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जौहर टिप्पणी पर स्वरा भास्कर को मैथिली ठाकुर की खरी-खरी, कहा- समझ नहीं है तो नहीं बोलना चाहिए

मुंबई 
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर फिर से विवादों में हैं. फिल्म पद्मावत के जौहर सीन के खिलाफ बोलकर वो ट्रोल हो रही हैं. अपने बयान में स्वरा ने जौहर करने वाली महिलाओं की तुलना रेप सर्वाइवर से की थी. उनके इस बयान ने बवाल खड़ा किया है. मामला इस हद तक बढ़ गया है कि स्वरा को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। 

मैथिली ठाकुर ने किया रिएक्ट
इस पूरी कंट्रोवर्सी पर अब बीजेपी की विधायक मैथिली ठाकुर ने रिएक्ट किया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्वरा भास्कर के बयान की निंदा की. वो कहती हैं- ये बहुत ही भद्दी बात थी. उन्होंने जिस कॉन्फिडेंस के साथ जितनी उल्टी बात कही है. बहुत ही बेकार बात कही है. मुझे तो लगता है अगर उन्हें इन सभी चीजों की समझ नहीं है तो बोलना भी नहीं चाहिए. या तो पहले पूरी पढ़ाई कर लें, उसके बाद बोलें। 

स्वरा ने क्या कहा था?
एक्ट्रेस ने एक इवेंट में बताया कि फिल्म पद्मावत के जौहर सीन को देखने के बाद उन्हें बहुत निराशा हुई थी. उन्होंने फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. स्वरा के मुताबिक, फिल्म में जौहर को जिस तरह से दिखाया गया था वो परेशान करने वाला था. काफी दिनों तक वो हैरान थीं. उनके मन में ख्याल आने लगे कि क्या महिलाओं का रेप और उत्पीड़न की हिंसा से बचने के लिए मर जाना सम्मानजनक है. क्या किसी रेप सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या रेप के बाद जिदंगी को खत्म करना ही सही है?

स्वरा को मिला पति का सपोर्ट
स्वरा के इस बयान ने इंटरनेट पर कोहराम मचाया. बाद में स्वरा ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत ट्रांसलेट किया गया है. उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा. ना ही उनका अपमान किया है. स्वरा के पति फहाद ने पत्नी को सपोर्ट किया. फहाद ने X पर पोस्ट लिखकर चैलेंज करते हुए लिखा- मुझे एक व्यक्ति ये साबित कर दे कि स्वरा भास्कर ने रानी पद्मावती को कायर कहा है. हम सिर्फ माफी नहीं, बल्कि भारत का कानून जो सजा देगा, उसके लिए तैयार हैं. सरकार के तलवे चाटने वाले झूठ को सच बनाकर पेश करते हैं. हमारी लड़ाई तुम्हारे झूठ और नफरत की विचारधारा से है और हमेशा रहेगी। 

इंडस्ट्री के दूसरे लोगों ने भी स्वरा के बयान की आलोचना की थी. वहीं फिल्म पद्मावत के लेखक प्रकाश कपाड़िया ने जौहर सीन का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ये सीन उस दौर की ऐतिहासिक वास्तविकता को दिखाने के लिए जरूरी था। 

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