samacharsecretary.com

बड़ी ऊर्जा योजना: अनूपपुर में निवेश से 4,000 मेगावॉट बिजली, 60 हजार करोड़ खर्च होंगे

अनूपपुर 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ. यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है. जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है.

4000 मेगावॉट से ऊर्जा का विस्तार- सीएम मोहन यादव

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे. इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी. डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. 

निवेशकों की पहली पसंद मध्यप्रदेश- सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है. विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है. इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है.

प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा. प्रदेश में साल-2026 को कृषक कल्याण साल के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here