samacharsecretary.com

आशिमा मॉल से बावड़ियाकलां रेलवे ओवरब्रिज के लिए भू-अर्जन का कार्य एक माह में पूर्ण कर निर्माण करें शुरू

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने आशिमा मॉल से बावड़ियाकलां चौराहे तक बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह ओवरब्रिज क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को एक माह में जमीन अधिग्रहण और भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने तथा कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्यमंत्री गौर ने पिपलानी से खजूरी कलां तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए ट्रांसफॉर्मर और स्ट्रीट लाइट्स की पर्याप्त व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि उक्त स्थान पर नाली निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। राज्यमंत्री गौर ने ग्लोबल स्किल पार्क के पास पुलिया एवं मार्ग निर्माण के संबंध में अधिकारियों को 15 मई तक अतिक्रमण हटाकर अलाइनमेंट और अन्य आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने सोनागिरी सतनामी नगर से अयोध्या बायपास मार्ग और पुलिस थाना बागसेवनिया से एचडीएफसी बैंक तक मार्ग निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्यमंत्री गौर ने कहा कि सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर जनता को उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here