samacharsecretary.com

IDFC और AU बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा, तीन और IAS अधिकारी जांच के घेरे में

चंडीगढ़

हरियाणा में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले में तीन और सीनियर आइएएस अधिकारी जांच के लपेटे में आ गए हैं।

हाल ही में सीबीआई को पांच आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दे चुकी प्रदेश सरकार ने तीन और आइएएस अधिकारियों से भी सवाल-जवाब करने की मंजूरी दे दी है।

आठ आइएस अधिारियों से होगी पूछताछ
वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में कुल आठ आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। सरकार की ओर से लिखित स्वीकृति मिलते ही सीबीआई टीम जांच पर आगे बढ़ेगी। जांच की कमान सीबीआई द्वारा संभालने के बाद से ही बैंक घोटाले को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।

सबसे पहले 2014 बैच के आइएएस अनीश यादव ने घोटाले काे पकड़ा था। वर्ष 2024 में तत्कालीन कृषि निदेशक अनीश यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी।

तब जांच में सामने आया कि आइडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपये जमा किए गए। घोटाले के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब सीबीआई भी कमेटी की उसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

अभी तक की जांच में सामने आया है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े आइएएस अधिकारी ने मातहत अधिकारियों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का दबाव बनाया गया।

इसी दबाव में अन्य आइएएस अधिकारी की ओर से बाकायदा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि विभाग के सीनियर अधिकारी से टेलीफोन पर चर्चा के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए हैं।

आरोप है कि एक मंत्री ने घोटाले में आरोपित पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश भी की। हालांकि यह सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई थी।

विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपये आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस राशि से एक फार्च्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। जेल में बंद नरेश कुमार से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here