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रांची में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया

रांची
 रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे दुबई में बैठा एक नेटवर्क सक्रिय था, जिसने लोहरदगा निवासी अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था।

पुलिस की कार्रवाई में पैर में गोली लगी
इस मामले में गिरफ्तार अमन अंसारी, सैफ अंसारी और अयान खान से पूछताछ जारी है। इसी दौरान कोतवाली थाना से फरार हुए सैफ अंसारी को मांडर में पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। भागने के दौरान पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपितों को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना में रखा गया था। इसी दौरान सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी। वह बाथरूम गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। संदेह होने पर पुलिसकर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो पता चला कि वह वेंटिलेटर के रास्ते फरार हो चुका है।

इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने सैफ की गतिविधियों पर नजर रखी।

जांच के दौरान सूचना मिली कि वह बस से मांडर की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने मांडर टोल प्लाजा के पास बस को रुकवाया और सैफ को हिरासत में ले लिया।

दुबई में बैठकर भट्टी देता है टास्क,मंगवाता है वीडियो
पूछताछ और तकनीकी जांच में पुलिस को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के संकेत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने वाला शाहबाज आलम उर्फ भट्टी आरएसएस कार्यालय पर हमले की साजिश का मुख्य सूत्रधार है।

पुलिस के अनुसार, भट्टी और राना हुसैन दुबई में रहकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा टीटीएच नामक आतंकी संगठन के लिए काम करते हैं। इन्हीं लोगों ने अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था।

पुलिस का कहना है कि इस काम के बदले अमन को मोटी रकम मिलने वाली थी। अमन ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन जब वह आरएसएस कार्यालय परिसर की ओर पेट्रोल बम फेंक रहा था, तब उसका साथी सैफ अंसारी पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। हमले के बाद वीडियो रिकॉर्डिंग दुबई में बैठे शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजी गई थी।
दुबई में एसी तकनीशयन का काम करता था अमन वहीं पर भट्टी से हुई थी मुलाकात

जांच में यह भी जानकारी मिली है कि अमन अंसारी के बैंक खाते में कई बार विदेश से पैसे भेजे गए थे। पुलिस इन लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अमन की मुलाकात भट्टी से उस समय हुई थी जब वह दुबई में एसी तकनीशियन के रूप में काम करता था। जनवरी में उसका वीजा समाप्त हो गया था, जिसके बाद उसे भारत लौटना पड़ा। हालांकि भारत लौटने के बाद भी वह लगातार भट्टी के संपर्क में बना रहा।

भट्टी के नेटवर्क को तलाश रही है पुलिस
अब पुलिस का फोकस झारखंड में सक्रिय उन लोगों की पहचान करने पर है, जो कथित रूप से भट्टी के संपर्क में हैं या उसके लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न जिलों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।

आरएसएस कार्यालय पर हमले की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस ने संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। घटना के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे।

जांच के दौरान अमन और सैफ को रांची रेलवे स्टेशन की ओर जाते हुए देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी और दोनों को कोडरमा से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें सड़क मार्ग से रांची लाया गया फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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