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18 महीने की जांच के बाद इंसाफ: बच्ची के हत्यारों को मिली फांसी की सजा

आगरा 
यूपी के आगरा में मासूम बच्ची से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। 18 महीने बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। बतादें कि 2024 में दो लड़कों ने एक बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बच्ची के पिता को फोन करके छह लाख की फिरौती भी मांगी थी। पीड़ित ने बाह थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद से कोर्ट में केस विचाराधीन था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि के मुताबिक मामले में गुरुवार को कोर्ट में गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

मामला बाह थाना क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत फरेरा में 18 मार्च 2024 को हुकम सिंह के लड़के हरेंद्र की पुत्री (पल्लवी) को परिवार के ही अमित पुत्र रामसरन जो कि रिश्ते में चाचा लगता है। उसने अपने साथी निखिल निवासी होलीपुरा के साथ 18 मार्च को अगवा करके बलात्कार कर गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया था ‌और हत्या के बाद 6 लाख की फिरौती मांगी गई थी। ‌जिसको परिवार वाले देने को तैयार थे लेकिन हत्या पहले ही कर दी गई थी, जिस कारण आरोपी गुमराह करते रहे और पैसे के लिए बार-बार जगह व मोबाइल नंबर बदल कर गुमराह करते रहे थे। बाद में जिसको पुलिस व एसओजी एवं एसटीएफ ने 20 मार्च 2024 को आरोपियों को पकड़ा था और आरोपियों के निशानदेही पर शव को बरामद कर आरोपियों को जेल भेजा था, जिसमें पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

 

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