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मनोज बाजपेयी ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों बदला गया फिल्म का नाम

कई महीनों पहले मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स फिल्म के टाइटल पर बवाल खड़ा हो गया था. फिल्म का नाम घूसखोर पंडत था, जिसपर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की. उनका कहना था कि ‘घूसखोर’ और ‘पंडत’ शब्दों को साथ इस्तेमाल करने से एक खास समुदाय को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. मामला इतना बढ़ा कि फिल्म के खिलाफ FIR भी दर्ज हुई और कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई. बाद में फिल्म का प्रमोशनल मटीरियल भी हटा दिया गया था.

टाइटल पर छिड़े विवाद से क्या था मनोज का रिएक्शन?
अब ये गजब रात के नाम से नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई, जिसका ट्रेलर कुछ वक्त पहले ही रिलीज हुआ. फिल्म की रिलीज के मौके पर मनोज बाजपेयी ने इस विवाद पर भी अपनी बात रखी. जूम संग बातचीत में एक्टर ने बताया कि फिल्म का वर्किंग टाइटल शुरू से 'घूसखोर पंडित' नहीं था. फिल्म के क्लैपबोर्ड पर कोई दूसरा नाम लिखा हुआ था. बाद में टीम को लगा कि 'घूसखोर पंडित' नाम फिल्म के किरदार को ज्यादा सही तरीके से दिखाता है. इसलिए प्रमोशन के दौरान इस नाम को अपनाया गया.

मनोज ने कहा- आपत्ति उन लोगों की तरफ से आई, जिन्होंने फिल्म या ट्रेलर नहीं देखा था. वो सिर्फ टाइटल से ही नाराज थे. हमने तुरंत इस पर ध्यान दिया, इसे ठीक किया और फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन में चली गई. मनोज बाजपेयी ने इस बात से भी इनकार किया कि टाइटल को लेकर हुए विवाद की वजह से फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाई गई. उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज हमेशा इसी समय के आसपास तय थी. इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ.

उन्होंने बताया कि फिल्म को साल के फर्स्ट हाफ में रिलीज करने की तैयारी थी, लेकिन OTT प्लेटफॉर्म्स अपना शेड्यूल काफी पहले तैयार कर लेते हैं. मनोज ने कहा- मैं इसे लेकर किसी तरह की सफाई नहीं दे रहा हूं, क्योंकि आपको पता है कि OTT और नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म पूरे साल का शेड्यूल काफी पहले ही तय कर लेते हैं.

घूसखोर पंडत टाइटल पर क्या बोले थे प्रोड्यूसर?
फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने सफाई देते हुए कहा था कि फिल्म एक काल्पनिक पुलिस कहानी है और ‘पंडत’ सिर्फ फिल्म के एक काल्पनिक किरदार का बोलचाल वाला नाम है. उनका कहना था कि फिल्म का मकसद किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है.

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