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लक्ष्य बड़े रखें, उत्साह से कार्य करने पर निश्चित रूप से मिलेगी सफलता : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का किया शुभारंभ
पंचायतों में बिना मांग स्वीकृत किए नए भवन, अब तीन मंजिल तक कर सकेंगे निर्माण: मंत्री श्री पटेल
पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन

भोपाल 
पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 24 नवंबर से चल रही पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। कार्यशाला के अंतिम दिन उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जिला पंचायत सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का शुभारंभ किया। उत्कृष्ट लोक अधिकार केंद्रों के माध्यम से महिलाओं के हक एवं अधिकारों पर कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होता, लक्ष्य बड़ा होना चाहिए। मन में काम करने का उत्साह रहेगा तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद जन-प्रतिनिधियों से सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपील की।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि इस बार कार्यशाला में सरपंच संगठन, सचिव संगठन और जीआरएस संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की जनप्रतिनिधियों को अधिकारों और कर्तव्यों पर गंभीरता से विचार कर सार्वजनिक जीवन में बनी नकारात्मक धारणा को समाप्‍त करते हुए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जहां पंचायत भवन नहीं थे, वहां बिना मांग के नए भवन स्वीकृत किए गए। अब पंचायत भवन तीन मंजिला बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार उनका उपयोग हो सकेगा। इसी तरह ग्राम पंचायत, जनपद पंचायतों में सामुदायिक भवन भी बनवाए जा रहे हैं। पंचायतों को ग्राम सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के विषयों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि को स्वयं से तीन प्रश्न जरूर पूछने चाहिए। पहला- मेरे कर्तव्य क्या हैं? दूसरा- मेरा वित्तीय प्रबंधन कितना पारदर्शी है? और तीसरा- समाज के लिए मेरा योगदान क्या है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य और ईमानदारी पर अडिग रहना ही जनसेवा का मूल सिद्धांत है।

कार्यशाला के आखिरी दिन दो सत्र हुए। इसमें प्रदेश के जिला पंचायत सदस्य शामिल हुए। जिला पंचायत की स्थायी समितियों की नियमित बैठकें एवं जिला पंचायत डेवलपमेंट प्लान को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने बेहतर विकास को लेकर सुझाव दिए। बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, संचालक श्री छोटे सिंह, एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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