों को कृषि अवशेषों का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी। प्लांट की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि चयन एवं अन्य प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है।     – अंशुल गुप्ता, कलेक्टर, विदिशा।  

Hugging Face ब्रीच के बाद OpenAI एजेंट्स पर बड़ा खुलासा, AI ने बनाई अपनी ‘सीक्रेट दुनिया’

नई दिल्ली AI ने अभी इंसानों के ज्यादातर काम को आसान बना दिया है. लेकिन, कई बार AI बेकाबू हो जाते हैं और इसे संभालना मुश्किल हो जाता है. जिसकी वजह से आने वाले भविष्य में AI कितना खतरनाक साबित हो सकता है, उसकी एक झलक देखने को मिल जाती है. अब एक बार फिर ताजा मामला ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के तरफ से आया है. जहां उसके AI एजेंट्स ने जर्मन वेबसाइट को हाइजैक कर लिया।  रॉयटर्स के अनुसार, एक नई रिसर्च और मामले से जुड़े दो सूत्रों के अनुसार, इस साल मई के दौरान OpenAI के अनकंट्रोल्ड AI एजेंट्स के एक ग्रुप ने एक जर्मन वेबसाइट को हाइजैक कर लिया. उसके बाद और उसे दूसरे AI एजेंट्स के लिए एक मैसेज बोर्ड में बदल दिया. बताया जा रहा है कि OpenAI के अधिकारियों को इस घटना की जानकारी कई हफ्ते पहले हो गई थी. हालांकि, उन्होंने इसे सीक्रेट रखा क्योंकि कंपनी के अधिकारी जुलाई में ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म Hugging Face के डेटा ब्रीच के बाद के असर से निपटने में जुटे हुए थे।  क्या है पूरा मामला? जर्मनी में AI एजेंट्स के इस कदम की डिटेल को लेकर बताया जा रहा है कि रिसर्चर्स ने अगस्त के अंत में अनऑथोराइज्ड AI-एजेंट एक्टिविटी के सुराग खोजते समय इसे पकड़ा था. रिसर्चर्स ने बताया कि उन्हें प्रोग्रामर्स के लिए बनी एक जर्मन विकी वेबसाइट DseWiki पर AI एजेंट्स द्वारा किए गए 15,000 से अधिक एडिट्स मिले।  आपको बता दें कि ये वेबसाइट विकिपीडिया की तरह ही आम लोगों के एडिट्स स्वीकार करती है. इन एडिट्स से पता चला कि OpenAI के एजेंट्स ने इस साइट को एक मैसेज बोर्ड बना दिया था. जहां वे कुछ टास्क में चीटिंग करने, OpenAI की पाबंदियों को बायपास करने और अपने बर्ताव को छिपाने की तरकीबें शेयर कर रहे थे. रिसर्चर वॉन आर्क्स ने कहा, "इस बात की बिल्कुल संभावना नहीं है कि OpenAI चाहता था कि वे ऐसा करें. मुझे नहीं लगता कि उन्हें आपस में इस तरह तालमेल बिठाना चाहिए या खुले इंटरनेट पर लिखना चाहिए।  रिसर्चर्स ने कहा कि उन्होंने साइट पर होने वाली एक्टिविटी को AI एजेंट्स द्वारा ऑटोमेट माना. ये इंसानों से कई गुना तेज स्पीड में काम करते हैं. उन्होंने उन टेक्निकल सवालों को हल करने पर भी गहरा फोकस दिखाया जो आमतौर पर AI कंपनियां अपने मॉडल्स की टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल करती हैं. मैसेज ऐसे यूजर्स द्वारा साइन किए गए थे जो खुद को और एक-दूसरे को 'एजेंट' कहते थे. साथ ही लगभग आधे यूजर्स ने ऐसे नाम रखे थे जो OpenAI से जुड़े होने का संकेत देते थे, जैसे “OpenAIResearcher” या “OAIResearchMar26” . पकड़े जाने के बाद की भी प्लानिंग थी तैयार रिसर्चर्स के मुताबिक, पब्लिक सर्वर लॉग्स से पता चला कि ज्यादातर एक्टिविटी Microsoft Azure इंफ्रास्ट्रक्चर से शुरू हुई थी. जिसका इस्तेमाल OpenAI भी करता है. उन्होंने घटना के बाद OpenAI कर्मचारियों द्वारा बार-बार उस साइट पर जाने का पैटर्न भी देखा. जिससे एजेंट्स और कंपनी के जुड़े होने के मजबूत संकेत मिलते हैं. रिसर्चर्स द्वारा देखे गए मैसेजेस में दिखाया गया कि एजेंट्स पकड़े जाने से बचने, Tor जैसे टूल्स का उपयोग करने और बंद किए जाने के बाद भी अपनी बातचीत को बनाए रखने के तरीके प्लान कर रहे थे।  जब जून में साइट के मॉडरेटर ने उन पेजों को डिलीट करना शुरू किया, तो एजेंट्स ने डिलीशन से बचने के लिए तुरंत बैकअप पेज बनाना शुरू कर दिया. 19 जून को एक एजेंट ने लिखा, "विकी क्लीनअप/डिलीशन अल्फाबेटिकल ऑर्डर में एक्टिव लग रहा है. अगर यह पेज हट जाता है, तो [[ZZZDataUSAConstructionWageLive]] ट्राई करें।  रिसर्चर्स को वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिशें भी मिलीं. किंग्स कॉलेज लंदन के विजिटिंग सीनियर रिसर्च फेलो लुकास ओलेज्निक ने कहा कि ये हैकिंग की कोशिश के बराबर था. हालांकि, OpenAI ने इस मैटेरियल के एनालिसिस के आधार पर इस बात को खारिज किया. अतीत में AI एजेंट्स के ऐसे बर्ताव को अक्सर साइबर सुरक्षा टेस्टिंग का एक सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज किया जाता रहा है. जहां मॉडल्स की कैपिबिलिटी की जांच की जाती है. लेकिन ओलेज्निक ने कहा कि ये नए नतीजे बताते हैं कि ऐसा अनकंट्रोल्ड बिहेवियर सिर्फ टेस्टिंग तक सीमित नहीं रह सकता है।  कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ एग्जिस्टेंशियल रिस्क के मॉरिस चियोडो नेकहा कि ये मैसेज "किसी काम या मिशन को पूरा करने के लिए जी-जान से जुटे किसी अंडरग्राउंड नेटवर्क के काम करने के तरीके जैसे" लगते हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना से ये चिंता होनी चाहिए कि एडवांस्ड AI से सबसे बड़ा खतरा किसी एक सुपर-इंटेलिजेंट सिस्टम से नहीं, बल्कि "आपस में सांठगांठ करने वाले सेमी-इंटेलिजेंट AI के बड़े झुंड" से हो सकता है।  कंपनी ने नहीं दी इस घटना की जानकारी मई से शुरू हुए इस मामले को पहले कभी रिपोर्ट ही नहीं किया गया था. कंपनियां तेजी से ऐसे ऑटोनॉमस एजेंट्स बनाने की होड़ में हैं, जो मुश्किल और बड़े काम संभाल सकें. हालांकि, इस बात के सबूत बढ़ रहे हैं कि ये सिस्टम नियम तोड़ना, सिस्टम की खामियों का फायदा उठाना और आपस में तालमेल बिठाना भी सीख सकते हैं. वे ऐसे तरीके इजाद कर रहे हैं जिनके बारे में डेवलपर्स ने न तो सोचा था और न ही चाहा था।  आपको बता दें कि Hugging Face ब्रीच के दौरान, OpenAI के एजेंट्स ने अपने दम पर एक ऐसा डिजिटल हमला प्लान किया जो लगभग एक हफ्ते तक पकड़ में नहीं आया. इससे ये चिंता बढ़ गई है कि OpenAI तकनीक की दौड़ में आगे निकलने के लिए सुरक्षा से समझौता कर रहा है. मई की घटना का खुलासा न करने से कंपनी की निगरानी व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े हो सकते हैं।  कंपनी ने पेश किया नया मॉडल Astra हालांकि, OpenAI ने अपने मॉडल्स की और बारीकी से निगरानी करने का वादा किया है. पिछले महीने, सुरक्षा उपाय बढ़ाने के लिए कंपनी ने कुछ मॉडल्स की ट्रेनिंग पर थोड़े समय के लिए रोक लगा दी थी. लेकिन इस हफ्ते, OpenAI ने अपना नया मॉडल "Astra" पेश किया, जिसने बेहतर परफॉर्मेंस का वादा किया है.हालांकि, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं क्या ये इंसानी निगरानी से भी बच सकता … Read more

रायगढ़ के किसान ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से कमाए 4.25 लाख

रायपुर  ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती (जिसमें नीचे जंगली बैंगन यानी रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन यानी सायन होता है) पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक फायदेमंद और रोग-प्रतिरोधी है। यह पौधा अधिक पानी या लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश को आसानी से सहन कर लेता है। ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम झारआमा के किसान श्री एतवार साय पैकरा ने आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी अनुपयोगी और बंजर पड़ी रहने वाली जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर उन्होंने न केवल 187 क्विंटल का बंपर उत्पादन हासिल किया, बल्कि कुल 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की। तकनीक और सही मार्गदर्शन से मिली सफलता किसान की जमीन गांव से दूर जंगल के समीप स्थित होने और सिंचाई साधनों के अभाव के कारण वहां खेती करना आसान नहीं था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने भूमि का समतलीकरण कराया और सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक एवं मल्चिंग पद्धतियों को अपनाया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की बुआई की। उत्पादन और आय का गणित टमाटर फसल 87 क्विंटल उत्पादन कर 1 लाख 75 हजार रूपए की बिक्री की। इसी प्रकार बैंगन फसल 100 क्विंटल उत्पादन कर 2 लाख 50 हजार रूपए की बिक्री की। कुल उत्पादन व बिक्री 187 क्विंटल 4 लाख 2 5 हजार रूपए की बिक्री की। किसान को कुल लागत 1 लाख 45 हजार रूपए लगा जबकि शुद्ध लाभ 2 लाख 80 हजार रूपए का हुआ। अतिरिक्त उत्पादन और आय की उम्मीद वर्तमान में ग्राफ्टेड बैंगन की फसल से उत्पादन निरंतर जारी है। आने वाले समय में 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है, जिससे 4 से 5 लाख की अतिरिक्त आय होने का अनुमान जताया जा रहा है। एतवार साय पैकरा की इस सफलता को देखकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक और ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

मधुपुर-गिरिडीह रेल मार्ग पर नया स्टेशन तैयार, 75% काम पूरा; लोको रिवर्सल से मिलेगी मुक्ति

मधुपुर (देवघर)  मधुपुर-गिरिडीह रेल मार्ग पर नवाब मोड के पास बन रहा नया रेलवे स्टेशन (नया मधुपुर स्टेशन) और बाईपास रेल परियोजना का निर्माण कार्य 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इस पूरे लिंकिंग और बाईपास प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 140 करोड़ से 281 करोड़ के बीच आंकी गई है। इस नई रेल परियोजना में वर्तमान परिस्थिति में काम जोर शोर से चल रहा है। अनुमान है कि इस साल के अंत में या फिर नए साल में इलाके के लोगो एक नया स्टेशन मिलेगा। इस स्टेशन का नाम क्या होगा तय नहीं है। क्योंकि अभी नामकरण नहीं किया गया है। लेकिन इलाके में चर्चा है नई मधुपुर स्टेशन के नाम से यह जाना जाएगा। फिर कोई महापुरुष के नाम से यह स्टेशन का नाम हो सकता है रेलवे ने भी नहीं फिलहाल इस पर कोई अधिसूचना जारी नहीं किया है। बताया जाता है कि मधुपुर गिरिडीह नेशनल हाईवे-114 के किनारे नवाबमोड़ गांव के निकट इस आदर्श स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और रेल पटरियां बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे के अनुसार इसे 2027 के मध्य तक पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। बताया जाता है कि मधुपुर बाईपास रेल लाइन खंड की लागत 140.01 करोड़ है, जबकि पूरे लिंकिंग प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 281 करोड़ है। नई रेल परियोजना के बन से होने वाले होगा काफी लाभ इस नए रेल परियोजना के बन जाने इलाके के लिए को काफी लाभ होगा। यहां के पटवाबाद, नवाब मोड़ के पास नया स्टेशन और बाईपास लाइन बनने से क्षेत्र के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। बताया जाता है कि इससे लोको रिवर्सल (इंजन बदलने) के झंझट से मुक्ति मिलेगी और समय की बचत होगी। वर्तमान में ट्रेनों के इंजन का रिवर्सल मधुपुर स्टेशन पर हो रहा है। जिसके कारण 20 मिनट ट्रेनों का ठहराव मधुपुर में हो हो जाता है । इससे निजात मिलेगा क्योंकि गिरिडीह-कोडरमा जाने के लिए मधुपुर में इंजन बदलना (लोको रिवर्सल) पड़ता है। इस बाईपास लाइन और नए स्टेशन के चालू होने से ट्रेनें सीधे निकल जाएंगी, जिससे यात्रियों का करीब 30 मिनट से अधिक का समय बचेगा। सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी इस रूट के पूरी तरह चालू होने से मधुपुर, न्यू गिरिडीह और कोडरमा के बीच सीधी और लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन बेहद आसान हो जाएगा। आधुनिक यात्री सुविधाएं (एक आदर्श स्टेशन) नवाब मोड़ स्टेशन पर अप और डाउन दोनों तरफ आधुनिक प्लेटफार्म, यात्रियों के लिए फुटओवर ब्रिज, हाई-टेक टिकट काउंटर भवन, यात्री शेड और पेयजल आपूर्ति के लिए नए वाटर कनेक्शन की व्यवस्था की जा रही है। आर्थिक और व्यापारिक विकास नया स्टेशन बनने से नवाब मोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे इलाके में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होंगे। लोगों को छोटा मोटा रोजगार मिल जाएगा। स्टेशन के आसपास लोग छोटा-मोटा दुकान लगाकर कमाई कर सकेंगे। इससे आसपास के क्षेत्र का आर्थिक विकास तेजी से होगा। ये काम हो चुका है पूरा यहां पर अप व डाउन प्लेटफार्म बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। दो प्लेटफार्म पर यात्री शेड अप व डाउन पर यात्री शेड पूरा हो चुका है। पैदल उपरी पुल बन चुका है। प्लेटफार्म पर लाइट की व्यवस्था के पोल लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका हे। प्लेटफार्म पर अप व डाउन लाइन पर लाइट बिछाने का काम चल रहा है। स्टेशन परिसर पर प्रशासनिक भवन बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। बुकिंग काउंटर बनकर तैयार हो चुका है। शौचालय का भवन बन चुका है। स्टेशन में टाइल्स मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है। नए स्टेशन का लगभग 75 प्रतिशत काम हाे चुका है। ये काम है बाकी स्टेशन पर कंबाइंड भवन बनकर तैयार है । एक ही भवन के अंदर बुकिंग काउंटर, केबिन,यात्री प्रतीक्षालय, स्टेशन मास्टर कार्यालय आदि संचालित किया जाएगा। इसी भवन में पैनल, रिले सिस्टम सिग्नल आदि इलेक्ट्रिक विछाने का काम चल रहा है। ओवरहेड बिजली का हाई टेंशन तार लगाने का काम चल रहा है। पोल गाड़ने का काम चल रहा है। इसके बाद तार लगाने का काम किया जाएगा। शौचालय में पानी की व्यवस्था के लिए जलमीनार बनाया जा रहा है। वहीं, शौचालय के अंदर की व्यवस्था अभी किया जाना है। स्टेशन से पहले ग्रामीणों की आवाजाही के अंडरपास रास्ते का काम चल रहा है। इस लाइन पर पुल पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है। काम में अड़चन नए स्टेशन के पूरा होने में कुछ अड़चन भी है। अप प्लेटफार्म के सिग्नल स्टाटर के पास पूर्वी छोर पर करीब एक दर्जन घरों का अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण इस परियोजना में विलंब हो रहा है। अधिग्रहण का काम पूरा होने के बाद ही यहां पटरी बिछाने का काम किया जाएगा। इस कारण से वर्तमान में काम डिले हो रहा है।

सत्य निकेतन हादसे में छत्तीसगढ़ के छात्र की मौत, आखिरी कॉल पर सुनाई दी इमारत गिरने की आवाज

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रहता था। महज तीन दिन पहले ही वह छुट्टियों के बाद अपने घर दुर्ग से वापस दिल्ली लौटा था। फोन कॉल पर दोस्त ने सुनी हादसे की भयावह आवाज हादसे के वक्त युवराज अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। आर्यन ने बताया कि दोनों के बीच घूमने जाने का प्लान बन रहा था कि अचानक फोन पर एक तेज और भयावह गड़गड़ाहट सुनाई दी। आर्यन ने घबराकर बार-बार 'हेलो… हेलो… तू ठीक है?' पूछा, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया और करीब एक मिनट बाद कॉल कट गई। आर्यन लगातार अपने दोस्त के वापस फोन करने का इंतजार करता रहा। कुछ समय बाद जब उसे सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर मिली, तो उसके होश उड़ गए। वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा, जहां राहत और बचाव कार्य जारी था। एम्स ट्रामा सेंटर में मिली मौत की खबर घंटों की तलाश और भटकने के बाद आर्यन को एम्स ट्रामा सेंटर से सूचना मिली कि जिससे वह कुछ समय पहले बात कर रहा था, उस दोस्त की हादसे में मौत हो चुकी है। आर्यन के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। उसने भावुक होते हुए बताया कि फोन पर आई वह अचानक खामोशी और गड़गड़ाहट की आवाज उसके जेहन में बार-बार गूंज रही है। परिवार को दुखद सूचना देने की चुनौती दुर्ग का रहने वाला युवराज और आर्यन बचपन के दोस्त थे और एक ही गांव से ताल्लुक रखते थे। युवराज के परिवारवाले लगातार फोन कर उसकी कुशलता की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। जिस होनहार बेटे को परिजनों ने उज्ज्वल भविष्य का सपना देकर दिल्ली भेजा था, उसकी मौत की खबर उनके तक पहुँचाने की हिम्मत आर्यन अब तक नहीं जुटा पा रहा है।