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खुशियों के बाद मातम: सालगिरह के दो दिन बाद यमुना हादसे में गई महिला की जान, गांव में पसरा शोक

मोगा/वृंदावन.

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में मोगा निवासी सपना हंस की मौत हो गई, जबकि परिवार की दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सपना हंस का शव उनके निवास स्थान पर पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

शव पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे और शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दो अलग नावों पर सवार थे परिवार के सदस्य
जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को धार्मिक यात्रा के लिए वृंदावन गया था। 10 अप्रैल को दोपहर के समय यह हादसा हुआ, जब परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे। एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य श्रद्धालुओं के साथ मौजूद थे। हादसे का शिकार हुई नाव में सवार करीब 55 वर्षीय सपना हंस की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। वहीं रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं।

8 अप्रैल को थी दंपत्ति की सालगिरह 
यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन महज दो दिन बाद यह दुखद घटना हो गई। मृतका के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी का जरा भी अंदाजा नहीं था। सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में और दूसरा दिल्ली में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया। जैसे ही शव मोगा पहुंचा, गुरु रामदास नगर इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।

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