samacharsecretary.com

भारत ने श्रीलंका को 7 विकेट से हराया, सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई, शेफाली के बल्ले से तूफान

विशाखापत्तनम 
   
भारत और श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम के बीच मंगलवार को दूसरा टी20 मैच विशाखापत्तनम में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने एकतरफा 7 विकेट से जीत हासिल की. टॉस जीतकर भारत ने श्रीलंका को पहले बैटिंग का न्योता दिया था. श्रीलंका ने भारत के सामने 129 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में भारतीय टीम ने 12वें ओवर में ही इसे चेज कर लिया. शेफाली वर्मा ने तूफानी पारी खेली और 34 गेंदों में 69 रन बनाए. इस जीत के साथ ही भारत ने 5 मैचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली है.

 5 मैचों की सीरीज के पहले मैच में भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका को 8 विकेट से रौंदा था. इस सीरीज को अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से भी जरूरी माना जा रहा है.

ऐसी रही भारत की बल्लेबाजी

129 रनों के जवाब में भारत की शुरुआत बेहद शानदार रही. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने ठोस शुरुआत दिलाई. लेकिन चौथे ओवर में मंधाना 14 रन बनाकर आउट हो गईं. लेकिन इसके बाद जेमिमा और शेफाली ने तूफानी बल्लेबाजी की और 10 के औसत से रन बनाए. 8वें ओवर में जब भारत को जेमिमा के रूप में दूसरा झटका लगा तब भारत का स्कोर 87 रन था. इसके बाद शेफाली और हरमनप्रीत कौर ने कमान संभाली. शेफाली ने 27 गेंदों में पचासा जड़ा. इसके बाद हरमनप्रीत 10 रन बनाकर आउट हो गईं. लेकिन शेफाली 69 रन बनाकर नाबाद रहीं और भारत ने ये मैच जीत लिया.

ऐसी रही श्रीलंका की बैटिंग

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में गुणारत्ने अपना विकेट गंवा बैठीं. इसके बाद चमारी अट्टापट्टू ने पारी को कुछ संभालने की कोशिश जरूर की. लेकिन 38 के स्कोर पर श्रीलंका को दूसरा झटका लगा. ये मैच वैष्णवी के लिए काफी खास रहा. क्योंकि उन्हें दो सफलता मिली. ये वैष्णवी का दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच था. आखिरकार श्रीलंका ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 128 रन बनाए. भारत की ओर से श्री चरणी को 2 तो वैष्णवी को 2 विकेट मिले. जबकि क्रांति और स्नेह राणा को 1-1 सफलता मिली. 

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here