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कपिल मिश्रा पर जांच रोक, कोर्ट ने दिल्ली दंगों मामले में आदेश को किया खारिज

नई दिल्ली

दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को राऊज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिली है. राऊज एवेन्यु  सेशन कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका को जांच को लेकर दिए मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द किया है. इस आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस दोनों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी  थी. 

क्या था मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश

1 अप्रैल को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट  वैभव चौरसिया ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जाँच करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने यह आदेश  मोहम्मद इलियास नाम के शख्श की अर्जी पर दिया था जिसमे दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.मोहम्मद इलियास ने कोर्ट में दायर शिकायत में कहा था कि  उन्होंने 23 फरवरी 2020 को कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कर्दमपुरी में मुस्लिम की रेहड़ी पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए भी देखा था. मौके पर  दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे. शिकायत के मुताबिक  कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.

एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इस मामले में कोर्ट के सामने जो तथ्य रखें गए है, उसके मद्देनजर कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा की मौजूदगी साबित हो रही है और ये संज्ञेय अपराध का मामला बनता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जांच का आदेश दिया था.

दिल्ली पुलिस का रुख

मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग का विरोध किया था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि इस मामले में कपिल मिश्रा को फंसाने की साजिश हो रही है.सेशन कोर्ट ने कपिल मिश्रा और पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके चलते कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच  अभी रुकी हुई थी. अब सेशन कोर्ट ने चूंकि इस आदेश को रद्द ही कर दिया है ,इसलिए अब साफ है कि उनकी भूमिका को लेकर कोई जांच नहीं होगी. 

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