samacharsecretary.com

महाष्टमी के दिन यहां दीप जलाने से मिलता है मां दुर्गा का आशीर्वाद

2026 में महाष्टमी का पावन पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा। यह दिन मां महागौरी को समर्पित है और आध्यात्मिक रूप से अपनी ऊर्जा को जागृत करने और घर में सुख-समृद्धि के आह्वान के लिए सबसे शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में दीपक को ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। महाष्टमी के दिन विशेष स्थानों पर दीपक प्रज्वलित करने से न केवल घर की नकारात्मकता दूर होती है बल्कि मां दुर्गा का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि महाष्टमी पर आपको कहां-कहां दीपक जलाने चाहिए ताकि आपका घर खुशियों के भंडार से भर जाए।

अष्टमी तिथि को महाष्टमी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन मां दुर्गा ने असुरों का संहार करने के लिए अपनी दिव्य शक्तियों का पूर्ण प्रकटीकरण किया था। इस दिन दीपदान करने का अर्थ है अपने जीवन के अंधकार को मिटाकर प्रकाश का स्वागत करना।

इन 9 स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक

घर का मुख्य द्वार
घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से देवी लक्ष्मी और मां दुर्गा का आगमन होता है। अष्टमी की शाम को द्वार के दोनों ओर घी के दीपक जलाएं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और सुख-शांति बनी रहती है।

 मां दुर्गा के समक्ष
आपके पूजा कक्ष में मां दुर्गा की मूर्ति या कलश के सामने एक बड़ा दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो इसमें कपूर की एक टिक्की डाल दें। यह आपकी भक्ति को सिद्ध करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

 तुलसी का पौधा
हिंदू धर्म में तुलसी को साक्षात लक्ष्मी का रूप माना गया है। अष्टमी की शाम को तुलसी के क्यारे में दीपक जलाने से घर की दरिद्रता दूर होती है। ध्यान रहे कि दीपक की लौ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो।

रसोई घर
रसोई वह स्थान है जहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है। अष्टमी पर रसोई में पीने के पानी के स्थान के पास दीपक जलाएं। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती।

 पीपल के वृक्ष के नीचे
शास्त्रों के अनुसार, पीपल के पेड़ में त्रिदेवों और देवी-देवताओं का वास होता है। अष्टमी की रात पीपल के नीचे दीपक जलाने से ग्रह दोष शांत होते हैं। पीपल के पास दीपक जलाकर पीछे मुड़कर न देखें।

घर का ब्रह्म स्थान
अगर आपके घर में खुला आंगन है, तो उसके बीचों-बीच एक दीपक रखें। फ्लैट में रहने वाले लोग अपने हॉल के मध्य में एक सुरक्षित स्थान पर दीपक रख सकते हैं। यह पूरे घर के वास्तु दोषों को मिटाने की क्षमता रखता है।

पास के किसी मंदिर में
अष्टमी की रात अपने घर के नजदीकी देवी मंदिर में जाकर दीपदान करना अत्यंत फलदायी होता है। सामूहिक ऊर्जा वाले स्थान पर दीप जलाने से आपकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।

तिजोरी या धन रखने के स्थान के पास
जहां आप अपना धन या गहने रखते हैं, वहां दूर से एक दीपक की रोशनी पड़नी चाहिए।  यह आपके खर्चों पर नियंत्रण रखता है और आय के नए स्रोत खोलता है।

बेलपत्र के पेड़ के नीचे
अष्टमी के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से मां पार्वती और भगवान शिव दोनों प्रसन्न होते हैं।  इससे संतान सुख और पारिवारिक एकजुटता बढ़ती है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here