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झारखंड के 7 जिलों में आधे से ज्यादा छोटे प्रतिष्ठान, गिरिडीह सबसे आगे; पाकुड़ में महिला उद्यमिता मजबूत

रांची
 अनिगमित (अनइनकॉरपोरेटेड) गैर कृषि क्षेत्र राज्य भर में रोजगार, आजीविका तथा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

झारखंड में गिरिडीह जिला ऐसा है, जहां राज्य में सबसे अधिक अनिगमित गैर कृषि क्षेत्र के प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। यहां के इन प्रतिष्ठानों से 3.20 लाख कामगार जुड़े हैं।

राज्य के कुल अनिगमित प्रतिष्ठानों में 10.70 प्रतिशत प्रतिष्ठान इस जिला में हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा पहली बार अनिगमित गैर कृषि क्षेत्र पर किए गए जिला स्तरीय आकलन में यह तथ्य सामने आया है।

गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि राज्य के टॉप सात जिले ऐसे हैं, जहां राज्य के 50 प्रतिशत से अधिक ऐसे छोटे प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। वहीं, 10 टॉप जिलों में 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठान कार्य कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में पाकुड़ जिला ऐसा है, जहां सबसे अधिक प्रतिष्ठान महिलाओं के नेतृत्व में संचालित हैं। इतना ही नहीं, यहां सबसे अधिक महिला कामगार भी कार्यरत हैं।

पिछड़ा जिला होने के बाद भी अधिक प्रतिष्ठानों में यह राज्य में सातवें स्थान पर है। दूसरी तरफ, रामगढ़ जिले के प्रतिष्ठानों में सबसे अधिक वैसे कामगार कार्यरत हैं, जो किसी न किसी एजेंसी से हायर किए गए हैं।

रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि आधे से अधिक प्रतिष्ठान सात जिलों में केंद्रित हैं। रिपोर्ट में महिला उद्यमिता और कार्यबल में उनकी भागीदारी में महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भिन्नताओं पर प्रकाश डाला गया है।

कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी जिलों के अनुसार काफी भिन्न-भिन्न है। महिला श्रमिकों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले शीर्ष तीन जिले पाकुड़, साहिबगंज और पश्चिमी सिंहभूम में स्थित हैं।

झारखंड के टॉप टेन जिले जहां अधिक अनिगमित प्रतिष्ठान हैं-
    गिरिडीह : 2,26,339
    धनबाद : 2,18,121
    बोकारो : 1,52,123
    पलामू : 1,35,295
    रांची : 1,29,972
    पूर्वी सिंहभूम : 1,14,650
    पाकुड़ : 1,10,144
    हजारीबाग : 1,06,857
    देवघर : 97,763
    गढ़वा : 91,553

महिला नेतृत्व वाले सबसे अधिक प्रतिष्ठान वाले टाप तीन जिले (आंकड़े प्रतिशत में)
    पाकुड़ : 56.26
    साहिबगंज : 41.70
    गढ़वा : 37.20

अधिक महिला कामगार वाले प्रतिष्ठान में टाप तीन जिले (आंकड़े प्रतिशत में)
    पाकुड़ : 55.30
    साहिबगंज : 43.35
    पश्चिमी सिंहभूम : 38.35

 

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