सीतापुर
यूपी के सीतापुर में सुबह-सुबह समाजवादी पार्टी के ऑफिस में योगी सरकार का बुलडोजर गरजा। टॉउन हॉल परिसर में 21 साल पहले नजूल भूमि पर बना कार्यालय चार बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रशासन द्वारा नोटिस जारी होने पर दो दिन पहले सपा कार्यालय खाली कर दिया गया था।
टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने नियम विरुद्ध 15 जनवरी 2005 को समाजवादी पार्टी के कार्यालय संचालन के लिए आवंटित किया था। जिसका वार्षिक किराया केवल 100 रुपये था। आवंटन प्रक्रिया नियम विरुद्ध होने पर पूर्व में नगर पालिका ने उक्त आवंटन को निरस्त कर दिया था। आवंटन निरस्त होने के बाद भी सपा कार्यालय नियम विरुद्ध संचालित हो रहा था। बीते आठ जून को जिलाधिकारी न्यायालय ने नोटिस जारी कर कार्यालय को 15 दिन के भीतर खाली करने का आदेश जारी किया गया था।
प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। तय समय पूरा होने के पहले ही सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने लगभग दो दिन पहले ही कार्यालय खाली कर दिया। कार्यालय खाली होने के बाद सोमवार इसके बाद सोमवार सुबह ही प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंच गए। समाजवादी पार्टी कार्यालय की बिल्डिंग को बुलडोजर की मदद से जमीदाज कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सपा कार्यालय को दिया गया था नोटिस
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने कहा कि नियमों के तहत संबंधित पक्ष को विधिवत नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भूमि को खाली कराया गया, क्योंकि उस पर अवैध कब्जा था। यहां एक पार्टी कार्यालय संचालित हो रहा था। प्रशासन का उद्देश्य इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर सरकारी महाविद्यालय के निर्माण के लिए सुरक्षित करना है।
बागपत में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर
उधर, बागपत के राजपुर खामपुर गांव में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बनी करीब 40 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
राजपुर खामपुर गांव में तकिए वाली मस्जिद है। करीब पांच साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई गई थी कि इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है। शिकायत के अनुसार तालाब की जमीन पर करीब 40 साल पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था। मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। अब न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ शनिवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।





