samacharsecretary.com

मायावती का बड़ा संगठनात्मक फैसला, आनंद कुमार संभालेंगे राज्यों की जिम्मेदारी; आकाश आनंद पर भी हमला

नई दिल्ली
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने रविवार को मीडिया के सामने आकर इस बात पर जोर दिया कि वह बीमार नहीं हैं। मायावती ने कहा कि उनके द्वारा पार्टी से निकाले गए लोग उनके पार्टी के लोगों में भ्रम फैला रहे हैं कि बहन जी बीमार है। उन्होंने इसे लेकर भतीजे आकाश आनंद पर सीधा निशाना भी साधा। बताया कि शविवार रात आकाश ने मेरे निवास पर पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार को फोन कर मेरे स्वास्थ्य की जानकारी ली थी, जो गंभीर बात है। आकाश ने आलोक कुमार से यह भी कहा था कि इसकी जानकारी बहनजी को मत देना। इसके साथ ही मायावती ने अब अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार का कद बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि यूपी-उत्तराखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों में पार्टी के काम को दो सेक्टरों में रखा गया है। इन दोनों सेक्टरों की समीक्षा हर डेढ़ महीने पर दिल्ली में पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार करेंगे।

मायावती ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से वह अपने कड़े निर्णयों की जानकारी अपने एक्स अकाउंट के जरिये साझा कर रही थीं, इसलिए सब कुछ साफ करने के लिए आज सामने आकर बता रही हूं। मेरे कड़े निर्णयों से पार्टी और संगठन को फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि तीन सितम्बर को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी को तीन सेक्टर में बांट दिया गया है, इसमें सेक्टर एक में यूपी और उत्तराखंड है और इनकी निगरानी और समीक्षा वह खुद कर रही है। शेष राज्यों को बाकी दो सेक्टर में रखा गया है, जिसकी समीक्षा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार करेंगे और मुझे रिपोर्ट देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों में प्रभारी काम करेंगे और मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त कर दिया गया है।

पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर सरकार से की ये अपील
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक अपने मानदेय को सम्मानजनक करने और संविदा के स्थान पर स्थायीकरण आदि की मांगों को लेकर लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम ग्रीन ईको गार्डन के पास आंदोलन कर रहे हैं। सरकार इनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार अवश्य करे।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की उपलब्धियों को सराहा
बसपा प्रमुख मायावती ने नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यू्क्रेन और ईरान के खिलाफ अमरीका के युद्ध के लगातार तनातनी और हाई टैरिफ आदि थोपने से भारी आर्थिक संकट जैसे हालातों और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स संघ के देशों की आपसी सहमति से 140 पैराग्राफ का दिल्ली घोषणा पत्र का सर्वसम्मति से जारी होना आपसी अच्छी सूझबूझ और कूटनीतिक उपलब्धि से कम नहीं है। इन देशों के बीच और अच्छे संबंधों की उम्मीद जगाने वाला है। इसके साथ ही फिलस्तीन और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण को उचित समर्थन मिला है। इसके साथ ही पड़ोसी देश चीन से मतभेद नहीं बढ़ने देने और एक-दूसरे को विकास में पार्टनर समझने के दृष्टिकोण के कितने अच्छे नतीजे निकलेंगे ये आने वाले समय में जांच-परख की बात है। दोनों देशों के बीच सीमा का विवाद जितना जल्दी सुलझ जाए उतना अच्छा रहेगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here