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वाराणसी-नई दिल्ली के बीच शुरू होगी स्लीपर वंदे भारत, जानें रूट और टाइमिंग

वाराणसी भारतीय रेलवे अब एक और नया स्‍लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने जा रहा है. कल यानी 31 अक्‍टूबर से इसकी शुरुआत हो रही है. यह ट्रेन वाराणसी से दिल्‍ली के बीच चलेगी, जो कई बड़े शहरों को एकसाथ जोड़ेगी. इसकी स्‍पीड भी 160 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसका मतलब है कि यह अन्‍य ट्रेनों की तुलना में जल्‍दी सफर पूरा कर लेगी।  भारतीय रेलवे के अनुसार, बाबा विश्वनाथ की नगरी से देश की राजधानी तक वंदे भारत स्लीपर का सफर आधुनिक रेल यात्रा के नए अनुभव की शुरुआत साबित होगी. वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरू हो रही उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन है।  किस रूट से जाएगी ये ट्रेन?  स्‍लीपर वंदे भारत के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉक्टर शिवम शर्मा ने बताया कि  इस ट्रेन का उद्घाटन शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी रेलवे स्टेशन से 'उद्घाटन स्पेशल ट्रेन सं. 02527 के रूप में किया जाएगा. इस विशेष रेल सेवा से काशी, संगम नगरी प्रयागराज, औद्योगिक नगरी कानपुर, ऐतिहासिक अलीगढ़ और गाजियाबाद के यात्रियों को राष्ट्रीय राजधानी तक रेल संपर्क का एक नया विकल्प मिलेगा।  स्‍लीपर वंदे भारत एक्‍सप्रेस की टाइमिंग  आधुनिक रेल सुविधाओं और स्लीपर यात्रा के नए अनुभव के साथ यह स्‍पेशल ट्रेन काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच संपर्क को एक नई पहचान देगी. उन्होंने आगे बताया कि उद्घाटन स्पेशल गाड़ी संख्या 02527 बनारस–नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनारस (BNRS) से दोपहर बाद 16:15 बजे खुलेगी. उद्घाटन स्पेशल यह ट्रेन प्रयागराज में 18:00 बजे, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 20:05 बजे, अलीगढ़ स्टेशन पर  23:20 बजे और प्रस्थान 23:22 बजे, गाजियाबाद में आधी रात 01:10 बजे और नई दिल्ली स्टेशन पर रात 2:00 बजे पहुंचेगी।  क्‍या होगी ट्रेन की खासियत?      यह ट्रेन वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. इस तरह लगभग 9 घंटे 5 मिनट में सफर पूरा होगा. वापसी में नई दिल्ली से रात 9:40 बजे रवाना होकर सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचेगी।      वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे. इनमें यात्रियों के लिए तीन तरह की बर्थ उपलब्ध होंगी. इसमें AC फर्स्ट क्लास- 1, AC 2 टियर-4, AC 3 टियर-11 शामिल हैं. इन कोचों में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे।      वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया गया है. इसकी परिचालन क्षमता 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक है. हालांकि, वास्तविक रफ्तार रेलवे ट्रैक और रूट की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।      लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इसमें एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली गद्देदार बर्थ दी गई हैं. इसके अलावा बेहतर सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन में झटके और शोर कम करने में मदद मिलेगी।      इस ट्रेन में रेलवे का स्वदेशी कवच (Kavach) सुरक्षा सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और बेहतर फायर डिटेक्शन एवं सप्रेशन सिस्टम भी मौजूद हैं।      ऑटोमैटिक दरवाजे और सीलबंद गैंगवे भी होगा, आधुनिक टॉयलेट और सफाई व्यवस्था, यात्रियों के सामान रखने की बेहतर व्‍यवस्‍था और यह ट्रेन सप्‍ताह में 6 दिन चलेगी।   

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! वंदे भारत समेत कई ट्रेनों की बदली टाइमिंग, जानें नया शेड्यूल

पठानकोट. ट्रेन संख्या 19223/19224 साबरमती बीजी-जम्मू तवी एक्सप्रेस का श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक विस्तार किए जाने के बाद जम्मू मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों की समय-सारिणी में आंशिक बदलाव किया गया है। इसका असर यात्रियों पर पड़ेगा। ट्रेन संख्या 22478 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा से सुबह 5:40 बजे रवाना होगी। शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से सुबह 6:08 बजे, जम्मू तवी से 7:08 बजे और शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ से 8:01 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 14503 कालका-कटरा एक्सप्रेस जम्मू तवी से सुबह 3:20 बजे और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से 4:12 बजे रवाना होगी। इसके कटरा पहुंचने का समय सुबह 4:47 बजे निर्धारित किया गया है। इन ट्रेनों का बदला समय इसी तरह, ट्रेन संख्या 15656 कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस कटरा से सुबह 3:40 बजे और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से 4:06 बजे रवाना होगी। ट्रेन संख्या 14612 कटरा-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस कटरा से सुबह 3:40 बजे रवाना होगी। ट्रेन संख्या 19415 साबरमती-कटरा एक्सप्रेस जम्मू तवी से सुबह 4:15 बजे और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से 5:16 बजे रवाना होगी। इसके कटरा पहुंचने का समय सुबह 6:25 बजे रहेगा। जम्मू-पठानकोट रूट की डीएमयू भी प्रभावित ट्रेन संख्या 74909 जम्मू तवी-शहीद कैप्टन तुषार महाजन डीएमयू जम्मू तवी से सुबह 8:10 बजे रवाना होकर सुबह 10:10 बजे गंतव्य स्टेशन पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 74906 शहीद कैप्टन तुषार महाजन-पठानकोट डीएमयू सुबह 8 बजे रवाना होगी और दोपहर 12 बजे पठानकोट कैंट पहुंचेगी। इस बदलाव से इस रूट पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना संशोधित समय के अनुसार बनानी होगी। जम्मू से कटरा जाने वाली कई ट्रेनों के समय में भी संशोधन रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 22318 जम्मू से 21 अक्टूबर को सुबह 6:50 बजे रवाना होगी। -ट्रेन संख्या 16031 जम्मू से 18 अक्टूबर को सुबह 8:42 बजे रवाना होगी। यह शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से सुबह 10:38 बजे रवाना होकर 11:50 बजे कटड़ा पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 16317 के लिए 23 अक्टूबर से जम्मू से रवाना होने का समय सुबह 8:30 बजे निर्धारित किया गया है। यह शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से सुबह 10:02 बजे रवाना होकर 11:50 बजे कटड़ा पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 16787 जम्मू से 19 अक्टूबर को सुबह 8:42 बजे रवाना होगी। यह शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से सुबह 10:38 बजे रवाना होकर 11:50 बजे कटरा पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 11449 जबलपुर-कटरा एक्सप्रेस 20 अक्टूबर से जम्मू से सुबह 8:30 बजे रवाना होगी।यह शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से सुबह 10:02 बजे रवाना होकर 11:50 बजे कटरा पहुंचेगी।  

त्योहारी सीजन में रेलवे का तोहफा, दिल्ली से पटना के लिए एक और वंदे भारत ट्रेन; जानें शेड्यूल

 नई दिल्ली उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की दूसरी जोड़ी चलाने की अधिसूचना जारी कर दी है. रेलवे बोर्ड से भी इसे मंजूरी मिल चुकी है. यह ट्रेन नई दिल्ली से 02254 नंबर और पटना से 02253 नंबर के साथ चलेगी. वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन नई दिल्ली से पटना के लिए 22 अक्टूबर 2026 से यात्रियों को सेवाएं देगी. इस ट्रेन की पटना से नई दिल्ली रिटर्निंग सर्विस 24 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. इस पूरे त्योहारी सीजन में ट्रेन दोनों दिशाओं में 16-16 फेरे लगाएगी।  02254-वंदे भारत 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक हर रविवार, मंगलवार और गुरुवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पटना जंक्शन के लिए चलेगी. वहीं 02253-वंदे भारत 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक हर शनिवार, सोमवार और बुधवार को पटना जंक्शन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होगी. बता दें कि एक और जोड़ी वंदे भारत स्पेशल ट्रेन (02252/02251) पहले से ही नई दिल्ली-पटना-नई दिल्ली के बीच अपनी सेवाएं दे रही है. दोनों वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों में एसी चेयर कार और एक्जूटिव चेयर कार की सुविधा उपलब्ध होगी।  शुक्रवार छोड़कर रोज सेवा नई दिल्ली-पटना-नई दिल्ली के बीच पहली जोड़ी 02252/02251 वंदे भारत स्पेशल तय दिनों के मुताबिक चलेगी. 02252 सोमवार, बुधवार और शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पटना जंक्शन के लिए रवाना होगी. 02251 मंगलवार, गुरुवार और रविवार को पटना जंक्शन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए चलेगी. वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की दोनों जोड़ियों को मिलाकर हफ्ते में 6​ दिन (शुक्रवार छोड़कर) दोनों दिशाओं में एक वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की सर्विस उपलब्ध रहेगी. दूसरी वंदे भारत स्पेशल में 20 कोच का रेक होगा।  कितना लंबा होगा सफर नई दिल्ली और पटना के बीच दूरी करीब 996 किलोमीटर है. वंदे भारत स्पेशल नई दिल्ली से पटना का सफर 12 घंटे 55 मिनट में पूरी करेगी. वापसी में ट्रेन 13 घंटे 30 मिनट का समय लेगी. इन वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों का दोनों दिशाओं से अलीगढ़, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा स्पेशन पर स्टॉपेज होगा।  नई दिल्ली-पटना वंदे भारत का समय 02254 वंदे भारत स्पेशल हर रविवार, मंगलवार और गुरुवार को नई दिल्ली (NDLS) से 08:35 बजे रवाना होगी. अलीगढ़ जंक्शन (ALJN) पर इसका आगमन/प्रस्थान 10:21/10:23 बजे होगा. कानपुर सेंट्रल (CNB) पर समय 13:30/13:35 बजे रहेगा. प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) पर समय 15:45/15:50 बजे होगा. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) पर समय 18:00/18:10 बजे रहेगा. बक्सर (BXR) पर ट्रेन 19:26/19:28 बजे पहुंचेगी और रवाना होगी. आरा (ARA) पर आगमन/प्रस्थान 20:10/20:12 बजे होगा. ट्रेन पटना (PNBE) 21:30 बजे पहुंचेगी।  पटना-नई दिल्ली वंदे भारत का समय 02253 वंदे भारत स्पेशल हर शनिवार, सोमवार और बुधवार को पटना (PNBE) से 10:00 बजे रवाना होगी. आरा (ARA) पर समय 10:38/10:40 और बक्सर (BXR) पर 11:25/11:27 बजे रहेगा. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) पर समय 13:10/13:20 बजे होगा. प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) पर आगमन/प्रस्थान 15:35/15:40 बजे होगा. कानपुर सेंट्रल (CNB) पर समय 17:50/17:55 और अलीगढ़ जंक्शन (ALJN) पर 20:53/20:55 बजे रहेगा. ट्रेन नई दिल्ली (NDLS) 23:30 बजे पहुंचेगी।  इसी तरह 02252/02251 वंदे भारत स्पेशल (पहली जोड़ी) 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को नई दिल्ली से पटना और 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक हर मंगलवार, गुरुवार और रविवार को पटना से नई दिल्ली के बीच चलेगी. इस ट्रेन की टाइमिंग भी दोनों ओर से पहली वाली की तरह ही है. शुक्रवार को दोनों तरफ से किसी भी वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की सर्विस उपलब्ध नहीं रहेगी। 

24 घंटे का सफर होगा 16 घंटे में पूरा, बेंगलुरु-मुंबई के बीच जल्द शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

बेंगलुरु बेंगलुरु से मुंबई जाने में अभी ट्रेन से करीब 22 से 24 घंटे लग जाते हैं. लेकिन जल्द ही इस सफर में 6 से 8 घंटे की बचत हो सकती है. दोनों शहरों के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस महीने शुरू होने की संभावना है. प्रस्तावित टाइमटेबल के मुताबिक, यह ट्रेन बेंगलुरु से मुंबई का सफर 16 घंटे 5 मिनट में पूरा कर सकती है. वापसी में मुंबई से बेंगलुरु पहुंचने में करीब 15 घंटे 45 मिनट लगने का अनुमान है. यह दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी।  प्रस्तावित रेल रूट करीब 1,137 किलोमीटर लंबा है और पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड व डबल ट्रैक है. इसके ज्यादातर हिस्सों में 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से ट्रेन चलाने की क्षमता है. यही वजह है कि इस रूट को फास्ट ट्रेन सर्विस के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है. इस ट्रेन को रात में लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. हालांकि, अभी ट्रेन की शुरुआत की तारीख और टाइमटेबल पर रेलवे की अंतिम घोषणा का इंतजार है।  बेंगलुरु से मुंबई कितना लगेगा समय? प्रस्तावित टाइम टेबल के मुताबिक, ट्रेन बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT Bengaluru) से शाम 7:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचेगी. इस तरह सफर में 16 घंटे 5 मिनट लगेंगे. वापसी में ट्रेन मुंबई के CSMT से रात 8:10 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी. इस दिशा में यात्रा का समय करीब 15 घंटे 45 मिनट रहने का अनुमान है. फिलहाल इस रूट पर चलने वाली मौजूदा ट्रेनों को एक तरफ का सफर पूरा करने में करीब 22 से 24 घंटे लगते हैं. ऐसे में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस रूट पर यात्रियों के करीब 6 से 8 घंटे बच सकती है।  किन स्टेशनों पर रुक सकती है ट्रेन? सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर के रास्ते में इन स्टेशनों पर ठहराव हो सकता है:     अनंतपुर     गुंतकल     रायचूर     कलबुर्गी     सोलापुर     पुणे     कल्याण ट्रेन के संभावित नंबर 27651 और 27652 बताए जा रहे हैं. हालांकि, स्टॉपेज और ट्रेन नंबर को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है. रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होगा कि ट्रेन किन स्टेशनों पर रुकेगी और उसका समय क्या होगा।  प्रस्तावित योजना के मुताबिक, ट्रेन बेंगलुरु के SMVT स्टेशन से शुरू होगी. लेकिन इसे KSR बेंगलुरु यानी शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से चलाने की मांग भी उठी है. इस ट्रेन को शुरू करने की घोषणा पहली बार सितंबर 2025 में की गई थी. रेलवे से ट्रेन को KSR बेंगलुरु से चलाने की मांग की, क्योंकि यह स्टेशन यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने की तारीख के साथ-साथ यह भी देखना होगा कि रेलवे इसके शुरुआती स्टेशन को लेकर क्या फैसला करता है।  ट्रेन के दो रैक हो गए हैं तैयार इस सर्विस के लिए 16 कोच वाले दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट चलाने की तैयारी है. इनका निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) के प्रोग्राम के तहत किया है. सूत्रों के मुताबिक, एक ट्रेनसेट बेंगलुरु कैंटोनमेंट में है, जबकि दूसरे ट्रेनसेट को बंगारापेट के पास वरदापुरा में रखा गया है. रेलवे बोर्ड इन दोनों रैक को दक्षिण पश्चिम रेलवे को सौंपने के संबंध में जल्द ही औपचारिक सूचना जारी कर सकता है।  ट्रेन के 16 में से 11 कोच 3AC प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. इनमें 11 कोच 3AC, 4 कोच 2AC और 1 कोच 1AC का होगा. 3AC का एक तरफ का किराया करीब ₹3,000 रहने का अनुमान है. इसमें नाश्ता और खाना भी शामिल होगा ऐसी उम्मीद है, क्योंकि लंबी दूरी की वंदे भारत ट्रेनों में फूड का​ विकल्प होता है. रेलवे को उम्मीद है कि फ्लाइट के मुकाबले कम किराया और कम यात्रा समय इस सेवा को यात्रियों के बीच लोकप्रिय बना सकता है। 

700 KM का सफर होगा यादगार, पहाड़-झरनों के बीच दौड़ेगी वंदे भारत; 13 घंटे लगेंगे

बेंगलुरु    बेंगलुरु से गोवा जाना हो तो आपके पास आमतौर पर दो विकल्प होते हैं- जल्दी पहुंचना है तो फ्लाइट और कम खर्च में जाना है तो बस या ट्रेन. लेकिन अगर मंजिल के साथ रास्ते का मजा भी लेना हो, तो बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत का सफर अलग अनुभव दे सकता है. रेलवे मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस को बेंगलुरु तक बढ़ाने जा रहा है. इसके बाद गोवा और बेंगलुरु के बीच रेल कनेक्टिविटी को एक प्रीमियम ट्रेन का नया विकल्प मिल जाएगा।  करीब 13 घंटे की यह यात्रा शहर की भागदौड़ से निकलकर पश्चिमी घाट की हरियाली, पहाड़ी रास्तों और तटीय कर्नाटक के खूबसूरत नजारों के बीच से गुजरती है. इस सफर में रास्ते के नजारे भी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं. इसमें वंदे भारत जैसी नए जमाने की ट्रेन का साथ मिल जाए तो फिर क्या ही कहने. अभी बेंगलुरु और गोवा के बीच चलने वाली पारंपरिक ट्रेनों को सफर पूरा करने में करीब 15 घंटे लगते हैं।  मंगलुरु के रास्ते गोवा पहुंचेगी ट्रेन रेलवे मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मौजूदा मंगलुरु सेंट्रल-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस को यशवंतपुर जंक्शन तक बढ़ाया जाएगा. यानी ट्रेन बेंगलुरु से चलकर मंगलुरु होते हुए गोवा के मडगांव तक जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसी महीने की शुरुआत में सांसद बृजेश चौटा और विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी को लिखे पत्र में इसकी जानकारी दी थी. अभी यह ट्रेन मंगलुरु सेंट्रल और मडगांव के बीच सप्ताह में छह दिन चलती है. गुरुवार को इसकी सेवा नहीं होती. मंगलुरु से मडगांव के बीच एक तरफ का सफर 6 घंटे से थोड़ा कम समय में पूरा होता है।  करीब 13 घंटे में पूरा होगा सफर बेंगलुरु के यशवंतपुर से गोवा के मडगांव रेलवे स्टेशनों के बीच वंदे भारत का यह सफर करीब 13 घंटे का होगा. बेंगलुरु से गोवा की दूरी करीब 700 किलोमीटर के आसपास है और इस रूट पर ट्रेन को कई पहाड़ी और घुमावदार हिस्सों से होकर गुजरना पड़ता है. अगर आपकी प्राथमिकता सिर्फ जल्दी पहुंचना है, तो फ्लाइट अब भी काफी कम समय लेती है. वहीं रात की बस से सफर करने में करीब 12 से 14 घंटे लग सकते हैं. वंदे भारत ट्रेन इन दोनों के बीच एक ऐसा विकल्प साबित होगी, जिसमें पूरा सफर दिन के समय करते हुए प्राकृतिक सुंदरता से भरे इस पूरे रास्ते को देखने का मौका मिलेगा।  वेस्टर्न घाट की खूबसूरती के दीदीर इस रूट पर सकलेशपुर-सुब्रह्मण्य रोड के बीच करीब 55 किलोमीटर का घाट सेक्शन आता है. पश्चिमी घाट का यह इलाका रेल यात्रा के सबसे खूबसूरत हिस्सों में गिना जाता है. ट्रेन यहां पहाड़ियों, हरियाली और घाटियों के बीच से गुजरती है. इलेक्ट्रिफिकेशन और रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचे में सुधार के बाद इस सेक्शन पर रेल ऑपरेशन पहले से बेहतर हुआ है, लेकिन पहाड़ी रास्ता होने की वजह से यहां ट्रेन की रफ्तार मैदानी हिस्सों जैसी नहीं रहती. यही वजह है कि बेंगलुरु से गोवा की पूरी यात्रा में इस हिस्से का असर सफर के समय पर भी पड़ता है।  किन जगहों से होकर गुजरती है ट्रेन? यशवंतपुर से निकलने के बाद ट्रेन हासन, सकलेशपुर, सुब्रह्मण्य रोड और मंगलुरु क्षेत्र से होते हुए तटीय कर्नाटक की ओर बढ़ती है. इसके बाद गोवा के मडगांव तक पहुंचती है. यात्रा के दौरान रास्ता लगातार बदलता रहता है. बेंगलुरु के शहरी इलाके से निकलने के बाद हरियाली बढ़ती जाती है और पश्चिमी घाट के पहाड़ी हिस्से शुरू हो जाते हैं. इसके बाद तटीय कर्नाटक का इलाका आता है और आखिर में गोवा।  वंदे भारत से और मजेदार होगी यात्रा वंदे भारत में चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार की सुविधा मिलती है. एग्जीक्यूटिव क्लास में रोटेट होने वाली सीटें और बड़ी खिड़कियां सफर के दौरान बाहर के नजारों को देखने में मदद करेंगी. वंदे भारत एक सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रेनसेट है. इसमें अलग से इंजन नहीं लगा होता बल्कि हर कोच इंजन की तरह काम करता है. इसके चलते सफर के दौरान शोर और झटके पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में कम महसूस होते हैं. करीब 13 घंटे के दिन के सफर में यह सुविधा खासतौर पर काम आएगी, क्योंकि यात्री रास्ते के नजारों का आनंद लेते हुए आराम भी कर सकेंगे।  ट्रेन में खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध लंबे सफर को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था रहती है. यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में नाश्ता, भोजन और चाय जैसे विकल्प मिलते हैं. ट्रेन में बायो-वैक्यूम टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी हैं. करीब 13 घंटे की इस यात्रा में वंदे भारत की साफ-सफाई और बैठने की सुविधा, पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में यात्रियों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आएगी।  फ्लाइट, बस और वंदे भारत में फर्क अगर आपका मकसद बेंगलुरु से गोवा सबसे कम समय में पहुंचना है, तो फ्लाइट का मुकाबला करना वंदे भारत के लिए मुश्किल है. उड़ान का समय करीब डेढ़ घंटे हो सकता है, हालांकि एयरपोर्ट तक पहुंचने, चेक-इन और सुरक्षा जांच में लगने वाला समय अलग है. बस से सफर में करीब 12 से 14 घंटे लग सकते हैं. रात को बस से सफर करने पर पहाड़ी और घुमावदार सड़कों की वजह से कुछ यात्रियों को परेशानी भी हो सकती है. वंदे भारत का फायदा यह है कि सफर आरामदायक तरीके से दिन में पूरा होगा. साथ ही वेस्टर्न घाट और कोस्टल कर्नाटक की प्राकृतिक सुंदरता को देखने का मौका मिलेगा।  फ्लाइट के मुकाबले किराए में अंतर इस रूट पर यात्रा के लिए अलग-अलग साधनों का खर्च भी अलग है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वंदे भारत चेयर कार का किराया करीब ₹1,500 से ₹1,800 और एग्जीक्यूटिव क्लास का करीब ₹2,800 से ₹3,200 के आसपास हो सकता है. फ्लाइट का किराया तारीख और बुकिंग के समय के हिसाब से करीब ₹4,500 से ₹8,000 या उससे ज्यादा भी हो सकता है. बस का किराया करीब ₹1,200 से ₹2,500 के बीच रह सकता है. हालांकि बस और फ्लाइट का किराया यात्रा की तारीख, सीट और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है।  किसके लिए सही है ट्रेन का सफर? अगर आपके पास समय कम है और गोवा पहुंचकर ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहते हैं, तो फ्लाइट ज्यादा सुविधाजनक विकल्प हो सकती … Read more

मेवाड़ को मिली बड़ी रेल सुविधा, उदयपुर-सूरत वंदे भारत सप्ताह में 6 दिन चलेगी

 उदयपुर  मेवाड़ को सूरत से बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर-असरवा वंदे भारत एक्सप्रेस का सूरत तक विस्तार अब 3 अक्टूबर से नियमित रूप से होगा। ट्रेन के सूरत तक विस्तार के निरस्त होने की आशंका के बाद नए प्रयास किए गए, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने 3 अक्टूबर से इसके नियमित संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि 2 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे वंदे भारत ट्रेन उदयपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन का ठहराव उदयपुर में ही रहेगा। 3 अक्टूबर को ट्रेन पूर्व घोषित समय-सारणी के अनुसार उदयपुर से सूरत के लिए रवाना होगी। ट्रेन के उदयपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांसद ने ट्रेन के सूरत तक विस्तार की घोषणा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी ट्रेन समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस उदयपुर से दोपहर 3.35 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन शाम 4.03 बजे जावर, 4.50 बजे डूंगरपुर, 5.27 बजे शामलाजी रोड, 6.18 बजे हिम्मतनगर और शाम 7.25 बजे असरवा पहुंचेगी। यहां से ट्रेन मणिनगर रात 8.58 बजे, आणंद 9.50 बजे और भरूच 10.22 बजे पहुंचेगी। इसके बाद रात 11 बजे ट्रेन सूरत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन सूरत से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंचेगी। इस तरह मेवाड़ से सूरत के बीच यात्रियों को सीधी वंदे भारत रेल सेवा उपलब्ध होगी। सूरत और दक्षिण भारत जाना होगा आसान वंदे भारत के सूरत तक विस्तार से व्यापार और रोजगार के सिलसिले में सूरत व दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कई यात्रियों को उदयपुर से बस के जरिए सूरत पहुंचने के बाद आगे की रेल यात्रा करनी पड़ती है। बस और ट्रेन की समय-सारणी में सामंजस्य नहीं होने के साथ ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची के कारण भी यात्रियों को परेशानी होती है। अब उदयपुर से सूरत तक सीधी वंदे भारत सेवा मिलने से यात्रियों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। सूरत पहुंचने के बाद दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आगे की रेल यात्रा करना आसान होगा। इससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को व्यापार, रोजगार और अन्य जरूरी यात्राओं के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।  

दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान, प्रयागराज समेत इन स्टेशनों पर रुकेगी; जानें रूट-टाइमिंग

नई दिल्ली भारतीय रेलवे दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की योजना बना रही है। यह हाई स्पीड ट्रेन दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी जो कि प्रयागराज और कानपुर से होकर गुजरेगी। इस बात की संभावना है कि दीवाली से पहले इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। इसका ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन वाराणसी कैंट से रात 9:20 बजे चलेगी और रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। यह कानपुर सेंट्रल से रात 12:35 बजे पहुंचेगी और सुबह 5 बजे नई दिल्ली। वापसी की यात्रा में यह नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलेगी और सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस ट्रेन की स्पीड 130 किमी/घंटा से 160 किमी/घंटा के बीच होने की उम्मीद है। इसकी वजह से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस नई चमचमाती ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। वहीं, इसमें 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें 11 AC थ्री-टियर कोच, चार AC टू-टियर कोच और एक फर्स्ट AC कोच शामिल होंगे। ट्रेन में वंदे भारत सर्विस वाली आधुनिक सुविधाएं होंगी। आपको बता दें कि हावड़ा-कामाख्या रूट के बाद भारतीय रेलवे की योजना के अनुसार यह दूसरी स्लीपर वंदे भारत सर्विस होगी। रेलवे बोर्ड ने अभी तक ट्रेन नंबर, किराया और सर्विस शुरू होने की तारीख की घोषणा नहीं की है। पुतिन ने वंदे भारत के स्लीपर ट्रेनसेट का मॉडल देखा आपको बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेल का एक सफल मॉडल है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत मंडपम में आयोजित 'इन्नोप्रोम' प्रदर्शनी में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के स्टॉल का दौरा किया और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का मॉडल देखा। आरवीएनएल और रूसी कंपनी ट्रांसमैशहोल्डिंग (टीएमएच) ने मिलकर 'किनेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड' नाम का एक भारत-रूस संयुक्त उपक्रम बनाया है। यह कंपनी महाराष्ट्र में अपनी मराठवाड़ा फैक्टरी में 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी, जिनमें से हर एक में 16 डिब्बे होंगे। भविष्य में 160 किमी की रफ्तार से चलेगी ट्रेन शुरुआती चरण में इस हाई तकनीक ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तय की गई है। अमर उजाला की खबर के अनुसार, मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भविष्य में इसकी रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा की जाएगी। इस आधुनिक ट्रेन का ठहराव सफर के दौरान प्रयागराज के अलावा कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी होगा। ट्रेन की प्राइमरी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे संभालेगा। वाराणसी और नई दिल्ली से रात 9.20 बजे चले ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली से इसे रात 9:20 बजे चलाया जा सकता है। दोनों ही स्टेशनों पर पहुंचने का समय भी सुबह पांच बजे प्रस्तावित है। 16 कोच की ट्रेन में 823 यात्री करेंगे सफर यह ट्रेन 16 कोच की होगी, जिसमें में 823 यात्री कर सफर सकेंगे। इसमें एसी थर्ड टियर के 11, एसी सेकंड टियर के चार और फर्स्ट एसी का एक कोच रहेगा। क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) एनसीआर के सदस्य सांसद प्रवीण पटेल का कहना है इससे यात्रियों का सफर और ज्यादा आरामदायक हो जाएगा।

टाटानगर रेलवे स्टेशन को बड़ी सौगात, ₹383.78 करोड़ के वंदे भारत डिपो को मिली अंतिम मंजूरी

 जमशेदपुर लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन को देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में 383.78 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो' के निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट निदेशक सुमित कुमार ने आधिकारिक मंजूरी पत्र सांसद को प्रेषित कर दिया गया है। संसद सत्र के दौरान चार बार की थी रेल मंत्री से मुलाकात टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो की स्थापना के लिए सांसद बिद्युत बरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के निदेशकों और वरीय अधिकारियों से लगभग चार बार मुलाकात कर इस मेगा प्रोजेक्ट की स्वीकृति का पुरजोर आग्रह किया था। दक्षिण पूर्व रेलवे (चक्रधरपुर मंडल) द्वारा भेजे गए तकनीकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद बोर्ड ने परियोजना पर अंतिम मुहर लगा दी। लोको कॉलोनी में बनेगा अत्याधुनिक हाईटेक यार्ड स्वीकृत योजना के तहत टाटानगर के पुराने कोचिंग डिपो का विस्तार करते हुए लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया मेंटेनेंस यार्ड तैयार किया जाएगा। यह डिपो सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत चेयरकार व स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी परीक्षण, नियमित रखरखाव और त्वरित वॉशिंग के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा। वर्तमान में टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही है। आधुनिक मेंटेनेंस डिपो बनने से टाटानगर से नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की बाधा पूरी तरह दूर हो जाएगी चार नए प्लेटफॉर्म और रोजगार के नए अवसर सांसद महतो ने बताया कि डिपो के साथ-साथ उन्होंने टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए गति शक्ति योजना के तहत 482 करोड़ रुपये की लागत से चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है। योजना की स्वीकृति पर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से चक्रधरपुर रेल मंडल में औद्योगिक व तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

Vande Bharat में ब्रेक लगाने पर पैदा होती है बिजली, जानिए कैसे काम करता है रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम

 नई दिल्‍ली वंदे भारत ट्रेन तेजी भारतीय रेलवे नेटवर्क में फैल रहा है. देश के ज्‍यादातर रूटों पर वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही है. आपने भी कभी ना कभी वंदे भारत एक्‍सप्रेस से सफर किया ही होगा या फिर उसकी बनावट या लग्‍जरी सुविधाओं के बारे में सुना या देखा ही होगा, लेकिन क्‍या आपको पता है कि इस ट्रेन का ब्रेकिंग सिस्‍टम भी काफी कमाल का है।  वंदे भारत ट्रेन का ब्रेकिंग सिस्‍टम बिल्‍कुल कार की तरह ही काम करता है, जो ट्रेन में ही इस्‍तेमाल किए जाने वो ब्रेकिंग सिस्‍टम से पूरी तरह अलग है. इस सिस्‍टम में इलेक्ट्रो न्यूमेटिक (Electro Pneumatic) डिस्क ब्रेक लगाए जाते हैं. इसके ब्रेक पहियों के बगल में नहीं बल्कि साथ लगाए जाते हैं।  बिजली के जरिए ही इसका ब्रेकिंग सिस्‍टम ट्रांसमिट होता है, जो काफी तेजी से काम करता है और ब्रेक लगाते ही इसका असर दिखने लगता है. यह ब्रेक सिस्‍टम ठीक वैसा ही है जैसे एक काम में होता है, जिसमें डिस्‍क और ड्रम ब्रेक लगे होते हैं. यही कारण है कि वंदे भारत ट्रेन बाकी ट्रेनों की तुलना में ज्‍यादा सुरक्षित है।  इंमरजेंसी में कैसे ट्रेन को रोकता है ये सिस्‍टम?  वंदे भारत ट्रेन में ऐसा सिस्‍टम होता है, जो इमरजेंसी में ट्रेन को आसानी से रो देता है. इसमें इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) लगाया गया है जैसा की कार में भी होता है. यह सिस्‍टम हाईस्पीड ट्रेन को इमरजेंसी में बिना किसी परेशानी के रोका सकता है. इस सिस्‍टम का ट्रॉयल अगस्‍त में पूरा कर लिया गया है, जो बिना किसी नुकसान के ट्रेन को आसानी से रोक देगा. अभी इसे यात्री ट्रेनों में लागू नहीं किया गया है।  बिजली बनाता है ये सिस्‍टम जब ट्रेन तेज गति से चल रही होती है और ब्रेक लगाया जाता है, तो सामान्‍य ब्रेक में ट्रेन की गतिज ऊर्जा बर्बाद हो जाती है, लेकिन वंदे भारत में इलेक्ट्रिक मोटर को ब्रेकिंग के दौरान जनरेटर की तरह चलाया जा सकता है. ट्रेन के पहिए मोटर को घुमाते हैं और मोटर बिजली पैदा होती है. यह बिजली रेलवे के विद्युत सिस्टम में वापस भेजी जा सकती है या सिस्टम की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल होती है।  हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार ब्रेक लगाने पर उतनी ही बिजली वापस मिलती है. ऊर्जा की कुछ मात्रा मोटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सिस्‍टम में नुकसान के कारण प्रभावित होती है. एक अनुमान के हिसाब से इस तकनीक का प्रयोग करके कम से 30 फीसदी बिजली पैदा की जा सकती है। 

Vande Bharat Special Offer: सफर के दौरान फ्री मील और पानी, लेकिन यात्रियों को माननी होगी ये शर्त

भोपाल   इंडियन रेलवे की सबसे आधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं यात्रियों को दी जा रही हैं. ये ट्रेन तूफानी स्पीड और बेहतरीन सुविधाओं के साथ फिक्स टाइमिंग के लिए जान जाती है. अब रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों के लिए और खुशखबरी दी है।  2 घंटे लेट होने पर यात्रियों को ऑफर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस अगर अपने फिक्स टाइम से लेट आती है या स्टेशन से देरी से रवाना होती है तो यात्रा के दौरान यात्रियों को फ्री में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. रेलवे के इस ऑफर से यात्रियों का भरोसा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर और बढ़ेगा. इस ऑफर का मकसद यात्रियों को सफर के दौरान होने वाली असुविधा से बचाना है. रेलवे के अनुसार अगर वंदे भारत एक्सप्रेस अपने तय समय से 2 घंटे या उससे अधिक की देरी से चल रही है, तो यात्रियों को आईआरसीटीसी की तरफ से मुफ्त में खाना, नाश्ता और पीने का पानी दिया जाएगा।  सुबह और रात के हिसाब से खाने का मेनू तय रेलवे ने साफ किया है कि इसके तहत यात्रियों से एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा. बुकिंग के समय भी इस मद का कोई चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा. ट्रेन के लेटलतीफ होने पर समय के अनुसार खाने का मेन्यू तय होगा. अगर ट्रेन सुबह 2 घंटे से ज्यादा लेट है तो चाय-कॉफी के साथ हेवी ब्रेफास्ट पैसेंजर्स को सर्व किया जाएगा. यदि ट्रेन दोपहर या रात के भोजन के समय लेट होती है, तो यात्रियों को पूरा शाकाहारी भोजन मिलेगा. यात्रियों को रेल नीर (पीने का पानी) भी अतिरिक्त रूप से मुफ्त दिया जाएगा।  बुकिंग के समय नो फूड विकल्प चुनने पर भी सुविधा इस ऑफर में ध्यान रखने योग्य बात ये है कि अगर आपने बुकिंग के दौरान नो फूड का ऑप्शन चुना है तो भी ट्रेन के लेट होने पर फ्री में भोजन व पानी मिलेगा. रेलवे ने साफ किया है कि फ्री मील सर्विस सभी यात्रियों के लिए होगी. टिकट बुक कराते समय आपने फूड का विकल्प चुना हो या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।  मध्य प्रदेश से चलती है 5 वंदे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश को कुल 5 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है. ये ट्रेनें राज्य के प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और खजुराहो को आपस में और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ती हैं. ये हैं रानी कमलापति (भोपाल)- हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली), भोपाल- इंदौर-नागपुर ट्रेन, भोपाल-जबलपुर-रीवा वंदे भारत ट्रेन, खजुराहो- हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, वाराणसी से खजुराहो के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस।  भोपाल रेल मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया "वंदे भारत एक्सप्रेस के 2 घंटे या उससे अधिक लेट होने पर यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए रेलवे द्वारा बिल्कुल मुफ्त भोजन, नाश्ता और रेल नीर की सुविधा दी जाएगी. ट्रेन के देरी से चलने के समय के आधार पर यात्रियों को भारी नाश्ता या पूरा शाकाहारी भोजन निःशुल्क परोसा जाएगा. यह रेलवे की तरफ से मिलने वाली पूरी तरह से काम्प्लीमेंट्री सेवा है।