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इजरायली एयरस्ट्राइक से स्वेदा में सैन्य ठिकानों पर कहर, स्वेदा में एयरस्ट्राइक से भारी तबाही,कई हथियार डिपो ध्वस्त

स्वेदा 

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उसने सीरिया के स्वेदा क्षेत्र में सीरियाई सरकारी बलों पर अपने हमले जारी रखे हैं. शनिवार को जारी एक बयान में आईडीएफ ने इन हमलों का ताज़ा वीडियो भी जारी किया है, जिसमें सैन्य ठिकानों और वाहनों को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है. 

सूत्रों के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने अपने इन ताजा हमलों में बख्तरबंद गाड़ियों और भारी मशीनगनों से लैस पिकअप ट्रकों को निशाना बनाया, जो स्वेदा शहर की ओर बढ़ रहे थे. यह शहर बहुसंख्यक द्रूज़ समुदाय का गढ़ माना जाता है और वहां इन दिनों गंभीर झड़पें हो रही हैं.

आईडीएफ ने बताया कि केवल सैन्य वाहनों को ही नहीं, बल्कि सीरियाई सेना की चौकियों, हथियार डिपो और अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी दक्षिणी सीरिया में निशाना बनाया गया है. यह हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब सीरियाई सरकार विरोधी गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है और क्षेत्र में ईरानी समर्थक गुटों की मौजूदगी को लेकर इजरायल पहले से ही सतर्क है.

स्वेदा में हालात गंभीर
स्वेदा में द्रूज़ समुदाय के नागरिकों और सरकारी बलों के बीच हाल ही में तनाव और झड़पें बढ़ी हैं. इजरायल का कहना है कि उसने हमले आत्मरक्षा में किए हैं क्योंकि उसकी सीमाओं के पास सीरियाई और ईरानी गतिविधियां खतरा बन रही थीं.

वीडियो किया जारी
इससे पहले जब इजरायल ने मिसाइल के जरिए हमला किया था तो उसका वीडियो भी जारी किया था.  वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही इजरायली मिसाइल सैन्य मुख्यालय में गिरी तो उसके परखच्चे उड़ गए. मिसाइल का पेलोड कितना रहा होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि कुछ सेकेंड्स में पूरी इमारत धुएं का गुबार बन जाती है. जो इंपैक्ट साइट है वहां मलबा कई फीट ऊपर बिखर जाता है.

इजरायल ने क्यों किया हमला?
इसे लेकर इजरायल का कहना है कि सीरिया में द्रूज समुदाय के साथ वहां की फौज अमानवीय हरकत कर रही है. सीरियन फौज से लड़ाई में द्रूज समुदाय के 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. उसी का बदला लेने के लिए या यूं कहिए सीरिया की फौज को रोकने के लए इजरायल ने ये हमला किया है. इस बीच आज यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक भी आज बुलाई गई है.

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